ncert science in hindi

NCERT Science eBook in Hindi- Class 6th to 10th PDF

डाउनलोड कीजिये “NCERT Science eBooks in Hindi” Class 6th से Class 10th तक,  ये eBooks आपके लिए बेहद लाभदायक साबित हो सकती हैं, हम यहाँ 10th तक की किताबें उपलब्ध करा रहे हैं, Science के Concepts बेहतर तरीके से समझने के लिये Class 6th से शुरू कर सकते हैं, Download करने के लिये समबंधित लिंक … Read more

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[1300+Facts] सामान्य विज्ञान ई-बुक भाग 1 से 17 तक | Science Notes for SSC CGL/CHSL

डाउनलोड कीजिये सामान्य विज्ञान की 17 ई बुक्स जिनमें 1300 से अधिक तथ्यों का संग्रह है, इन तथ्यों का संकलन हमने SSC CGL/CHSL, UPSC, UPPSC, के  पिछले वर्षों के पेपर्स से किया है, तथा सभी प्रश्नों को ONELINER के रूप में प्रस्तुत किया गया है ताकि परीक्षा पूर्व रिवीजन तेज हो सके. डाउनलोड करने के … Read more

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विज्ञान के 120 प्रश्न जो UPSC, UPPSC, SSC में हमेशा पूछे जाते हैं | व्याख्या सहित

UPSC, UPPSC, SSC में विज्ञान से पूछे गये प्रश्न | भाग 1 हमारा YouTube Channel Subscribe कीजिये  किसी इलेक्ट्रॉनिक घड़ी में लोलक घड़ी के समतुल्य पुर्जा होता है ट्रांजिस्टर क्रिस्टलीय दोलित्र डायोड संतुलन चक्र उत्तर – क्रिस्टलीय दोलित्र तारे का रंग किस चीज का सूचक है सूर्य से दूरी का ज्योति का पृथ्वी से दूरी … Read more

chandrayaan 2 important information hindi

Chandrayaan 2 | पूरी कवरेज | परीक्षा उपयोगी प्रश्न | वीडियोज़

चंद्रयान 2 मिशन क्या है ? | Chandrayaan -2 चंद्रयान 2 बेहद महात्वाकांक्षी भारतीय चंद्रयान मिशन है | इस बार भारत ने कुछ ऐसा कर दिखाया है जो कोई और देश नहीं कर पाया है | वैसे तो ये चंद्रयान 2 मिशन बहुत बातों में बेहद ख़ास है पर चलिए डालते हैं नजर कुछ बेहद … Read more

यदि आप अंतरिक्ष में बंदूक चलाते हैं तो क्या होगा?

कैसे चलती है गोली ? आप जानते ही होंगे कि गोली को फायर करने के लिए उसमें मौजूद गन पाउडर या Propellant में आग लगानी पड़ती है जिसकी वजह से एक धमाके की मदद से ही गोली बन्दूक से बड़ी तेजी से बाहर निकलती है। और आग लगाने के लिए हमें चाहिए ऑक्सीजन, पर स्पेस … Read more

ऊर्जा तथा उसके प्रकार | What is Energy in Hindi

ऊर्जा तथा उसके प्रकार | What is Energy in Hindi ऊर्जा क्या है? किसी वस्तु की कार्य करने की क्षमता को उसकी “ऊर्जा” कहते है उदाहरण के लिए बंदूक से छोडी गयी गयी गोली लक्ष्य से टकराकर विस्थापन उत्पन करती है, कार्य की भाँति ही ऊर्जा एक अदिश राशि है और इसका मात्रक जूल है … Read more

75 वैज्ञानिक उपकरण व उनके कार्य

उपकरण व उनके कार्य उपकरण का नाम कार्य 1. अनेमोमीटर वायुवेग का मापन 2. अमीटर विद्युत् धारा मापन 3. सीज्मोमीटर भूकंप की तीव्रता का मापन 4. ओसिलोग्राफ विद्युत् अथवा यांत्रिक कम्पन सूचित करने हेतु 5. अल्टीमीटर उंचाई सूचित करने हेतु वैज्ञानिक यंत्र 6. ऑडियोफोन श्रवणशक्ति सुधारना 7. एक्टियोमीटर सूर्य किरणों की तीव्रता मापने का यंत्र … Read more

