भारत के प्रमुख शास्त्रीय नृत्य – Indian classical dance

Table of Contents

1. भरतनाट्यम्

bharatnatyam

  • भरत नाट्यम में नृत्‍य के तीन मूलभूत तत्‍वों को कुशलतापूर्वक शामिल किया गया है। ये हैं भाव अथवा मन:स्थिति, राग अथवा संगीत और स्‍वरमार्धुय और ताल अथवा काल समंजन।
  • भरत नाट्यम में जीवन के तीन मूल तत्‍व – दर्शन शास्‍त्र, धर्म व विज्ञान हैं। यह एक गतिशील व सांसारिक नृत्‍य शैली है, तथा इसकी प्राचीनता स्‍वयं सिद्ध है।
  • वस्‍तुत: य‍ह एक ऐसी परंपरा है, जिसमें पूर्ण समर्पण, सांसारिक बंधनों से विरक्ति तथा निष्‍पादनकर्ता का इसमें चरमोत्‍कर्ष पर होना आवश्‍यक है।

2. कथकली

kathakali

केरल के दक्षिण – पश्चिमी राज्‍य का एक समृद्ध और फलने फूलने वाला नृत्‍य कथकली यहां की परम्‍परा है। कथकली का अर्थ है एक कथा का नाटक या एक नृत्‍य नाटिका।

  • यहां अभिनेता रामायण और महाभारत के महाग्रंथों और पुराणों से लिए गए चरित्रों को अभिनय करते हैं। यह अत्‍यंत रंग बिरंगा नृत्‍य है। इसके नर्तक उभरे हुए परिधानों, फूलदार दुपट्टों, आभूषणों और मुकुट से सजे होते हैं।
  • वे उन विभिन्‍न भूमिकाओं को चित्रित करने के लिए सांकेतिक रूप से विशिष्‍ट प्रकार का रूप धरते हैं, जो वैयक्तिक चरित्र के बजाए उस चरित्र के अधिक नजदीक होते हैं।
  • विभिन्‍न विशेषताएं, मानव, देवता समान, दैत्‍य आदि को शानदार वेशभूषा और परिधानों के माध्‍यम से प्रदर्शित किया जाता है। इस नृत्‍य का सबसे अधिक प्रभावशाली भाग यह है कि इसके चरित्र कभी बोलते नहीं हैं, केवल उनके हाथों के हाव भाव की उच्‍च विकसित भाषा तथा चेहरे की अभिव्‍यक्ति होती है जो इस नाटिका के पाठ्य को दर्शकों के सामने प्रदर्शित करती है।
  • उनके चेहरे के छोटे और बड़े हाव भाव, भंवों की गति, नेत्रों का संचलन, गालों, नाक और ठोड़ी की अभिव्‍यक्ति पर बारीकी से काम किया जाता है तथा एक कथकली अभिनेता – नर्तक द्वारा विभिन्‍न भावनाओं को प्रकट किया जाता है। इसमें अधिकांशत: पुरुष ही महिलाओं की भूमिका निभाते हैं, जबकि अब कुछ समय से महिलाओं को कथकली में शामिल किया जाता है।

3. कथक

kathak

कथक का नृत्‍य रूप 100 से अधिक घुंघरु‍ओं को पैरों में बांध कर तालबद्ध पदचाप, विहंगम चक्‍कर द्वारा पहचाना जाता है और हिन्‍दु धार्मिक कथाओं के अलावा पर्शियन और उर्दू कविता से ली गई विषयवस्‍तुओं का नाटकीय प्रस्‍तुतीकरण किया जाता है। कथक का जन्‍म उत्तर में हुआ किन्‍तु पर्शियन और मुस्लिम प्रभाव से यह मंदिर की रीति से दरबारी मनोरंजन तक पहुंच गया।

