महाजनपद काल के बारे में बारीकी से सबकुछ जानें !!

ई० पू० छठी शताब्दी में भारतीय राजनीति में एक नया परिवर्तन दृष्टिगत होता है। वह है-अनेक शक्तिशाली राज्यों का विकास। अधिशेष उत्पादन, नियमित कर व्यवस्था ने राज्य संस्था को मजबूत बनाने में योगदान दिया। सामरिक रूप से शक्तिशाली तत्वों को इस अधिशेष एवं लौह तकनीक पर आधारित उच्च श्रेणी के हथियारों से जन से जनपद … Read more

ईरानी एवं यूनानी आक्रमण | क्यों और कैसे | परिणाम और प्रभाव

पश्चिमोत्तर भारत में ईरानी आक्रमण के समय भारत में विकेन्द्रीकरण एवं राजनीतिक अस्थिरता व्याप्त थी। राज्यों में परस्पर वैमनस्य एवं संघर्ष चल रहा था। जिस समय भारत में मगध के सम्राट अपने साम्राज्य के विस्तार में रत थे, उसी समय ईरान के ईखमनी शासक भी अपना राज्य विस्तार कर रहे थे। ईरान के शासकों ने … Read more

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भागवत्, वैष्णव एवं शैव धर्म से परीक्षाओं में पूछे जाने वाले तथ्य

भागवत् धर्म  6ठी‘ शताबदी ई०पू० में ब्राह्मणवाद एवं कर्मकांडीय जाटिलता के विरोध में इस धर्म का उदय हुआ, इस धर्म ने ब्राह्मणवाद में भक्ति एवं पूजा का समावेश करवाया  प्रारंभ–‘महाभारत‘ के नारायण उपस्थान प्रसंग से, आरंभिक सिद्धांत–इस धर्म के आरंभिक सिद्धांत गीता में मिलते हैं। वासुदेव–महाकाव्य महाभारत ‘ भागवत् धर्म‘ को एक दिव्यधर्म के रूप में … Read more

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बौद्ध धर्म का इतिहास, सम्पूर्ण कवरेज, वीडियो, ऑडियो एवं प्रश्न-उत्तर

बौद्ध धर्म महत्मा बुद्ध के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाएं जन्म-563 ई० में कपिलवस्तु में (नेपाल की तराई में स्थित) मृत्यु-483 ई० में कुशीनारा में (देवरिया उ० प्र०) ज्ञान प्राप्ति -बोध गया। प्रथम उपदेश-सारनाथ स्थित मृगदाव में महात्मा बुद्ध के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं के चिह्न या प्रतीक घटनाओं के चिह्न या प्रतीक  जन्म – कमल या … Read more

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जैन धर्म | सम्पूर्ण जानकारी | तथ्य | Audio | Video

जैन धर्म (JAINISM)  जैन धर्म छठवीं शताब्दी में उदित हुए उन 62 नवीन धार्मिक संप्रदायों में से एक था। परंतु अंत में जैन धर्म एवं बौद्ध धर्म ही प्रसिद्ध हुए। छठी शताब्दी ई०पू० में भारत में उदित हुए प्रमुख धार्मिक संप्रदाय निम्न थे –  जैन धर्म [(वर्धमान महावीर (वास्तविक संस्थापक)]  बौद्ध धर्म (गौतम बुद्ध) आजीवक सम्प्रदाय … Read more

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प्रागैतिहास काल के बारे में सम्पूर्ण जानकारी | Pragetihasik Kaal

प्रागैतिहास काल  प्राक् इतिहास या प्रागैतिहासिक काल (Pre-history or prehistoric times) इस काल में मनुष्य ने घटनाओं का कोई लिखित विवरण नहीं रखा। इस काल में विषय में जो भी जानकारी मिलती है वह पाषाण के उपकरणों, मिट्टी के बर्तनों, खिलौने आदि से प्राप्त होती है। आद्य ऐतिहासिक काल (Epochal period) इस काल में लेखन … Read more

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वैदिक काल | सम्पूर्ण जानकारी | पूरी कवरेज | Vedic Kaal Ka Itihas | Complete History for UPSC/SSC

वैदिक काल | सम्पूर्ण जानकारी | पूरी कवरेज | Vedic Kaal Ka Itihas | Complete History for UPSC/SSC वैदिक संस्कृति का काल सिन्धु सभ्यता के पश्चात स्वीकार किया गया है। राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक, धार्मिक प्रवृत्तियों में हुए मौलिक विकास क्रम एवं परिवर्तनों को ध्यान में रखते हुए | अध्ययन की सुविधा हेतु वैदिक काल को … Read more

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हडप्पा सभ्यता- सिन्धु घाटी की सभ्यता | Harappa/Hadappa Sabhyata in Hindi