सोडियम और सोडियम के यौगिक

सोडियम सोडियम अत्यंत क्रियाशील होने के कारण प्रकृति में मुक्त अवस्था में नहीं पाई जाती है संयुक्त अवस्था में यह क्लोराइड, नाइट्रेट, कार्बोनेट, बोरेट तथा सल्फेट के रुप में पाई जाती है सोडियम धातु का निष्कर्षण कस्टनर विधि या डाउन विधि द्वारा किया जाता है यह चांदी के समान सफेद धातु है यह मुलायम होती … Read more

रमण प्रकीर्णन या रमण प्रभाव क्या होता है | What is Raman Effect in Hindi

रमण प्रकीर्णन या रमण प्रभाव क्या होता है | What is Raman Effect in Hindi रमण प्रकीर्णन या रमण प्रभाव फोटोन कणों के लचीले वितरण के बारे में है। इसकी खोज प्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिक श्री सी वी रमन ने की थी। यह एक अद्भुत प्रभाव है, इसकी खोज के एक दशक बाद ही 2000 रासायनिक … Read more

हिग्स बोसॉन (Higgs boson) क्या है ?

हिग्स बोसॉन (Higgs boson) एक मूल कण है जिसकी प्रथम परिकल्पना 1964 में दी गई |और इसका प्रायोगिक सत्यापन 14 मार्च 2013 को किया गया। इस आविष्कार को एक ‘यादगार’ कहा गया क्योंकि इससे हिग्स क्षेत्र की पुष्टि हो गई। कण भौतिकी के मानक मॉडल द्वारा इसके अस्तित्व का अनुमान लगाया गया है। वर्तमान समय तक इस प्रकार … Read more

चन्द्रशेखर सीमा क्या है ? (What is Chandrashekhar Limit in Hindi)

चन्द्रशेखर सीमा क्या है ? (What is Chandrashekhar Limit in Hindi) किसी स्थायी श्वेत बौने नक्षत्र का अधिकतम सम्भावित द्रव्यमान चन्द्रशेखर सीमा (Chandrasekhar limit) कहलाती है। इस सीमा का उल्लेख सबसे पहले विल्हेम एण्डर्सन और ई सी स्टोनर ने १९३० में प्रकाशित अपने शोधपत्रों में किया था। किन्तु भारत के खगोलभौतिकशास्त्री सुब्रमण्यन चन्द्रशेखर ने १९३० … Read more

किरचाफ का विकिरण नियम (Kirchhoff’s Radiation Law)

किरचाफ का विकिरण नियम (Kirchhoff’s Radiation Law) किसी निश्चित ताप पर किसी निश्चित तरंग्दैध्र्य के लिए प्रत्येक वस्तु की उत्सर्जन क्षमता एवं अवशोषण क्षमता का अनुपात एक नियतांक होता है जो कि उस ताप आदर्श कृष्णिका की उत्सर्जन क्षमता के बराबर होता है | यह नियम बताता है कि अच्छे अवशोषक अच्छे उत्सर्जक भी होते … Read more

वैज्ञानिक यंत्र एवं उनके उपयोग (Scientific instruments and their uses)

वैज्ञानिक यंत्र एवं उनके उपयोग यंत्र उपयोग 1 आल्टीमीटर (Altimeter) यह ऊंचाई मापक यंत्र है जिसका प्रयोग विमानों में किया जाता है | 2 एनीमोमीटर (Anemometer) इससे वायु के बल तथा गति को मापा जाता है या वायु की दिशा भी बताता है | 3 ऑडियोमीटर (Audiometre) यह ध्वनि की तीव्रता को मापता है | … Read more

प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी एवं उनका महत्वपूर्ण योगदान (Famous physicists and their significant contribution)

प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी एवं उनका महत्व पूर्ण योगदान (Famous physicists and their significant contribution) भौतिक विज्ञानी देश योगदान 1 गैलीलियो इटली जड़त्व का नियम, गति के समीकरण एवं दूरदर्शी का निर्माण 2 जी. मारकोनी इटली बेतार संदेश, रेडियो तथा बेतार कैलीग्राफी 3 एर्निको फर्मी इटली कृत्रिम रेडियो सक्रिय तत्व की पहचान, परमाणु भट्टी का निर्माण … Read more

