गांधार तथा मथुरा कला शैली GANDHAR AND MATHURA KALA (प्राचीन इतिहास भाग 21)

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इस ऑडियो क्लिप में आप जानेंगे विभिन्न कला शैलियों के बारे में 

tags: gandhar kala and mathura kala in hindi, ancient history notes, gandhar murti kala, boddh murti

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puja guptaMAHENDRA KUMAR Recent comment authors
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Katyayan gaurang Brahmavarti Kanyakubj Mishra
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Katyayan gaurang Brahmavarti Kanyakubj Mishra

nice attempt.. keep it up. but sometimes i think not all the subjects can be described verbally… which require visual comparison also???

MAHENDRA KUMAR
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MAHENDRA KUMAR

SIR MUJHE MATHURA KA SAILI LOD KARANA HAI.

puja gupta
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puja gupta

मूर्ति कला की तीन प्रमुख शैलियों अर्थात गंधार, मथुरा और अमरावती शैली का विकास अलग-अलग स्थानों पर हुआ है | गंधार शैली का विकास आधुनिक पेशावर और अफगानिस्तान के निकट पंजाब की पशिचमी सीमाओं में 50 ईसा पूर्व से लेकर 500 ईस्वी तक हुआ| मथुरा शैली का विकास पहली और तीसरी शताब्दी ई .पू के बीच की अवधि में यमुना नदी के किनारे हुआ और भारत के दक्षिणी भाग में, अमरावती शैली का विकास सातवाहन शासकों के संरक्षण में कृष्णा नदी के किनारे हुआ था | इस लेख में इन शैलियों के बीच के अंतर का अध्ययन करेंगे |

puja gupta
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puja gupta

मूर्ति कला की तीन प्रमुख शैलियों अर्थात गंधार, मथुरा और अमरावती शैली का विकास अलग-अलग स्थानों पर हुआ है | गंधार शैली का विकास आधुनिक पेशावर और अफगानिस्तान के निकट पंजाब की पशिचमी सीमाओं में 50 ईसा पूर्व से लेकर 500 ईस्वी तक हुआ| इस शैली को ग्रीको-इंडियन शैली के रूप में भी जाना जाता है | मथुरा शैली का विकास पहली और तीसरी शताब्दी ई .पू के बीच की अवधि में यमुना नदी के किनारे हुआ | ये मूर्तियां मौर्य कल के दौरान मिली पहले की यक्ष मूर्तियों के नमूने पर आधारित हैं और भारत के दक्षिणी भाग में,… Read more »