  • शब्‍द कथक का उद्भव कथा से हुआ है, जिसका शाब्दिक अर्थ है कहानी कहना। पुराने समय में कथा वाचक गानों के रूप में इसे बोलते और अपनी कथा को एक नया रूप देने के लिए नृत्‍य करते।
  • इससे कथा कलाक्षेपम और दक्षिण भारत में हरी कथा का रूप बना और यही उत्तर भारत में कथक के रूप में जाना जाता है।
  • लगभग 15वीं शताब्‍दी में इस नृत्‍य परम्‍परा में मुगल नृत्‍य और संगीत के कारण बड़ा परिवर्तन आया।
  • 16वीं शताब्‍दी के अंत तक कसे हुए चूड़ीदार पायजामे को कथक नृत्‍य की वेशभूषा मान लिया गया।
  • कथक की शैली का जन्‍म ब्राह्मण पुजारियों द्वारा हिन्‍दुओं की पारम्‍परिक पुन: गणना में निहित है, जिन्‍हें क‍थिक कहते थे, जो नाटकीय अंदाज में हाव भावों का उपयोग करते थे।
  • क्रमश: इसमें कथा कहने की शैली और अधिक विकसित हुई तथा एक नृत्‍य रूप बन गया। उत्तर भारत में मुगलों के आने पर इस नृत्‍य को शाही दरबार में ले जाया गया और इसका विकास ए परिष्कृत कलारूप में हुआ, जिसे मुगल शासकों का संरक्षण प्राप्‍त था और कथक ने वर्तमान स्‍वरूप लिया। इस नृत्‍य में अब धर्म की अपेक्षा सौंदर्य बोध पर अधिक बल दिया गया।
  • इस नृत्‍य परम्‍परा के दो प्रमुख घराने हैं, इन दोनों को उत्तर भारत के शहरों के नाम पर नाम दिया गया है और इनमें से दोनों ही क्षेत्रीय राजाओं के संरक्षण में विस्‍तारित हुआ – लखनऊ घराना और जयपुर घराना।

4. ओड़िसी

5. मणिपुरी

6. मोहिनीअट्टम

7. कुचिपुड़ी

कुचीपुडी आंध्र प्रदेश की एक स्‍वदेशी नृत्‍य शैली है जिसने इसी नाम के गांव में जन्‍म लिया और पनपी, इसका मूल नाम कुचेलापुरी या कुचेलापुरम था, जो कृष्‍णा जिले का एक कस्‍बा है।

  • अपने मूल से ही यह तीसरी शता‍ब्‍दी बीसी में अपने धुंधले अवशेष छोड़ आई है, यह इस क्षेत्र की एक निरंतर और जीवित नृत्‍य परम्‍परा है। कुचीपुडी कला का जन्‍म अधिकांश भारतीय शास्‍त्रीय नृत्‍यों के समान धर्मों के साथ जुड़ा हुआ है।
  • एक लम्‍बे समय से यह कला केवल मंदिरों में और वह भी आंध्र प्रदेश के कुछ मंदिरों में वार्षिक उत्‍सव के अवसर पर प्रदर्शित की जाती थी।
  • परम्‍परा के अनुसार कुचीपुडी नृत्‍य मूलत: केवल पुरुषों द्वारा किया जाता था और वह भी केवल ब्राह्मण समुदाय के पुरुषों द्वारा।
  • ये ब्राह्मण परिवार कुचीपुडी के भागवतथालू कहलाते थे। कुचीपुडी के भागवतथालू ब्राह्मणों का पहला समूह 1502 ए. डी. निर्मित किया गया था। उनके कार्यक्रम देवताओं को समर्पित किए जाते थे तथा उन्‍होंने अपने समूहों में महिलाओं को प्रवेश नहीं दिया।
  • महिला नृत्‍यांगनाओं के शोषण के कारण नृत्‍य कला के ह्रास के युग में एक सिद्ध पुरुष सिद्धेंद्र योगी ने नृत्‍य को पुन: परिभाषित किया। कुचीपुडी के पंद्रह ब्राह्मण परिवारों ने पांच शताब्दियों से अधिक समय तक परम्‍परा को आगे बढ़ाया है।
  • प्रतिष्ठित गुरु जैसे वेदांतम लक्ष्‍मी नारायण, चिंता कृष्‍णा मूर्ति और ता‍देपल्‍ली पेराया ने महिलाओं को इसमें शामिल कर नृत्‍य को और समृद्ध बनाया है। डॉ॰ वेमापति चिन्‍ना सत्‍यम ने इसमें कई नृत्‍य नाटिकाओं को जोड़ा और कई एकल प्रदर्शनों की नृत्‍य संरचना तैयार की और इस प्रकार नृत्‍य रूप के क्षितिज को व्‍यापक बनाया।
  • यह परम्‍परा तब से महान बनी हुई है जब पुरुष ही महिलाओं का अभिनय करते थे और अब महिलाएं पुरुषों का अभिनय करने लगी हैं।

