मौर्य कौन थे ? | पूरी जानकारी | Complete Information About Maurya Empire in Hindi

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मौर्य कौन थे ? | पूरी जानकारी | Complete Information About Maurya Empire in Hindi


मौर्य कौन थे ?(Who was Maurya ?)


  • स्पूनर के अनुसार मौर्य पारसिक थे क्योंकि अनेक मौर्यकालीन प्रथाएं पार्थिक प्रथाओं से मिलती-जुलती हैं |
  • ब्राह्मण साहित्य, विष्णु पुराण, मुद्राराक्षस, कथासरित्सागर, बृहत्कथा मंजरी के अनुसार मौर्य शूद्र थे |
  • बौद्ध परंपराओं के अनुसार मौर्य क्षत्रिय थे तथा गोरखपुर क्षेत्र के निवासी थे | 
  • ग्रीक लेखक जस्टिन तथा जैन परंपरा के अनुसार चंद्रगुप्त निम्न जाति का था |
  • महावंश टीका के अनुसार वह क्षत्रिय था |
  • चाणक्य के अर्थशास्त्र में एक स्थान पर लिखा है कि वह शूद्र नंद वंश का विनाश करना चाहता था, अतः वह स्वयं क्षुद्र को शासक नहीं बना सकता था अतः वह मोरेय नामक क्षत्रिय था

मौर्य वंश के इतिहास के स्रोत (Sources of Maurya Vansh)


  1. कौटिल्य का अर्थशास्त्र
  2. विशाखदत्त मुद्राराक्षस
  3. अभिलेख
  4. ब्राह्मण साहित्य
  5. जैन साहित्य
  6. बौद्ध साहित्य
  7. कलावशेष
  8. यूनानी लेखकों के वृतांत

चंद्रगुप्त मौर्य (Chandragupt Maurya)


  • चंद्रगुप्त मौर्य भारतीय इतिहास में पहला महान सम्राट था, उसने अपने गुरु एवं मंत्री विष्णुगुप्त जिसे इतिहास में चाणक्य के नाम से जाना जाता है की सहायता से भारत को यूनानी शक्तियों से मुक्त कराया इसके पश्चात मगध के नंद वंश के राजा घनानंद को सिंहासन से उतारकर मगध राज्य छीन लिया | 
  • 305 ईसापूर्व में सीरिया के यूनानी शासक सेल्यूकस को पराजित कर संधि के लिए मजबूर किया, संधि की शर्ते प्रकार थी-
  1. संधि के अनुसार सेल्यूकस ने चंद्रगुप्त को एरिया (हिरात), परोपनिसदी(काबुल), अराकोशिया(कंधार), जैद्रोशिया (बलूचिस्तान) चार प्रांत दे दिए
  2. सेल्यूकस की पुत्री हेलेन से चंद्रगुप्त मौर्य का विवाह संपन्न हुआ
  3. चंद्रगुप्त के दरबार में मेगास्थनीज को राजदूत के रूप में भेजा
  4. चंद्रगुप्त मौर्य ने सेल्यूकस को उपहार स्वरूप 500 हाथी प्रदान किए

चंद्रगुप्त मौर्य की विजय (The victory of Chandragupta Maurya)


  1. पंजाब विजय
  2. मगध विजय
  3. मलयकेतु के विद्रोह का दमन
  4. सेल्यूकस पर विजय
  5. पश्चिमी भारत पर विजय
  6. दक्षिण भारत की विजय

साम्राज्य विस्तार (Empire expansion)


  • चंद्रगुप्त मौर्य ने एक विस्तृत राज्य की स्थापना की थी |
  • उसने उत्तर में हिमालय से लेकर दक्षिण में मैसूर पूर्व में बंगाल से लेकर उत्तर पश्चिम में हिंदुकुश पर्वत तथा पश्चिम में अरब सागर तक अपने साम्राज्य का विस्तार किया
  • पाटलिपुत्र उसकी राजधानी थी

चंद्रगुप्त मौर्य का अंतिम दिन (Last day of Chandragupta Maurya)


  • बौद्ध साहित्य के अनुसार मौर्य वंश के संस्थापक चंद्रगुप्त मौर्य ने लगभग 24 वर्ष तक सफलतापूर्वक शासन किया | 
  • जैन साहित्य के अनुसार अपने जीवन के अंतिम दिनों में चंद्रगुप्त मौर्य ने राजकाज अपने पुत्र को सौंप दिया और जैन धर्म स्वीकार कर जैन भिक्षु भद्रबाहु के साथ मैसूर चला गया वहीं सन्यासियों का जीवन व्यतीत करते हुए 298 ईसापूर्व के लगभग उसकी मृत्यु हो गई

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