अन्‍त्‍योदय अन्‍न योजना | Antyoday Ann Yojana in Hindi


  • अन्‍त्‍योदय अन्‍न योजना का लक्ष्य –  सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक केंद्रित तथा गरीब आबादी के अत्‍यंत गरीब वर्ग तक पहुँचाना
  • कब शुरू की गयी – अन्‍त्‍योदय अन्‍न योजना” (एएवाई) को दिसंबर, 2000 में शुरू किया गया था

antyoday anna yojana in hindi

क्या है योजना ? | What is Antyoday Ann Yojana in Hindi

  • अन्‍त्‍योदय अन्‍न योजना, राज्‍यों में लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत आने वाले बीपीएल परिवारों में से अत्‍यंत गरीब परिवारों की पहचान करके अत्‍यधिक रियायती दर पर यानी 2 रू. प्रति किलो गेहूँ और 3 रू. प्रति किलो चावल उपलब्ध कराती है।
  • वितरण लागत, व्‍यापारियों तथा खुदरा विक्रेताओं का लाभ और परिवहन लागत राज्‍यों/संघ राज्‍य क्षेत्रों को वहन करना पड़ता है। अत: इस योजना के अंतर्गत पूरी खाद्य सब्सिडी उपभोक्ताओं को मिलती है।
  • अन्‍त्‍योदय परिवारों की पहचान और ऐसे परिवारों को विशिष्‍ट राशन कार्ड जारी करना संबंधित राज्‍य सरकारों की जिम्‍मेदारी होती है। इस योजना के तहत आबंटन के लिए खाद्यान, पहचाने गए अन्‍त्‍योदय परिवारों को विशिष्‍ट एएवाई राशन कार्ड जारी करने के आधार पर राज्‍यों/संघ राज्‍य क्षेत्रों को जारी किए जाते है।
  • शुरूआत में जारी किया गया पैमाना जो कि प्रति परिवार 25 किलो प्रति महीना था उसको प्रभावी पहली अप्रैल, 2002 से प्रति परिवार 35 किलो प्रति महीना तक बढ़ा दी गई है।
  • अन्‍त्‍योदय अन्‍न योजना (एएवाई) गरीबी रेखा के नीचे (बीपीएल) परिवारों की पहचान करके 1 करोड़ परिवारों के लिए शुरू की गई थी। इस योजना के तहत राशि को तीन बार यानी की 2003-04, 2004-05 और 2005-06 के दौरान हर समय 50 लाख अतिरिक्‍त परिवारों के लिए बढ़ाया बढ़ाया गया। इ
  • स प्रकार एएवाई के अंतर्गत कुल 2.50 करोड़ परिवारों (यानी की बीपीएल का 38 प्रतिशत) तक पहुंचाया गया।
  • एएवाई के तहत अन्‍त्‍योदय परिवारों और विस्‍तृत एएवाई के तहत अतिरिक्‍त अन्‍त्‍योदय परिवारों की पहचान करने के लिए राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्रों को विस्‍तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए।

परिवारों की पहचान करने के क्रम में अपनाए गए मापदंड

  • भूमि हीन कृषि मजदूर, सीमांत किसान, ग्रामीण शिल्पकार/कारीगर जैसे कुम्‍हार, चमड़ा कारीगर, बुनकर, लोहार, बढ़ई, झुग्‍गी में रहने वाले तथा अनौपचारीक क्षेत्र में दैनिक आधार पर कार्य करने वाले व्‍यक्ति जैसे दरबान, कुली, रिक्‍शा चालक, रेहड़ी वाले, फल-फूल बेचने वाले, सपेरे, कूड़ा उठाने वाले, मोची, बेसहारा और ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में इस तरह के अन्‍य श्रेणियों के लोग।
  • विधवाओं के परिवार या बीमार व्‍यक्ति/विकलांग/60 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्‍यक्ति जिनके पास निर्वाह अथवा सामाजिक सहायता के लिए कोई सुनिश्चित साधन न हो।
  • विधवा या बीमार व्‍यक्ति या विकलांग व्‍यक्ति या 60 साल से अधिक के व्‍यक्ति जिनके पास निर्वाह अथवा सामाजिक सहायता के लिए कोई सुनिश्चित साधन न हो।

सभी प्राचीन जन-जातीय परिवार।

  • एएवाई सूची में प्राथमिकता के आधार पर सभी वांछनीय बीपीएल, एचआईवी पॉजिटिव परिवारों के व्‍यक्तियों को शामिल करने के लिए 3 जून, 2009 के पत्र के तहत उपरोक्‍त निर्देशों को बाद में भी संशोधित किया गया था।
S.I.Nubmber State / UT Approved number of AAY families Number of AAY families and issuing ration cards
1 Andra Pradesh* 15.578 15.578
2 Arunachal Pradesh 0.380 0.38
3 Assam 7.040 7.04
4 Bihar 25.010 25.010
5 Chhattisgarh 7.189 7.189
6 Delhi 1.568 1.038
7 Goa 0.184 0.145
8 Gujarat 8.128 7.580
9 Haryana 3.025 2.676
10 Himachal Pradesh 1.971 1.971
11 Jammu and Kashmir 2.822 2.557
12 Jharkhand 9.179 9.179
13 Karnataka 11.997 11.376
14 Kerala 5.958 5.958
15 Madhya Pradesh 15.816 15.816
16 Maharashtra 25.053 24.854
17 Manipur 0.636 0.636
18 Meghalaya 0.702 0.702
19 Mizoram 0.261 0.261
20 Nagaland 0.475 0.475
21 Odisha 12.645 12.533
22 Punjab 1.794 1.794
23 Rajasthan 9.321 9.321
24 Sikkim 0.165 0.165
25 Tamil Nadu 18.646 18.646
26 Tripura 1.131 1.131
27 Uttar Pradesh 40.945 40.945
28 Uttarakhand 1.909 1.909
29 West Bengal 19.857 14.799
30 Andaman and Nicobar Islands 0.107 0.041
31 Chandigarh 0.088 0.015
32 Dadar and Nagar Haveli 0.069 0.052
33 Daman and Diu 0.015 0.015
34 Lakshadweep 0.012 0.012
35 Puducherry 0.322 0.322
The total 249.998 242.121

 

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