1. द्रवतापमापी की अपेक्षा गैस तापमापी अधिक संवेदी होता है क्योकि गैस द्रव की अपेक्षा अधिक प्रसार करती है।
2. धूप के चष्मे के लिए फ्लिंट काॅच का प्रयोग किया जाता है।
3. मिल्क आॅफ मैग्निषिया एक मैग्निषियम हाइडंाॅक्साइड का निलम्बन है।
4. प्रकाष संष्लेशण के दौरान पैदा होने वाली आॅक्सीजन गैस का श्रोत जल है।
5. फ्लुओरीन तत्व का सम्बन्ध दाॅतो की विकृति के साथ है।
6. प्रकाष का रंग कोणांक से सम्बन्धित है।
7.आॅटोमोबाइलों में हाइडंोलिक ब्रेकों के कार्यकरण पास्कल नियम पर लागू है।
8. ष्वेत केाषिकाएं रोगों का प्रतिराध करने में सहायता करती है।
9. अवटू – गृन्थि षरीर को तापस्थायी रखती है।
10. पारद तथा आर्गन प्रायः फ्लोरेसंेट टयूबो में स्तेमाल किया जाता है।
11. मानव डिम्ब में गुणसूत्रो की संख्या 46 होती है।
12. हषीष पौधे के तने तथा नरपुश्प क्रम के निःस्त्राव से प्राप्त की जाती है।
13. हदय षरीर का वह अंग है जो कभी विश्राम नही करता है।
14. सोना सर्वोत्तम ऊश्मा का सुचालक है।
15. इलैक्टंान सुक्ष्मदर्षी के द्वारा जीवाणु तथा विशाणुओं के संरचना को देखा जाता है।
16. निमाज्जित वस्तुओं का पता लगाने के लिए सोनार का प्रयोग करते है।
17. कोषिका – भित्ति के कारण पादप कोषिका और पषु कोषिका के अन्तर पाया जाता हैै।
18. प्रोटीन्स 14 वर्श की आयु तक बच्चों के विकास के लिए अत्यन्त आवष्यक है।
19. लेसर का अविश्कार टी0 एच0 मैमाॅ ने किया ।
20. सोनार से समुद्र की गहराई को मापने के लिए ध्वनि तरंगो का प्रयोग किया जाता है।
21. बीज के अंकुरण के लिए धूप की आवष्यकता होती है।
22. दुग्ध एक ऐसा कोलाइडी तन्त्र है जिसमें वसा को पानी में परिक्षेपित किया जाता है।
23. क्यूरी, रेडियोएक्टिव धर्मिता की ईकाई का नाम है।
24. ग्लूकोज को इथाइल अल्कोहल में माल्टेज प्रकिण्व बदलता है।
25. रासायनिक रूप में रेषम का रेषा सेलुलोज होता है।
26. सेल में लोहे की मात्रा अधिक होती है।
27. रेडियो तरंगो का प्रयोग बन्द-चूल्हे में किया जाता है।
28. पानी के किसी द्रव्यमान को 0 डिग्री सें0 से 10 डिग्री से0 तक गरम करने से उसके आयतन में घटने के बाद वृद्वि होने लगती है।
29. मधुमेह के रोगियो द्वारा प्रयोग में लाये जाने वाले स्वीटेक्स में षून्य कैलोरी होती है।
30. मावन षरीर में सवसे अधिक मात्रा में कार्वन पाया जाता है।
31. प्रकाष संष्लेशण के समय मुक्त होने वाली आक्सीजन कार्वन डाई आक्साइड से आती है।
32. सेक्स हार्मोन्स का पता यूसीनस्टीनैक ने लगाया ।
33. किसी जैव योगिक के प्रकिण्व के प्रयोग द्वरा अपघटन की प्रक्रिया को किण्वन कहते है।
34. जब दो इलैक्टंान एक ही कक्ष में होते है , तो उनमें विपरीत चक्रण पाया जाता है।
35. यषद लेपन लोहे पर जस्ता चढाना होता है।
36. स्टेम कोषिकाओं से मानव के अतिरिक्त भाग तैयार किए जातें है।
37. आसंजित ष्लेश्माभ क्षारीय पदार्थो द्वारा आमाषय के भीतरी आवरण को ढक लेने से ष्लेश्मिका पर पोप्सिन का प्रभाव पडता है।
38. सूर्य से ऊर्जा का निरंतर सृजन नाभिकिय संलयन के कारण होता है।
39. मनुश्य की जीभ के मध्य भाग तक कडुवाहट की संवेदना सीमित रहती है।
40. दुध के दही के रूप मंे जमने का कारण लैक् टोबैसिल्स है।
41. एमनियोसेन्टेसिस , गर्भ में षिषु के स्वास्थ्य की दषाओं का पता लगाने की विधि का नाम हैं।
42. प्रकाष संष्लेशण के समय आक्सीजन गैस निकलती है।
43. सभी तेल हाइडंोकार्वन यौगिको के नाम से जाने जाते है।
44. जब दो वर्फ के घनो को एक दूसरे के ऊपर दवाया जाता है तो उनके मिलकर एक हो जाने का कारण सहसंयोजक आकर्शण है।
45. इलैक्टंौनिकी में टंकी-परिपथ प्रतिरोध एंव धारिता के अन्तर्गत आता है।
46. कूलिज नलिका का प्रयोग एक्स किरणे उत्पन्न करने के लिए किया जाता है।
47. जंक्षन डायोड का प्रयोग नियंन्त्रित विधुत प्रदाय करने के लिए किया जाता है।
48. पटिटक ाणु रूधिर – काषिकाओं एक रक्त स्कदंन के लिए अनिवार्य है।
49. प्रथम वियुक्त प्रतिजैविकी पेनिसिलिन है।
50. विशाणु में न्यूक्लिक एसीड और प्रोटीन होता है।

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