मापने की इकाइयां

मापने की इकाइयां लंबाई 1 माइक्रोमीटर 1000 नैनोमीटर 1 मिलीमीटर 1000 माइक्रोमीटर 1 सेंटीमीटर 10 मिलीमीटर 1 मीटर 100 सेंटीमीटर 1 डेकामीटर 10 मीटर 1 हेक्टोमीटर 10 डेका मीटर 1 किलोमीटर 10 हेक्टोमीटर 1 मेगा मीटर 1000 किलोमीटर 1 नॉटिकल मील 1852 मीटर मात्रा मात्रा 1 सेंटीलीटर 10 मिलीलीटर 1 डेसी लीटर 10 सेंटीलीटर 1 … Read more

गुप्त उष्मा क्या होती है ? सरल भाषा में जानिये

Latent Heat in Hindi
किसी पदार्थ को दी गई ऊष्मा की वह मात्रा, जो पदार्थ के ताप को स्थिर रखते हुए उसकी अवस्था में परिवर्तन लाती है। उसे गुप्त ऊष्मा कहते हैं।
 
उदाहरण के लिए, किसी बर्फ के टुकड़े को एक बर्तन में गर्म किया जाय तो धीरे-धीरे करके पिघलता है। पूरे ठोस के द्रव बन जाने तक उसका तापमान बढ़ता नहीं, स्थिर 0 डिग्री सेल्सियस ही रहता है। जब यह एक बार पूरा पिघल जाता है, तो फिर तापमान बढऩा शुरू होता है। 
 
यहां बर्फ का टुकड़ा शुरू से ही ऊष्मा ग्रहण कर रहा था, लेकिन पूरा पिघलने तक उसका तापमान नहीं बदला। इस स्थिति तक खर्च हुई ऊष्मा को ही गुप्त ऊष्मा कहते हैं। इस स्थिति तक ऊष्मा सिर्फ पदार्थ का रूप परिवर्तित करने का काम करती है, और पदार्थ का ताप नहीं बढ़ पाता।
 
दरअसल यह गुप्त ऊष्मा पदार्थ के अंतर आणविक बलों को तोडऩे में प्रयुक्त होती है और आंतरिक ऊर्जा के रूप में संचित होती रहती है। जब सभी अंतर आणविक बल टूट जाते हैं, तो ऊष्मा उस पदार्थ के ताप को बढ़ाने लगती है।
 
 
किसी ठोस पदार्थ को ऊष्मा देने पर,  स्थिर ताप पर उसकी ठोस अवस्था में द्रव में परिवर्तन के लिए उत्तरदायी ऊष्मा को गलन की गुप्त ऊष्मा कहते हैं। जैसे बर्फ के लिए गलन की गुप्त ऊष्मा 0 डिग्री सेल्सियस ताप पर 80 किलो कैलोरी प्रति किलोग्राम है। इसका तात्पर्य है कि 0 डिग्री स्थिर ताप पर एक किग्रा बर्फ को द्रव में बदलने के लिए 80 किलोकैलोरी ऊष्मा की आवश्यकता होती है।
 
इसी प्रकार द्रव के क्वथन में जब कोई द्रव गैसीय अवस्था में परिवर्तित होता है तो गुप्त ऊष्मा बिना उस पदार्थ का ताप बढ़ाए उसकी अवस्था बदलती है। इस दौरान गुप्त ऊष्मा द्रव के अंतर आणविक बल को तोडऩे का काम करती है। इस गुप्त ऊष्मा को वाष्पन की गुप्त ऊष्मा कहते हैं।
 
जल के लिए वाष्पन की गुप्त ऊष्मा 5४0 किलो कैलोरी प्रति किलोग्राम है। अर्थात 100 डिग्री सेल्सियस ताप के एक किलोग्राम जल को इतने ही ताप पर एक स्थिर रखते हुए वाष्प में बदलने के लिए 5४0 किलो कैलोरी ऊष्मा की आवश्यकता होती है।