Ancient History
Monisha

त्रिपक्षीय संघर्ष

हर्षवर्द्धन की मृत्यु के बाद भारत में तीन प्रमुख शक्तियों पाल, प्रतिहार एवं राष्ट्रकूट वंशों का उदय हुआ, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में लंबे समय तक शासन किया।  कन्नौज पर प्रभुत्व के सवाल पर उपरोक्त तीनों राजवंशों के बीच ‘8वीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध में एक ‘त्रिपक्षीय संघर्ष’ आरंभ हुआ जो 200 वर्षों तक चला।  कन्नौज गंगा

Read More »
Ancient History
Monisha

राजपूतों के वंश (Dynasties of Rajputs)

ऐसा माना जाता है कि राजपूत शब्द एक जाति या वर्ण-विशेष के लिए इस देश में मुसलमानों के आने के बाद प्रचलित हुआ। ‘राजपूत’ या ‘रजपूत’ शब्द संस्कृत के राजपुत्र शब्द का अपभ्रंश है। प्राचीन ग्रंथ कुमारपाल चरित् एवं वर्ण रत्नाकर आदि में राजपूतों के 36 कुलों की सूची मिलती है।  राजतरंगिणी में भी राजपूतों के 36

Read More »
Ancient History
Monisha

सीमावर्ती राजवंशों का इतिहास

पाल वंश (Pal Dynasty) खलीमपुर ताम्र-पत्र अभिलेख से ज्ञात होता है कि 750 ई० में बंगाल की जनता ने अराजकता से त्रस्त होकर स्वयं गोपाल को अपना राजा चुना।  गोपाल (750-80 ई०) पाल वंश का प्रथम शासक था।  इस वंश की राजधानी मुंगेर थी।  गोपाल बौद्ध धर्म को मानता था, उसने ओदंतपुरी विश्वविद्यालय की स्थापना

Read More »
dakshin bharat का इतिहास
Ancient History
Monisha

दक्षिण भारत का इतिहास

उपलब्ध संसाधन संकेत करते हैं कि दक्षिण भारत, मुख्यत: तमिलनाडु एवं केरल में प्रथम सहस्त्राब्दी में महापाषाणयुगीन लोग रहते थे।  पल्लव वंश (Pallav Dynesty) राष्ट्रकूट वंश (RashtrakutDynasty) चालुक्य वंश (CHALUKYADYNASTY)  बादामी के चालुक्य (Chalukyas of Badami) कल्याणी के चालुक्य (Chalukyas of Kalyani) वेंगी के चालुक्य (Chalukyas of Vengi) यादव वंश (Yadav Dynasty) काकतीय वंश (Kaktiya

Read More »
Ancient History
Monisha

पुष्यभूति वंश | हर्षवर्धन

गुप्त वंश के पतन के पश्चात् पुष्यभूति ने थानेश्वर में एक नवीन राजवंश की स्थापना की जिसे ‘पुष्यभूति वंश’ कहा गया। हर्षवर्द्धन (इस राजवंश का सबसे प्रतापी शासक) के लेखों में उसके केवल चार पूर्वजों नरवर्द्धन, राज्यवर्द्धन, आदित्यवर्द्धन एवं प्रभाकरवर्द्धन का उल्लेख मिलता है।

Read More »
हूण
Ancient History
Monisha

हूण कौन थे ?

हूण लोग मंगोल प्रजाति के खानाबदोश जंगलियों के एक समूह थे। यह युद्धप्रिय एवं बर्बर जाति आरंभ में चीन के पड़ोस में निवास करती थी।

Read More »
Gupt Kaal
Ancient History
Monisha

गुप्त काल | सम्पूर्ण जानकारी

गुप्त काल (GUPTA PERIOD)  गुप्तकालीन संस्कृति प्रशासन (Administration) गुप्तकालीन केंद्रीय नौकरशाही  गुप्तकालीन केंद्रीय नौकरशाही के विषय में कोई विशेष जानकारी उपलब्ध नहीं है। परंतु कुछ प्रमुख कर्मचारियों के पदों का जिक्र अवश्य मिलता है। गुप्त शासकों ने किसी नयी व्यवस्था को जन्म नहीं दिया, बल्कि पुरानी व्यवस्था को ही आवश्यक परिवर्तनों के साथ लागू किया

Read More »
mauryottar kaal
Ancient History
Monisha

मौर्योत्तर काल 🔥

मौर्योत्तर काल (POST-MAURYA PERIOD)  ब्राह्मण साम्राज्य (BRAHMIN EMPIRE) शुंग वंश (Sunga Dynasty) कण्व वंश (Kanav Dynasty)  सातवाहन वंश  वाकाटक वंश  विदेशी आक्रमण  हिन्द यूनानी (indo-greek) हिन्द-पार्थियन (Indo-Parthian) शक (Shakas) कुषाण (Kushanas) कलिंग राज खारवेल (Kalinga King Kharvell) मौर्योत्तरकालीन कला-संस्कृति  कुषाणकालीन साहित्य  Audio सुनें मौर्योत्तर कालीन प्रमुख अभिलेख  शिनकोट अभिलेख मिनांडर तख्तेवही अभिलेख गोंडफर्निस पंजतर अभिलेख

