• राष्ट्रीय पर्यावरण नीति वर्त्तमान नीतियों (उदाहरण के लिए राष्ट्रीय वन नीति, 1988; राष्ट्रीय संरक्षण रणनीति तथा पर्यावरण एवं विकास पर नीतिगत वक्तव्य, 1992; तथा प्रदूषण निवारण पर नीतिगत वक्तव्य, 1992; राष्ट्रीय कृषि नीति, 2000; राष्ट्रीय जनसंख्या नीति, 2000; राष्ट्रीय जल नीति, 2002 इत्यादि) का एकीकरण करती है।
  • नियामकीय सुधार, पर्यावरणीय संरक्षण कार्यक्रम एवं परियोजना, केंद्र, राज्य व स्थानीय सरकार द्वारा कानूनों के पुनरावलोकन एवं उसके कार्यान्वयन में, इसकी भूमिका मार्गदर्शन देने की होगी।
  • इस नीति की मुख्य विषयवस्तु है पर्यावरणीय संसाधनों का संरक्षण सबके कल्याण एवं आजीविका सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक है।
  • अतः संरक्षण का सबसे मुख्य आधार यह होना चाहिए कि किसी संसाधन पर निर्भर रहने वाले लोगों को संसाधन के निम्नीकरण की बजाय उसके संरक्षण के द्वारा आजीविका के बेहतर अवसर प्राप्त हो सकें।
  • यह नीति विभिन्न सहभागियों जैसे सरकारी अभिकरणों, स्थानीय समुदायों, अकादमिक एवं वैज्ञानिक संस्थानों, निवेश समुदायों एवं अंतरराष्ट्रीय विकास सहयोगियों द्वारा उनसे संबद्ध संसाधनों के उपयोग तथा पर्यावरण प्रबंधन के सशक्तीकरण हेतु उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करती है।
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