जिला पंचायत परिषद, जिला पंचायत के कार्य व आय के स्रोत (Zilla Panchayat Council, Zilla Panchayat’s work and source of income)

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जिला पंचायत परिषद (District Panchayat Council)

  • जिला पंचायत/जिला परिषद पंचायती राज व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है जो अपने अधीन कार्य करने वाले पंचायती संस्थाओं तथा राज्य सरकार के मध्य की एक कड़ी है |
  • खंड स्तर की पंचायतों के प्रमुख जिला पंचायत के सदस्य होते हैं तथा अध्यक्ष का चुनाव में सदस्य द्वारा अप्रत्यक्ष पद्धति से किया जाता है तथा सांसद विधायक लोक सभा विधान मंडल परिषद के सदस्य होते हैं |
  • जिला परिषद का कार्यकाल 5 वर्ष होता है तथा इसे समय से पहले भंग करने पर चुनाव 6 माह के अंदर कराना आवश्यक है |
  1. जिला परिषद – उड़ीसा, बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश |
  2. महा कोमा परिषद – असोम |
  3. जिला पंचायत – मध्य प्रदेश, गुजरात |
  4. जिला विकास परिषद – कर्नाटक, तमिलनाडु |

जिला पंचायत के कार्य (Work of district panchayat)

  1. जिले के सभी ग्राम पंचायत तथा पंचायत समितियों के बीच समन्वय बनाए रखना |
  2. राज्य सरकार द्वारा दिए गए अनुदान को पंचायत समितियों में वितरित करना |
  3. पंचायत समितियों के बजट का पर्यवेक्षण करना |
  4. कृषि विकास के लिए कार्य करना |
  5. आर्थिक व सामाजिक विकास के कार्य करना |
  6. ग्राम नियोजन जन स्वास्थ्य तथा शिक्षा व्यवस्था के लिए कार्य करना |
  7. प्राकृतिक आपदा वाले क्षेत्रों के लिए विशेष कार्यक्रम बनाना |

जिला पंचायत के आय के स्रोत (Source of income of District Panchayat)

  1. केंद्र व राज्य सरकार द्वारा दिया गया अनुदान |
  2. जिला पंचायत द्वारा क्षेत्रीय पंचायतों से की गई वसूली |
  3. राजस्व का हिस्सा |
  4. अखिल भारतीय संस्थाओं द्वारा दिया गया अनुदान |
  5. प्रशासनिक ट्रस्ट्रो से प्राप्त आय |
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