History

अलाउद्दीन खिलजी का विजय अभियान ( Alauddin Khilji ka Vijay Abhiyan)

4798
1

अलाउद्दीन खिलजी का विजय अभियान (Alauddin Khilji ka Vijay Abhiyan)

राज्य

शासक

वर्ष

खिलजी सरदार

विशेष /विवरण

गुजरात रायकरन बघेला (कर्ण) 1298 ईस्वी उलूग और नुसरत खां गुजरात अभियान के मार्ग में जैसलमेर विजित किया कर्ण भाग गया |
रणथंभौर राणा हम्मीर देव (चौहान शासक) 1301 ईस्वी   उलूग खां और नुसरत खा पहले राणा ने हमला विफल कर दिया और नुसरत खां मारा गया अब अलाउद्दीन स्वयं आया राजपूतों ने जौहर किया और हम्मीर युद्ध में मारा गया |
चित्तौड़ रतन सिंह 1303 ईस्वी अलाउद्दीन खिलजी चित्तौड पर अधिकार कर उसका नाम ‘खिज्राबाद’ रखा 1311ई. में चित्तौड़ मालदेव को सौंप दिया |
मालवा महलकदेव 1305 ईस्वी आइन उल मुल्क मुल्तानी महलक देव मांडू भाग गया और मालवा खिलजी साम्राज्य में मिल गया |
सिवाना शीतलदेव (परमार वंशीय) 1308 ईस्वी कमालुद्दीन कुर्ग
जालौर कान्हदेव (कृष्णदेव) 1311 ईस्वी कमालुद्दीन कुर्ग शासक के भाई मालदेव को खुश होकर चित्तौड़ सौंपा |

दक्षिण भारत

देवगिरी रामचंद्र देव (यादव शासक) 1296 ईस्वी अलाउद्दीन खिलजी रामचंद्र देव ने एलिचपुर प्रांत की आय देने का वादा किया |
देवगिरी रामचंद्र देव 1307 ईस्वी मलिक काफूर रामचंद्र ने कर देना बंद कर दिया था अतः आक्रमण हुआ रामचंद्र ने समर्पण किया और दिल्ली गया वहां अलाउद्दीन ने मित्रवत व्यवहार कर उसे रायरायन की उपाधि दी साथ ही नवसारी जिला भेंट किया |
वारंगल प्रताप रुद्र देव (काकतीय शासक) 1309 ईस्वी मलिक काफूर देवगिरी ने काफ़ूर को सहायता दी और काफूर तेलंगाना की राजधानी पहुंच गया और शासक की सोने की मूर्ति और कोहिनूर हीरा तथा भारी मात्रा में लूट का माल लेकर लौटा |
द्वारसमुद्र वीर बल्लाल- III (होयसल वंश) 1310 ईसवी मलिक काफूर देवगिरी का सेनापति पारसदेव (परशुराम दलावे) काफूर की मदद के लिए साथ हो लिया | वीर बल्लाल स्वयं पांडय उत्तराधिकारी युद्ध में भाग लेने गया था बल्लाल ने समर्पण किया और काफूर के साथ दिल्ली गया अलाउद्दीन ने भव्य स्वागत किया |
पांडय वीर पांडय 1311 ईस्वी मलिक काफूर काफूर पांडय राज्य के उत्तराधिकार युद्ध में सुंदर पाण्ड्य के पक्ष में गया था | साथ में बीर बल्लाल भी था वीर पांडे भागता रहा यह अभियान लूट की दृष्टि से श्रेष्ठ था |
देवगिरी शंकरदेव (सिंघण II) 1313 ईसवी मलिक काफूर सिंघण मारा गया और देवगिरी अधिकांशत: दिल्ली सल्तनत में शामिल कर लिया गया |

यह भी पढ़ें – खिलजी वंश( अलाउद्दीन खिलजी ) alauddin khilji audio notes in Hindi history part 44



1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here