संगम काल का इतिहास [SANGAM KAAL KA ITIHAAS]

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 संगम काल का इतिहास 
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संगम काल के इतिहास परीक्षा की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है, तथा इस भाग की महत्ता को नकारा नहीं जा सकता, इस भाग में आप पाएंगे
  1. संगम के काल के बारे में
  2. उस समय में रची गयी रचनाओं के बारे में
  3. उनके रचनाकारों के बारे में
  4. तथा अन्य सभी तथ्य जो इतिहास के इस भाग से महत्वपूर्ण हैं 

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  1. यह युग दक्षिणी भारत में पहली शताब्दी से दूसरी सदी (1st century B.C. to the end of 2nd century A.D.) के बीच की अवधि में था।
    प्राचीन दक्षिण भारत में आयोजित तीन संगम थे, जिन्हें लोकप्रिय रूप से Muchchangam कहा जाता था।
    इन संगमों का विकास मदुराई के पांड्या राजाओं के शाही संरक्षण के तहत हुआ।
    संगम युग के दौरान प्रमुख तीन राजवंशों ने शासन किया जिनमें चेर, चोल और पाण्ड्य राजवंश थे।
    इन राज्यों के साक्ष्य के मुख्य स्रोतों को संगम अवधि के साहित्यिक संदर्भों में रेखांकित किया गया है।गम काल में चोल साम्राज्य तिरुची जिले से दक्षिणी आंध्र प्रदेश तक फैला हुआ था

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