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Modern History

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इंडियन होम रूल सोसायटी लंदन स्थित भारतीय संगठन इंडियन होम रूल सोसायटी का गठन 18 फ़रवरी 1905 को किया गया था। इसके संस्थापक सदस्य श्यामजी कृष्ण वर्मा थे। उन्होने ब्रिटेन में भीकाजी कामा, दादा भाई नारोजी और सरदार सिंह जी…

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जलियाँवाला बाग हत्याकांड ब्रिटिश सरकार द्वारा साल 1919 में हमारे देश में कई तरह के शोषणकारी कानून लागू किए गए थे। इसी क्रम में 10 मार्च, 1919 को इंपीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल द्वारा एक और शोषणकारी क़ानून ‘रॉलेक्ट एक्ट’ पास किया…

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इस तरह के सवाल UPSC तथा PSC के Pre Exams में देखने को मिल सकते हैं, इसमें आपको कई विकल्प दिये जा सकते हैं, जिनमें से गलत या सही विकल्प चुनने को कहा जाता है | यहाँ जैसे सवाल बन…

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भारत के विभिन्न भागों के बहुत बड़े क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासियों ने 19वीं सदी में कई लड़ाइयाँ लड़ीं | वे आपस में संगठित हुए और उन्होने अत्यंत जुझारू संघंर्ष किया और असीम शौर्य व बलिदान का परिचय दिया, पुलिस…

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 काकोरी ट्रेन एक्शन उत्तर प्रदेश सरकार ने भारत के स्वाधीनता संग्राम के इतिहास के एक अहम् अध्याय ‘काकोरी कांड’ का नाम बदलकर ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ कर दिया है क्योंकि ‘कांड’ शब्द भारत के स्वतंत्रता संग्राम के तहत इस घटना के अपमान की भावना को दर्शाता…

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मोतीलाल नेहरू मोतीलाल नेहरू एक प्रख्यात वकील, कुशल राजनीतिज्ञ एवं स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने देशबन्धु चितरंजन दास के साथ मिलकर वर्ष 1922 में स्वराज पार्टी की स्थापना की इनके नेतृत्व में ही ‘नेहरू कमेटी रिपोर्ट (वर्ष-1928)’ के नाम से प्रसिद्ध…

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काल कोठरी नामक घटना पश्चिम बंगाल की एक घटना है, जो स्वतंत्रता पूर्व काल की है। ब्लैक होल दुर्घटना युद्ध की आम प्रणाली के अनुसार फोर्ट विलियम के 146 बंदियों को 20 जून, 1756 की रात 18 फुट लंबे एवं 14 फुट 10…

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क्या था द्वैत शासन ? द्वैत शासन का अर्थ है बिना उत्तरदायित्व वाला अधिकार होता था और बिना अधिकार वाला उत्तरदायित्व यानि जिसके पास अधिकार है उसकी कोई जबाबदेही नही है जिसके पास अधिकार नहीं है उसके पास उत्तरदायित्व है…

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उद्देश्य इस घोषणा पत्र को भारत में अंग्रेज़ी शिक्षा का मैग्ना कार्टा भी कहा जाता है। उनके इस आदेश पत्र के अनुसार लोक शिक्षा विभाग की स्थापना 1855 ईसवी में की गई। प्रस्ताव में पाश्चात्य शिक्षा के प्रसार को सरकार ने अपना…

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संस्था/संगठन/आंदोलन  –  वर्ष   –  संस्थापक/प्रवर्तक रॉयल एशियाटिक सोसायटी  – 1784 ई. –  विलियम जोंस आत्मीय सभा – 1814 ई०  – राजा राम मोहन राय वेदांत कॉलेज  – 1825 – राजा राम मोहन राय यंग बंगाल आंदोलन  – 1826 ई० –…

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SOCIO-RELIGIOUS MOVEMENTS IN MODERN INDIA 19वीं शताब्दी में भारत में यूरोपीय तर्ज पर हुए पुर्णजागरण (सुधार आंदोलनों) को प्रकृति के आधार पर दो वर्गों में बांटा जा सकता है – सुधारवादी आंदोलन (Reformist movements) – ब्रह्म समाज, प्रार्थना समाज तथा…

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बिहार के हुसेपुर नामक स्थान पर जमींदार फतेह शाही ने भू-राजस्व वसूली के विरोध में 1767-95 ई० की अवधि में विद्रोह किया। 1782 ई० में दिर्जिनारायण के नेतृत्व में बंगाल के रंगपुर एवं दीनाजपुर में किसानों ने जमींदारों ‘द्वारा कर…

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1764ई०-हैक्टर मुनरो की एक बटालियन बक्सर के युद्ध में विद्रोह कर मीर कासिम से जा मिली। – 1806 ई०-सैनिकों ने अपने सामाजिक-धार्मिक रीति-निवाज में हस्तक्षेप के विरोध में वेलौर में विद्रोह किया। 1824ई०-47वीं पदाति टुकड़ी ने पर्याप्त भत्ते के बिना…

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1700 ई० में फ्रांसीसी यात्री बर्नियर ने भारत की उन्नत आर्थिक दशा का वर्णन करते हुए हुए बंगाल को मिस्र से भी अधिक धनी बताया। भारत की पुरानी स्वाबलंबी (Self-sufficient) अर्थव्यवस्था के संबंध में विचार रखते हुए कार्ल मार्क्स ने…

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Important Governor/Governor Generals & Viceroys Of India रॉबर्ट क्लाइव (1757-60 ई० तथा 1765-67 ई०) क्लाइव ने बंगाल में वैद्य शासन (dual Govt.) की स्थापना की। वह 1767 ई० के प्लासी के युद्ध में अंग्रजों का नायक बनकर उभरा। उसने बंगाल…

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सिंध का विलय ब्रिटिश गवर्नर जेनरल लॉर्ड ऑकलैंड ने रूस के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए अफगानिस्तान पर आक्रमण करने की आवश्यकता अनुभव की। ऑकलैंड अफगानिस्तान में अपनी सेनाएँ भेजने के लिए सिंध से एक मार्ग चाहता था।  अंग्रेजों,…

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