भारतीय रक्षा-प्रतिरक्षा | थल सेना | वायु सेना | नौसेना

भारत की प्रतिरक्षा का मुख्य उद्देश्य न्यूनतम एवं विश्वसनीय प्रतिरोधक क्षमता के विकास के साथ भारतीय उपमहाद्वीप में शान्ति को बढ़ावा देना -एवं उसे स्थायित्व प्रदान करना । 1946 में गठित अंतरिम सरकार में भारत के रक्षामंत्री बलदेव सिंह थे। 1947 में देश के विभाजन के समय 45 रेजीमेन्ट मिली जिनमे कुल :. 5 लाख … Read more