visheshan
Hindi
Monisha

विशेषण

विशेषण संज्ञा और सर्वनाम की विशेषता प्रकट करने वाले शब्दों को विशेषण कहते है, विशेषण एक ऐसा शब्द है जो हर हाल में संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है। विशेषण और विशेष्य-जिस संज्ञा या सर्वनाम शब्द की विशेषता प्रकट की जाती है विशेष्य और जो विशेषता सूचक शब्द होता है उसे विशेषण कहते हैं।

Read More »
tatsam tadbhav
Hindi
Monisha

तत्सम व तद्भव

शब्दों का वर्गीकरण हिन्दी भाषा में शब्दों का वर्गीकरण उत्पत्ति के आधार पर 4 वर्गों में किया जाता है 1. उत्पत्ति व इतिहास की दृष्टि से 2. रचना या बनावट के आधार पर 3. प्रयोग या व्याकरण 4. अर्थ के अनुसार उत्पत्ति के आधार पर शब्दों के भी पाँच विभाग किये जाते हैं तत्सम तत् +

Read More »
Hindi
Monisha

व्यंजन भेद-अर्थ एवं महत्व

स्वरों की सहायता से बोले जाने वाले वर्ण व्यंजन कहलाते है। जिन ध्वनियों का उच्चारण करते समय श्वास मुख के किसी स्थान विशेष (तालु मूर्धा, ओष्ठ या दाँत) आदि का स्पर्श करते हुए निकले उन्हें व्यंजन कहते हैं। परंपरागत रूप से व्यंजनों की संख्या 33 मानी जाती है। व्यंजनों का वर्गीकरण व्यांजनों को उच्चारण की

Read More »
hindi varnmala
Hindi
Monisha

हिन्दी भाषा एवं वर्णमाला

भाषा क्या है ? भावों को अभिव्यक्त करने के माध्यम को भाषा कहते है। हिन्दी भाषा मूलतः आर्य परिवार की भाषा है। इसकी लिपि देवनागरी है जिसका विकास ब्राह्मी लिपि (इसी लिपि में वैदिक साहित्य रचित) से हुआ। हिन्दी के विकास में वैदिक संस्कृत, लौपिक संस्कृत पाली, प्राकृत, अपभ्रंश एवं विदेशी भाषाओं-अरबी, फारसी आदि का योगदान

Read More »
janhit yachika
Polity
Monisha

जनहित याचिका क्या होती है ? और ये क्यूँ शुरू हुई ?

पहले के समय कोर्ट में सिर्फ तभी सुनवाई होती थी और निर्णय दिये जाते थे जब वादी और प्रतिवादी पक्ष न्यायालय में आकार न्याय की मांग करें ! परंतु दलित, निर्धन, पिछड़े, निरक्षर, एवं अक्षम लोगों को शीघ्र न्याय दिलाने के लिए अपने ऊपर लगे इस प्रतिबंध को न्यालपालिका ने हटा लिया ! साल 1970

Read More »
History
Monisha

खालसा पंत | सिखों का उदय (RISE OF SIKHS)

सिख शब्द का अर्थ होता है ‘शिक्षा प्राप्त करने वाला’ अथवा ‘शिष्य’। सिख धर्म की स्थापना गुरु नानक ने की। 1496 ई० की कार्तिक पूर्णीमा को नानक को आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति हुई। गुरु नानक सिखों के पहले गुरु हुए। उन्होंने अपने उपदेशों में निर्गुण एकेश्वरवाद पर बल दिया।  गुरु नानक के उपदेशों का संकलन

Read More »
Audio Notes
Monisha

मराठा राज्य | शिवाजी के नेतृत्व में मराठों का उदय

मराठों का उत्थान 17 वीं शताब्दी में मराठों का उत्थान हुआ वास्तव में दक्षिण भारत में चलने वाले सामाजिक धार्मिक जागरण का परिणाम था इस क्षेत्र ने अपनी भौगोलिक क्षेत्रता का लाभ मराठों को प्रदान किया इसके फलस्वरुप कुशल नेतृत्व के निर्देशन में मराठों का उत्थान हुआ मराठे 17 वीं सदी से बीजापुर अहमद नगर

Read More »
Audio Notes
Monisha

सूर साम्राज्य | शेरशाह सूरी का इतिहास

शेरशाह सूरी का परिचय सूर वंश की स्थापना शेरशाह सूरी ने की इसका बचपन का नाम फरीन था और इसके पिता का नाम हसन था, जौनपुर के खाने आजम जो कि वहाँ के शासक थे जिनका नाम था जमाई खाँ सुरवानी इन्होंने हसन को (शेरशाह के पिता को) सासाराम खवासपुर की जागीर सौंपी थी शेरशाह

Read More »
History
Monisha

मुगल प्रशासन (MUGHAL ADMINISTRATION)

मुगल शासन-प्रणाली में केंद्रीयकृत नौकरशाही की प्रमुखता थी। मुगल प्रशासन में सम्राट सभी विभागों का प्रधान होता था। उसे उदार निरंकुश कहा जा सकता है।  प्रशासन में बादशाह की मदद के लिए एक मंत्रिपरिषद होती थी, परंतु वह उसकी सलाह मानने को बाध्य नहीं था। ।  वकील-ए-मुतलक – प्रधानमंत्री (सम्राट की अनुपस्थिति में प्रमुख प्रशासनिक

Read More »
History
Monisha

मुगलों का पतन – पूरी जानकारी

औरंगजेब की मृत्यु  औरंगजेब की मृत्यु के बाद मुगल साम्राज्य का पतन प्रारम्भ हो गया था औरंगजेब ने किसी को भी अपना उत्तराधिकारी घोषित नहीं किया था औरंगजेब की मृत्यु के पश्चात उसके तीनों पुत्र मुअज्जम, आजम, कामबख्श में युध्द हो गया और अंत में उसका बडा पुत्र मुअज्जम जो कि उस वक्त 63 वर्ष

Read More »