पर्यावरण अनुकूलन के आधार पर पौधों का वर्गीकरण

पर्यावरण अनुकूलन के आधार पर पौधों का वर्गीकरण क्र. पौधों के प्रकार पर्यावरण अनुकूलन 1. जलोदभिद जल में उगने वाले पौधे 2. समोदभिद सामान्य मृदा में उगने वाले पौधे 3. मरूदभिद मरुस्थलीय क्षेत्रों में उगने वाले पौधे 4. हैलोफाइटस अधिक सांद्रता वाली मृदा में उगने वाले पौधे 5. हीलोफाइटस दलदली भूमि में उगने वाले पौधे […]

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जीवाणु जनित पशु रोग (Bacterial animal disease)

जीवाणु जनित पशु रोग (Bacterial animal disease) क्र.स. रोग प्रभावित पशु रोग कारक रोग के लक्षण बचाव और चिकित्सा 1 तितली ज्वर एवं गिल्टी रोग गौ-पशु, भेड़, बकरी, घोड़े, खच्चर, सूअर एवं कुत्ता बैसिलस एंथ्रेसिस अतितीव्र-प्रायः भेड़ में अचानक मृत्यु, मुंह, नाक, गुदा एवं भग द्वार से झाग युक्त काला रुधिर स्त्राव, मांसपेशियों में कंपन, […]

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सूक्ष्म तत्वों की संवेदनशीलता (Sensitivity to subtle elements)

सूक्ष्म तत्वों की संवेदनशीलता (Sensitivity to subtle elements) सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी के प्रति संवेदनशील पौधे निम्नलिखित है – सूक्ष्म तत्व प्रभावसूचक (संवेदनशील पौधे) 1 लोहा नींबू, केला, आडु, फूलगोभी, धान, जौ एवं ज्वार | 2 बोरॉन सेब, नाशपाती, गाजर एवं फूलगोभी | 3 मौलीब्डेनम सरसों वर्गीय पौधे, नींबू, जई एवं पालक| 4 तांबा […]

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Biology Handwritten Notes in Hindi by Ankur Yadav | Download PDF | Google Drive Link

इस PDF eBook में Biology के विभिन्न परीक्षाओं में पूछे गये तथ्यों को संजोया गया है,  जहाँ भी आवश्यकता है याद करने के लिए Tricks भी बतायी गयी हैं, Biology का Revision करने के लिए ये eBook बेहद ही लाभकारी है, आप बहुत कम समय में Biology के सभी प्रमुख तथ्य Revise कर पायेंगे, आशा […]

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जंतु ऊतक ( Animal Tissue), उपकला ऊतक (Epithelial Tissue)

जंतु ऊतक (Animal Tissue) शरीर की संरचनात्मक इकाई कोशिका है समान कोशिकाएं मिलकर ऊतक बनाती हैं | कई ऊतक मिलकर अंग जैसे; मस्तिष्क, हृदय, यकृत, नेत्र आदि कई अंग मिलकर अंग तंत्र बनाते हैं, जो विशेष कार्य करते हैं जैसे – गुर्दे, मूत्रवाहिनीया एवं मूत्राशय मिलकर उत्सर्जन तंत्र बनाते हैं | जंतुओं के शरीर में […]

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संयोजी ऊतक व उसके प्रकार( Connective Tissues And Its Type )

संयोजी ऊतक (Connective Tissues) संयोजी ऊतक विभिन्न अंगों और ऊतकों को संबंध्द करता है | इस ऊतक में कोशिकाओं की संख्या कम होती है तथा अंतर कोशिकीय पदार्थ अधिक होता है | यह अंतर कोशिकीय पदार्थ तंतुवत ठोस जैली की तरह, तरल सघन या कठोर अवस्था में रह सकता है इस ऊतक का निर्माण भ्रूणीय […]

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वास्तविक संयोजी ऊतक (Real connective tissue)

वास्तविक संयोजी ऊतक (Real connective tissue) फाइब्रोब्लास्ट घाव भरने में सहायक होता है | मैक्रोफेज ग्लीयल कोशिका (मस्तिष्क), कुफ्फर कोशिका (यकृत), मोनोसाइट (रुधिर) यह कोशिकाएं फैगोसाइट्रिक तथा अपमार्जक होती है | मास्ट कोशिकाएं एलर्जी क्रिया में भूमिका, शरीर की रक्षा तथा विभिन्न पदार्थ उत्पन्न करते हैं; जैसे-हिपेरिन रुधिर को जमाने से रोकता है हिस्टेमिन एलर्जी […]

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कंकालीय संयोजी ऊतक व तरल संयोजी ऊतक (Skeletal connective tissue and liquid connective tissue)

कंकालीय संयोजी उत्तक (Skeleton Connective Tissue) उपास्थि यह ठोस, अर्ध्द कठोर तथा लचीला संयोजी उत्तक है | लैरिंक्स, ट्रेकिया, बोंकाई आदि में मिलते हैं उपास्थि की रचना तीन घटकों द्वारा होती है | पेरीकॉन्ड्रियम मैट्रिक्स कॉन्ड्रियोसाइट्स शार्क मछली का पूरा कंकाल तंत्र उपास्थि का बना होता है | अस्थि एक ठोस, कठोर संयोजी उत्तक है […]