8. कुटियाट्टम

कटियाट्टम केरल के शास्‍त्रीय रंग मंच का अद्वितीय रूप है जो अत्‍यंत मनमोहक है। यह‍ 2000 वर्ष पहले के समय से किया जाता था और यह संस्‍कृत के नाटकों का अभिनय है और यह भारत का सबसे पुराना रंग मंच है, जिसे निरंतर प्रदर्शित किया जाता है।

  • राजा कुल शेखर वर्मन ने 10वीं शताब्‍दी ए. डी. में कुटियाट्टम में सुधार किया और रूप संस्‍कृत में प्रदर्शन की परम्‍परा को जारी रखे हुए है। प्राकृत भाषा और मलयालम अपने प्राचीन रूपों में इस माध्‍यम को जीवित रखे हैं। इस भण्‍डार में भास, हर्ष और महेन्‍द्र विक्रम पल्‍लव द्वारा दिखे गए नाटक शामिल हैं।
  • पारम्‍परिक रूप से चकयार जाति के सदस्‍य इसमें अभिनय करते हैं और यह इस समूह को समर्पण ही है जो शताब्दियों से कुटियाट्टम के संरक्षण का उत्तरदायी है।
  • द्रुमरों की उप जाति नाम्बियार को इस रंग मंच के साथ निझावू के अभिनेता के रूप में जोड़ा जाता है (मटके के आकार का एक बड़ा ड्रम कुटियाट्टम की विशेषता है)। नाम्बियार समुदाय की महिलाएं इसमें महिला चरित्रों का अभिनय करती है और बेल धातु की घंटियां बजती है। जबकि अन्‍य समुदायों के लोग इस नाट्य कला का अध्‍ययन करते हैं और मंच पर प्रदर्शन में भाग ले सकते हैं, किन्‍तु वे मंदिरों में प्रदर्शन नहीं करते।
  • जटिल हाव भाव की भाषा, मंत्रोच्‍चार, चेहरे और आंखों की अतिशय अभिव्‍यक्ति विस्‍तृत मुकुट और चेहरे की सज्‍जा के साथ मिलकर कुटियाट्टम का अभिनय बनाते हैं। इसमें मिझावू ड्रमों द्वारा, छोटी घंटियों और इडक्‍का (एक सीधे गिलास के आकार का ड्रम) से तथा कुझाल (फूंक कर बजाने वाला एक वाद्य) और शंख से संगीत दिया जाता है।
सम्पूर्ण सामान्य ज्ञान
भारत | सामान्य ज्ञान  विश्व | सामान्य ज्ञान 
1. भारत | नवीनतम कौन, क्या है 1. विश्व | नवीनतम कौन, क्या है
2. भारत एक संक्षिप्त परिचय 2. अंतराष्ट्रीय दिवस
3. भारत में प्रथम 3. विशेष प्रतीक और चिन्हf
4. भारत में प्रथम (पुरुष) 4. प्रमुख सरकारी दस्तावेज
5. भारत में प्रथम (महिला) 5. 20 प्रचलित चिन्ह और उनके अर्थ
6. भारत में सबसे बड़ा, ऊंचा और सबसे लंबा 6. विश्व की महत्वपूर्ण समाचार एजेन्सीयां
7. भारत में जनसंचार 7. विश्व में प्रथम (महिला, पुरुष)
8. भारत के प्रमुख समाचार पत्र(आजादी से पूर्व) 8. विश्व में सर्वाधिक बड़ा, छोटा, लंबा और ऊंचा
9. भारत के प्रमुख समाचार पत्र 9. प्रमुख देश उनकी राजधानी एवं मुद्राएँ
10. महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दिवस 10. विभिन्न देशों की मुद्रायें
11. भारत की 17 प्रमुख जनजातियाँ 11. विश्व के नगरों के उपनाम
12. भारत के प्रमुख शिखर 12. विश्व प्रसिद्ध स्थलों के भौगोलिक नाम और उपनाम
13. भारत के 100 सर्वाधिक जनसंख्या वाले शहर 13. विश्व के प्रमुख युध्द
