मौर्योत्तर कालीन प्रमुख बंदरगाह

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मौर्योत्तर कालीन प्रमुख बंदरगाह 

सोपारा पश्चिमी तट
भड़ौच गुजरात
देवल सिंध
पोलूरा उड़ीसा तट
टेमाटाइल्स निचली गंगा घाटी
चौल (समिल्ला) केरल तट
नौरा (मंगलौर) केरल तट
टिंडीस केरल तट
मुजरिस केरल तट
कोल्वी (कोरकई) तमिल तट
पुहार (कावेरीपट्टनम) तमिल तट
मागपट्टनम तमिल तट
कमारा तमिल तट
मसूलीपट्टनम आंध्र तट
कौन्डोक आंध्र तट
साइला आंध्र तट
निट्रिग आंध्र तट
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puja gupta
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puja gupta

मौर्य काल में सम्राट की सहायता के लिए एक मंत्रिपरिषद की व्यवस्था होती थी। जिसमें 12, 16 या 20 सदस्य होते थे। मंत्रिपरिषद के सदस्यों का चुनाव अमात्यों में से उपधा परीक्षण के बाद होता था। मंत्रिपरिषद के सदस्यों को 12 हजार पण वार्षिक वेतन मिलता था। इस परिषद की अधिकांश बैठकें गुप्त रूप से सम्पन्न होती थीं। सम्भवतः कोई भी निर्णय बहुमत के आधार पर लिया जाता था। परिषद का राजा पर पूर्ण नियन्त्रण था किन्तु राजा परिषद के निर्णय को मानने के लिए बाध्य नहीं था। चाणक्य के अर्थशास्त्र में शीर्षस्थ अधिकारी के रूप में तीर्थ का उल्लेख… Read more »