Read More »
maurya saamrajy
Ancient History
Monisha

मौर्य साम्राज्य 🔥

मौर्य कौन थे ? मौर्य वंश के इतिहास के स्रोत मौर्य वंश का इतिहास मौर्य वंश का शासन भारत में 137 वर्षों (321-187) तक रहा। इन वर्षों में कई शासक हए, जिनमें निम्न तीन सम्राटों का शासनकाल उल्लेखनीय रहा  अन्य शासक चन्द्रगुप्त मौर्य चंद्रगुप्त मौर्य की विजय साम्राज्य विस्तार चंद्रगुप्त मौर्य के अंतिम दिन बिन्दुसार

Read More »
Ancient History
Monisha

महाजनपद काल 🔥🔥

ई० पू० छठी शताब्दी में भारतीय राजनीति में एक नया परिवर्तन दृष्टिगत होता है। वह है-अनेक शक्तिशाली राज्यों का विकास। अधिशेष उत्पादन, नियमित कर व्यवस्था ने राज्य संस्था को मजबूत बनाने में योगदान दिया। सामरिक रूप से शक्तिशाली तत्वों को इस अधिशेष एवं लौह तकनीक पर आधारित उच्च श्रेणी के हथियारों से जन से जनपद

Read More »
History
Monisha

ईरानी एवं यूनानी आक्रमण | क्यों और कैसे | परिणाम और प्रभाव

पश्चिमोत्तर भारत में ईरानी आक्रमण के समय भारत में विकेन्द्रीकरण एवं राजनीतिक अस्थिरता व्याप्त थी। राज्यों में परस्पर वैमनस्य एवं संघर्ष चल रहा था। जिस समय भारत में मगध के सम्राट अपने साम्राज्य के विस्तार में रत थे, उसी समय ईरान के ईखमनी शासक भी अपना राज्य विस्तार कर रहे थे। ईरान के शासकों ने

Read More »
dharm
History
Monisha

भागवत्, वैष्णव एवं शैव धर्म से परीक्षाओं में पूछे जाने वाले तथ्य

भागवत् धर्म  6ठी‘ शताबदी ई०पू० में ब्राह्मणवाद एवं कर्मकांडीय जाटिलता के विरोध में इस धर्म का उदय हुआ, इस धर्म ने ब्राह्मणवाद में भक्ति एवं पूजा का समावेश करवाया  प्रारंभ–‘महाभारत‘ के नारायण उपस्थान प्रसंग से, आरंभिक सिद्धांत–इस धर्म के आरंभिक सिद्धांत गीता में मिलते हैं। वासुदेव–महाकाव्य महाभारत ‘ भागवत् धर्म‘ को एक दिव्यधर्म के रूप में

Read More »
boddh dharm history hindi
Ancient History
Monisha

बौद्ध धर्म का इतिहास, सम्पूर्ण कवरेज, वीडियो, ऑडियो एवं प्रश्न-उत्तर

बौद्ध धर्म महत्मा बुद्ध के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाएं जन्म-563 ई० में कपिलवस्तु में (नेपाल की तराई में स्थित) मृत्यु-483 ई० में कुशीनारा में (देवरिया उ० प्र०) ज्ञान प्राप्ति -बोध गया। प्रथम उपदेश-सारनाथ स्थित मृगदाव में महात्मा बुद्ध के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं के चिह्न या प्रतीक घटनाओं के चिह्न या प्रतीक  जन्म – कमल या

Read More »
jain dharm notes in hindi
Ancient History
Monisha

जैन धर्म | तथ्य जो प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाते हैं !

जैन धर्म (JAINISM)  जैन धर्म छठवीं शताब्दी में उदित हुए उन 62 नवीन धार्मिक संप्रदायों में से एक था। परंतु अंत में जैन धर्म एवं बौद्ध धर्म ही प्रसिद्ध हुए। छठी शताब्दी ई०पू० में भारत में उदित हुए प्रमुख धार्मिक संप्रदाय निम्न थे –  जैन धर्म [(वर्धमान महावीर (वास्तविक संस्थापक)]  बौद्ध धर्म (गौतम बुद्ध) आजीवक सम्प्रदाय

Read More »
Ancient History
Monisha

प्रागैतिहासिक काल के बारे में सम्पूर्ण जानकारी

प्राक् इतिहास या प्रागैतिहासिक काल (Pre-history or prehistoric times) इस काल में मनुष्य ने घटनाओं का कोई लिखित विवरण नहीं रखा। इस काल में विषय में जो भी जानकारी मिलती है वह पाषाण के उपकरणों, मिट्टी के बर्तनों, खिलौने आदि से प्राप्त होती है। आद्य ऐतिहासिक काल (Epochal period) इस काल में लेखन कला के

Read More »
vedic kaal ka itihaas, vedic kaal
History
Monisha

वैदिक काल का इतिहास | सम्पूर्ण जानकारी

वैदिक काल | सम्पूर्ण जानकारी | पूरी कवरेज | Vedic Kaal Ka Itihas | Complete History for UPSC/SSC वैदिक संस्कृति का काल सिन्धु सभ्यता के पश्चात स्वीकार किया गया है। राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक, धार्मिक प्रवृत्तियों में हुए मौलिक विकास क्रम एवं परिवर्तनों को ध्यान में रखते हुए | अध्ययन की सुविधा हेतु वैदिक काल को

Read More »