इस सभ्यता को हड़प्पा सभ्यता इसलिए कहा जाता है क्योंकि सर्वप्रथम 1921 में पाकिस्तान के शाहीवाल जिले के हड्प्पा नामक स्थल से इस सभ्यता की जानकारी प्राप्त हुई। 1922 में जब मोहनजोदड़ो एवं अन्य स्थलों का पता चला तब यह मानकर कि सिन्धु घाटी के इर्द-गिर्द ही इस सभ्यता का विस्तार है, उसका नामकरण ‘सिन्धु … Read more

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प्राचीन भारतीय इतिहास का प्रस्तर युग | सम्पूर्ण जानकारी

इतिहासकारों ने भारत के प्राचीन इतिहास को तीन काल खण्डों में बाँटा हैं। वह काल जिसकी जानकारी के लिए लिखित साधन का अभाव है तथा जिसमें मानव असभ्य जीवन जी रहा था, को ‘प्रागैतिहासिक काल’ की संज्ञा दी गई। इस काल के बारे में जानकारी पत्थर के उपकरणों, खिलौनों, मिट्टी के बर्तनों आदि से मिलती … Read more

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प्राचीन इतिहास | Handwritten Notes Hindi PDF Download

प्राचीन इतिहास के ये Handwritten Notes जो कि हिंदी में हैं सभी प्रतियोगिताओं के लिए बेहद उपयोगी हैं और ख़ास तौर पर एसएससी की परीक्षाओं के लिए, मात्र 45 पेज में इसमें बोद्ध धर्म से लेकर गुप्तोतर काल तक को बेहद अच्छे तरीके से लिखा गया है | एक और ख़ास बात जो इस Handwritten … Read more

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प्राचीन भारतीय सिक्कों का संक्षिप्त इतिहास

पुरातात्विक स्रोतों के आधार पर अनुमान लगाया जाता है कि 7वीं शताब्दी ई० पू० के लगभग पश्चिमी एशिया के अन्तर्गत यूनानी नगरों में सर्वप्रथम सिक्के प्रचलन में आये। वैदिक ग्रंथों में आये ‘निष्क‘ और ‘शतमान‘ का प्रयोग वैदिक काल में सिक्कों के रूप में भी होता था। भारत में धातु के सिक्के सर्वप्रथम गौतमबुद्ध के … Read more

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(56 Facts PDF) प्राचीन इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण तथ्य

ऐतिहासिक स्त्रोत | प्रागेतिहासिक संस्कृतियां | सिन्धु घाटी सभ्यता Indian History Notes in Hindi – For UPSC, SSC, Railway and all other competitive Examinations सर्वप्रथम 1837 ई. में जेम्स प्रिन्सेप को अशोक के अभिलेख को पढ़ने में सफलता मिली। भारत से बाहर सर्वाधिक प्राचीनतम अभिलेख मध्य एशिया के बोगजकोई नामक स्थान से लगभग 1400 ई.पू. … Read more

पोरस कौन था ? Who was Porus in Hindi

पोरस कौन था ? Who was Porus in Hindi राजा पोरस (राजा पुरू भी) पोरवा राजवंश के वशंज थे, जिनका साम्राज्य पंजाब में झेलम और चिनाब नदियों तक (ग्रीक में ह्यिदस्प्स और असिस्नस) और उपनिवेश ह्यीपसिस तक फैला हुआ था। इनका क्षेत्र हाइडस्पेश (झेलम) और एसीसेंस (चिनाब) के बीच था जो कि अब पंजाब का क्षेत्र … Read more

प्रागैतिहासिक कालीन संस्कृति एवं विशेषताएं

प्रागैतिहासिक कालीन संस्कृति एवं विशेषताएं काल संस्कृति के लक्षण मुख्य स्थल महत्व उपकरण एवं विशेषताएं निम्न पुरापाषाण काल शल्क, गंडासा, खंडक, उपकरण, संस्कृति पंजाब, कश्मीर, सोहन घाटी, सिंगरौली घाटी, छोटा नागपुर, नर्मदा घाटी, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश हस्त कुठार एवं वाटिकाश्म उपकरण, होमो इरेक्टस के अस्थि अवशेष नर्मदा घाटी से प्राप्त हुए हैं | मध्य पुरापाषाण … Read more

जैन धर्म के 24 तीर्थंकर ( 24 Tirthankaras of Jainism)

जैन धर्म के 24 तीर्थंकर (24 Tirthankaras of Jainism) 1 ऋषभदेव (आदिनाथ) 13 अजीत नाथ 2 संभवनाथ 14 अभिनंदन 3 सुमितिनाथ 15 पदम प्रभु 4 सुपार्शवनाथ 16 चंद्रप्रभु 5 सुविधिनाथ 17 शीतलनाथ 6 श्रेयांशनाथ 18 वासुमल 7 विमलनाथ 19 अनंतनाथ 8 धर्मनाथ 20 शांतिनाथ 9 कुंथुनाथ 21 अरनाथ 10 मल्लीनाथ 22 मुनि सुब्रत 11 नेमीनाथ … Read more