आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दो शब्दों से मिलकर बना है।

  1. आर्टिफिशियल जिसका मतलब होता है ऐसाी वस्तु जो प्राकृतिक नही हो मतलब कि उसे मानव के द्वारा वनाया गया हो या कहे की कृत्रिम हो।
  2. इंटेलिजेंस – इस तात्पर्य है कि सोचने, समझने एवं सीखने की योग्यता है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence)का आरंभ 1950 के दशक में हुआ था। ये संगणक और संगणक प्रोग्रामों को उन्हीं तर्कों के आधार पर चलाने का प्रयास होता है जिसके आधार पर मानव मस्तिष्क चलते हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उद्देश्य होता है कि संगणक अपने-आप तय कर पाये उसकी अगली गतिविधि क्या होगी। इसके लिए संगणक को अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार अपनी प्रतिक्रिया चुनने के लिए प्रोग्राम किया जाता है। इसके पीछे यही प्रयास होता है कि संगणक मानव की सोचने की प्रक्रिया की नकल कर पाये।

कुछ उदाहरण 

  • इसका एक अनूठा उदाहरण है शतरंज खेलने वाले संगणक। ये संगणक प्रोग्राम मानव मस्तिष्क की लगभग हर चाल की काट और अपनी अगली चाल सोचने के लिए संगणक को प्रोग्राम किया हुआ है।
  • ये इतना सफल रहा है कि मई 1997में आईबीएम का संगणक डीप ब्लू ने विश्व के सबसे नामी शतरंज खिलाड़ी गैरी कास्परोव को हरा चुका है।
  • फेसबुक में जो फ्रेन्ड सजेशन का जो ऑप्शन है वह Artificial Intelligence का एक हिस्सा है।
  • गूगल का अल्फागो जिसने मानव को एक कंप्युटर बोर्ड खेल गो मे हराया था।
  • स्वचालित कार, चैटबाट, पर्सनल डिजिटल असिस्टेंट(एप्पल सीरी, माइक्रोसाफ़्ट कोर्टना)

Artificial Intelligence को चार भागों में विभाजित कर सकते हैं।

  1. इंसान की तरह सोचना
  2. इंसान की तरह व्यवहार करना
  3. तर्क एवं विचारो युक्त मतलब संवदेनशील, बुद्धिमान, तथ्यों को समझना
  4. तर्क एवं विचारों पर अपनी प्रतिक्रिया भी देना।

इस तरह हम कह सकते है कृत्रिम तरह से एक ऐसा सिस्टम विकसित करना जो इंसान की तरह कार्य कर सके, सोच सके एवं अपनी प्रतिक्रिया दे सके है।

 

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