1. जिस भाषा में तुलसीदास जैसे कवि ने कविता की हो, वह अवश्य ही पवित्र है और उसके सामने कोई भाषा नहीं ठहर सकती।महात्मा गाँधी
  2. अगर  हिंदुस्तान को सचमुच आगे बढ़ना है, तो चाहे कोई माने या न माने, राष्ट्रभाषा तो हिंदी ही बन सकती है, क्योंकि जो स्थान हिंदी को प्राप्त है, वह किसी और भाषा को नहीं मिल सकता है।महात्मा गाँधी
  3. राष्ट्रभाषा के बिना राष्ट्र गूंगा है। मेरा यह मत है कि हिंदी ही हिंदुस्तान की राष्ट्रभाषा हो सकती है और होनी चाहिए।महात्मा गाँधी
  4. जनता की बात जनता की भाषा में होनी चाहिए।महात्मा गाँधी
  5. यद्यपि मैं उन लोगों में से हूँ, जो चाहते हैं और जिनका विचार है कि हिंदी ही भारत की राष्ट्रभाषा हो सकती है।लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक
  6. है भव्य भारत ही हमारी मातृभूमि हरी भरी। हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा और लिपि है नागरी ॥ – मैथिलीशरण गुप्त
  7. हिन्दी एक जानदार भाषा है। वह जितनी बढ़ेगी, देश का उतना ही नाम होगा।जवाहर लाल नेहरू
  8. हिंदी भारतवर्ष के हृदय-देश स्थित करोड़ों नर-नारियों के हृदय और मस्तिष्क को खुराक देने वाली भाषा है।हज़ारीप्रसाद द्विवेदी
  9. इस समग्र देश की एकता के लिए हिंदी अनिवार्य है।राजा राममोहन राय
  10. हिंदी भारत की राष्ट्रभाषा तो है ही, यही जनतंत्रात्मक भारत में राजभाषा भी होगी।सी. राजागोपालाचारी
  11. जो राष्ट्रप्रेमी है, उसे राष्ट्रभाषा प्रेमी होना चाहिए।रंगनाथ रामचंद्र दिवाकर
  12. हिंदी को गंगा नहीं बल्कि समुद्र बनना होगा।आचार्य विनोबा भावे
  13. देश के विभिन्न भागों के निवासियों के व्यवहार के लिए सर्वसुगम और व्यापक तथा एकता स्थापित करने के साधन के रूप में हिंदी का ज्ञान आवश्यक है।सी. पी. रामास्वामी अय्यर
  14. हिंदी ही उत्तर और दक्षिण को जोड़ने वाली समर्थ भाषा है।अनन्त शयनम अयंगर
  15. लोग अपनी-अपनी मातृभाषा की रक्षा करते हुए सामान्य भाषा के रूप में हिन्दी को ग्रहण करेंअरविंद दर्शन के प्रणेता अरविंद घोष
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