GST क्या है ? क्यों जरूरी है, जीएसटी की मुख्य बातें 

जीएसटी एक एकीकृत कर है जो वस्तुओं और सेवाओं दोनों पर लगेगा। जीएसटी लागू होने से पूरा देश,एकीकृत बाजार में तब्दील हो जाएगा और ज्यादातर अप्रत्यक्ष कर जैसे केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Excise), सेवा कर (Service Tax), वैट (Vat), मनोरंजन, विलासिता, लॉटरी टैक्स आदि जीएसटी में समाहित हो जाएंगे। इससे पूरे भारत में एक ही प्रकार […]

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पूंजी निर्माण, पूंजी उत्पादन अनुपात (Capital formation, capital production ratio)

पूंजी निर्माण (capital formation) वह प्रक्रिया जिससे बचत व निवेश के द्वारा पूंजी स्टॉक में वृद्धि होती है, पूंजी निर्माण कहलाती है, आधुनिक आर्थिक विकास का मूल आधार पूंजी है | भारतीय योजना आयोग के अनुसार “किसी भी देश का आर्थिक विकास पूंजी की उपलब्धता पर ही निर्भर करता है आय एवं रोजगार के अवसरों […]

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आर्थिक संवृद्धि और आर्थिक विकास ( Economic growth and Economic Development)

आर्थिक संवृद्धि (Economic growth) आर्थिक समृद्धि से अभिप्राय निश्चित समय अवधि में किसी अर्थव्यवस्था में होने वाली वास्तविक आय में वृद्धि से है | सामान्यतः यदि सकल राष्ट्रीय उत्पाद, सकल घरेलू उत्पाद तथा प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि होती है तो हम कह सकते हैं कि आर्थिक समृद्धि हो रही है | 70 के दशक […]

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भारतीय कृषि एवं उसकी प्रकृति (Indian agriculture and its nature)

भारतीय कृषि एवं उसकी प्रकृति (Indian agriculture and its nature) वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की जनसंख्या बढ़कर एक अरब 21 करोड़ से अधिक हो गई है इस बढ़ती हुई जनसंख्या की खाद्यान्न आवश्यकता की पूर्ति के संदर्भ में भारतीय कृषि का महत्व स्वभाविक रुप से बढ़ जाता है देश की कुल राष्ट्रीय […]

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अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक (Sectors of Economy)

अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक (Sector of economy) सामान्यतः संपूर्ण अर्थव्यवस्था की आर्थिक गतिविधियों को लेखांकित करने के लिए तीन क्षेत्रकों में विभाजित किया गया है- प्राथमिक क्षेत्रक (Primary sector) इसके अंतर्गत अर्थव्यवस्था के प्राकृतिक क्षेत्रों का लेखांकन किया जाता है इसके अंतर्गत निम्न क्षेत्रों को सम्मिलित किया जाता है जैसे – कृषि वानिकी मत्स्यन (मछली पकड़ना) […]

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[अर्थव्यवस्था-3] राष्ट्रीय आय की अवधारणाएं एवं प्रति व्यक्ति आय

सकल घरेलू उत्पाद (G.D.P.) किसी देश की घरेलू सीमा के अंदर एक वर्ष में उत्पादित सभी वस्तुओं और सेवाओं के मौद्रिक मूल्य को सकल घरेलू उत्पादन कहते है शुध्द घरेलू उत्पाद (N.D.P.) सकल घरेलू उत्पाद में से जब उत्पादन में प्रयुक्त मशीनों और पूंजी की घिसावट को घटा दिया जाये तो शुध्द घरेलू उत्पाद प्राप्त […]

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भारतीय बैंकिंग व्यवस्था का इतिहास | History of Indian Banking in Hindi

भारतीय बैंकिंग व्यवस्था का इतिहास History of Indian Banking in Hindi भारतीय बैंकिंग प्रणाली के विकास के इतिहास को निम्न भागों में विभाजित किया जा सकता है – प्रथम चरण (प्रारंभ से 1806 तक) ब्रिटिश शासन काल से पूर्व देश में बैंकिंग का कोई विशेष विकास नहीं हुआ था इसमें साहूकारों एवं महाजनों का वर्चस्व […]

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राष्ट्रीय आय से सम्बंधित महत्वपूर्ण तथ्य (National Income in Hindi)

National Income in Hindi (Indian Economy – National Income Related Facts in Hindi for SSC, UPSC, UPPSC) किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के आर्थिक निष्पादन की जानकारी का प्रमुख साधन राष्ट्रीय आय (National Income) है| स्वतंत्रता के पश्चात भारत सरकार ने राष्ट्रीय आय का अनुमान लगाने के लिये 4 अगस्त 1949 को राष्ट्रीय आय समिति का […]