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विभिन्न समूह वाले माता-पिता से उत्पन्न होने वाले बच्चों के संभावित रुधिर समूह ( Potential blood group of children arising from different groups of parents)

विभिन्न समूह वाले माता-पिता से उत्पन्न होने वाले बच्चों के संभावित रुधिर समूह (Potential blood group of children arising from different groups of parents) माता पिता के रुधिर समूह बच्चों में संभावित रुधिर समूह बच्चों में संभावित रुधिर समूह A x A A या O B या AB   A x B O, A, B, […]

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हार्मोन के अल्प स्त्रावण के कारण होने वाले रोग

हार्मोन के अल्प स्त्रावण के कारण होने वाले रोग  रोग हार्मोन ग्रंथि प्रमुख प्रभाव बौनापन STH एड्रिनोहाइपोफाइसिस बाल्यावस्था में वृद्धि का निरोधन | सायमंड रोग STH एड्रिनोहाइपोफाइसिस वयस्क अवस्था में व्यक्ति समय से पूर्व बूढ़ा दिखाई देता है | अवटुमनता थायरोक्सिन थायराइड ग्रंथि शारीरिक वृद्धि व मानसिक वृद्धि मन्द हो जाती है व बौनापन | […]

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हार्मोन के अतिस्त्रावण के कारण होने वाले रोग (Hormone diseases)

हार्मोन के अतिस्त्रावण के कारण होने वाले रोग (Hormone diseases) रोग हार्मोन हार्मोन स्त्रावी ग्रंथि प्रमुख प्रभाव महाकायता या भीम कायता STH एड्रीनोहाइपोफाइसिस बाल्यावस्था में अतिस्त्रावण से भीमकाय शरीर | अग्रभीमकायता STH एड्रीनोहाइपोफाइसिस वयस्क अवस्था में चेहरे की अस्थियों का लंबा होना, इसे रिवर्सल टू गोरिल्ला भी कहते हैं | नैत्रोत्सेंधी गलगण्ड थायरोक्सिन थायरॉइड ग्रंथि […]

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समन्वित पीड़क प्रबंधन ( Integrated Pest management)

समन्वित पीड़क प्रबंधन (Integrated trouble management) इस अवधारणा के प्रथम प्रतिपादक गियर वंध क्लार्क (1961) थे यह योजना पीड़क नियंत्रण के उपयोग में लाई जा रही अनेक विधियों का ऐसा सहयोग है, जो आर्थिक पारिस्थितिक और सामाजिक मूल्यों और परिणामों को ध्यान में रखते हुए नाशक कीट की ऐसी व्यवस्था अथवा प्रबंध करेगा, जिससे नाशक […]

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वनस्पति विज्ञान व उसकी शाखाएं

वनस्पति विज्ञान व उसकी शाखाएं शैवाल विज्ञान (Algology)  शैवाल अध्ययन कवक विज्ञान (Mycology)  कवक अध्ययन जीवाणु विज्ञान (Bacteriology)  जीवाणुओं का अध्ययन विषाणु विज्ञान (Virology)  विषाणुओं का अध्ययन पोमोलॉजी (Pomology)  फलों का अध्ययन पेडोलॉजी (Pedoloy)  मिट्टी का अध्ययन एंथोलॉजी (Anthology)  फूलों का अध्ययन इकोलॉजी (Ecology)  पारिस्थितिक का अध्ययन भ्रुण अध्ययन (Embryology)  भ्रूण अध्ययन डेंड्रोक्रोनोलॉजी (Dendrochronology)  वलयों […]

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प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक कोशिका में अंतर (Difference In Prokaryotic and Eukaryotic Cell)

प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक कोशिका में अंतर (Difference In Prokaryotic and Eukaryotic Cell) प्रोकैरियोटिक कोशिका यूकैरियोटिक कोशिका 1 इनमें प्रारंभी अविकसित केंद्रक होता है | इनमें पूर्ण विकसित केंद्रक होता है | 2 यह आदिम कोशिकाएं हैं | ये सुविकसित कोशिकाएँ है | 3 कोशिका द्रव्य पूर्ण कोशिका में फैला रहता है | कोशिका एवं कोशिका […]

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संगरोध (Quarantine) क्या होता है ?

संगरोध (Quarantine) बाहर से आयातित बीजों एवं अन्य प्रवध्यों तथा पादप उत्पादों का रोग, कीट एवं खरपतवार से मुक्त होना सुनिश्चित करने की प्रक्रिया को संगरोध कहते हैं | नाशी कीट एवं नाशक जीव अधिनियम 1914 के अंतर्गत भारत में आने वाले सभी पादप उत्पादों का रोग कीट व खरपतवार से मुक्त होना अनिवार्य है […]

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