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भारतीय अर्थव्यवस्था (भारतीय कृषि से सम्बंधित महत्वपूर्ण तथ्य)

 भारतीय अर्थव्यवस्था(Indian Economy) भारतीय कृषि से सम्बंधित महत्वपूर्ण तथ्य वर्तमान में भारत के GDP में कृषि क्षेत्र का 17.1% योगदान है, जबकि 1950-51 में कृषि क्षेत्र का योगदान 55.40 % था भारत में कृषि क्षेत्र का 60% भाग पूर्णत: वर्षा पर निर्भर है भारत में कृषि क्षेत्र के GDP का 0.3 % भाग कृषि शोध […]

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53 | आर्थिक शब्दावली भाग – 3

आर्थिक शब्दावली भाग 3 हॉट मनी (Hot money) – शीघ्र पलायन की प्रवृत्ति रखने वाली विदेशी मुद्रा | एर्गोनोमिक्स(Ergonomics) – ये किसी श्रमिक की कार्य क्षमता एवं उसके द्वारा किए जाने वाले वास्तविक कार्य के मध्य संबंध का अध्ययन करता है | स्टैगफ्लेशन(Stagflation) – अर्थव्यवस्था की वह अवस्था जिसमें मुद्रास्फीति के साथ-साथ मंदी एवं बेरोजगारी […]

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72 आर्थिक शब्दावली भाग -2

कौण्ट्रेरियन शेयर(Contrarian share) – बाजार के रूख के विपरीत दिशा में कार्य करने वाला शेयर | कागजी सोना(Paper gold) – अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष द्वारा वर्ष 1969 में अंतरराष्ट्रीय तरलता में वृद्धि के लिए अपने सदस्य देशों की जमा परिसंपत्तियों की माप के आधार पर आनुपातिक रूप से भारांश का वितरण जो मात्र खातों में लिखी […]

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भारतीय बैंकिंग प्रणाली और भारतीय रिज़र्व बैंक

भारतीय बैंकिंग प्रणाली और भारतीय रिज़र्व बैंक भारतीय बैंकिंग प्रणाली को भारतीय रिज़र्व बैंक (Reserve Bank of India / RBI) नियन्त्रित करती है| बैंक ऑफ़ हिन्दुस्तान भारत का पहला बैंक था,इसकी स्थापना कोलकाता में एलेक्जेंडर एण्ड कम्पनी द्वारा 1770 ई. में यूरोपीय पद्धति में की गई थी | भारतीयों द्वारा संचालित सीमित देयता के आधार […]

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60 महत्वपूर्ण आर्थिक शब्दावली भाग – 1 | Financial Terminology

महत्वपूर्ण आर्थिक शब्दावली असंगठित क्षेत्र के उद्यम (informal sector enterprises)– 10 से कम श्रमिकों की संख्या वाले निजी क्षेत्र के उद्योग | अदृश्य मदें (Invisible items) – पर्यटन, जहाजरानी, वायु परिवहन, बीमा बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, सरकारी अनुदान, ब्याज, लाभ एवं लाभांश आदि चालू खाते की मदें जो सामान्यत: वस्तु के रूप में दिखाई नहीं देती […]

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अर्थव्यवस्था के आकार के आधार पर भारत के राज्य

  राज्य/संघ क्षेत्र जीडीपी (अरब रुपयों में) प्रति व्यक्ति आय (हज़ार रूपयों में) भारत 37900.63 31.6050881 महाराष्ट्र 4324.13 44.6345095 उत्तर प्रदेश 2737.85 16.4734311 आंध्र प्रदेश 2611.73 30.484629 तमिल नाडु 2462.66 35.818434 पश्चिम बंगाल 2360.44 29.4406481 गुजरात 2166.51 42.7563946 कर्णाटक 1740.93 33.1298275 राजस्थान 1241.99 21.9793277 मध्य प्रदेश 1185.86 19.6503537 केरल 1327.39 37.372131 संघ क्षेत्र 1053.85 76.0874674 […]

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महत्वपूर्ण आर्थिक शब्दावली (Terminology)| PDF

क्या है PDF में – महत्वपूर्ण आर्थिक शब्दावली उदाहरण – 1. बेनामी हस्तांतरण  इससे आशय किसी व्यक्ति द्वारा किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर की जाने वाली सम्पत्ति की खरीद से है। उसमें भुगतान कोई और व्यक्ति करता है जबकि सम्पत्ति का धरक कोई दूसरा व्यक्ति होता है या सम्पत्ति किसी दूसरे व्यक्ति के नाम हस्तांतरित […]

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