14. भारत के प्रमुख उद्योग 14. प्रसिध्द सीमा रेखाएं
15. भारत के महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दिवस | जनवरी से दिसंबर तक 15. महत्वपूर्ण सप्ताह-वर्ष
16. भारत में सर्वाधिक जनसंख्या वाले शहर 16. संसद में महिलायें
17. भारत के राज्यों के प्रमुख लोक नृत्य 17. प्रमुख देशों के राष्ट्रीय प्रतीक
18. भारत के शाष्त्रीय नृत्य 18. विभिन्न देशों में गणतंत्र दिवस की सूची
19. भारत के राष्ट्रीय प्रतीक 19. विश्व की प्रमुख संसदों के नाम
20. भारत के राज्य 20. विभिन्न देशों की विमान सेवायें
21. भारत के 34 प्रमुख व्यक्तियों के उपनाम 21. विभिन्न देशों की प्रसिद्ध संरचनायें
22. भारत के 73 प्रमुख दर्शनीय स्थल 22. विश्व के सबसे प्राचीन देश व नवीन देश
23. भारत के 40 विश्व विरासत स्थल 23. विश्व के दस सबसे बड़े देश | क्षेत्रफल व जनसंख्या के अनुसार
24. भारत के प्रमुख वाद्ययंत्र और उनके वादक 24. विश्व के 10 सर्वाधिक जनसंख्या वाले नगर
25. भारत के प्रमुख शोध संस्थान एवं अनुसंधान केन्द्र 25. विश्व विख्यात म्यूजियम एवं आर्ट गैलेरी
26. प्रमुख राग एव उनका गायन काल 26. विभिन्न देशों के प्रमुख राजनीतिक दल
27. भारतीय महापुरुषों की जयंतियां 27. विश्व के प्रमुख संगठन और उनके मुख्यालय
28. भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नरों की सूची 28. विश्व के महत्वपूर्ण आश्चर्य
29. भारत की महिला मुख्यमंत्रीयों की सूची 29. विश्व की सर्वाधिक राष्ट्रों की सीमा को स्पर्श करने वाले देश
30. प्रमुख व्यक्तियों से सम्बध्द स्थल 30. विश्व के प्रमुख देशों की गुप्चर संस्थाएं
31. प्रख्यात कॉमिक्स चरित्र एवं उनके रचनाकार 31. विश्व के प्रमुख युध्द
32. भारत के राष्ट्रपति की सूची (1884 से अब तक) 32. विश्व के 10 सर्वश्रेष्ठ विश्विद्यालय
33. भारत के उपराष्ट्रपति की सूची 1952 से 2017 तक वर्तमान समय तक 33. संसार के आश्चर्य | प्राचीन काल | मध्यकाल | आधुनिक काल
34. भारत की महारत्न व नवरत्न कम्पनियां 34. संयुक्त राष्ट्र से सम्बद्ध प्रमुख संस्थाएं व उनके मुख्यालय
35. भारत के मुख्य न्यायाधीशों की लिस्ट (वर्ष 1950 से अब तक) 35. विभिन्न देशों की विमान सेवाएँ
36. उत्पादन से संबन्धित विविध क्रांतियां 36. विश्व की प्रमुख पर्वत चोटियाँ
37. चर्चित आपरेशन/अभियान 37. विश्व के प्रमुख मरुस्थल/रेगिस्तान
38. सार्क सम्‍मेलनों की सूची
39. यूरोप के प्रमुख देश उनकी राजधानी, क्षेत्रफल एवं मुद्रा
पुरस्कार (भारत) पुरस्कार (विश्व)
1. भारत रत्न 1. विश्व के प्रमुख पुरस्कार / सम्मान व क्षेत्र की सूची
2. भारतरत्न पुरस्कार विजेताओं की सूची 1954 से अब तक 2. नोबल पुरस्कार
3. पद्म पुरस्कार 3. नोबल सम्मान से सम्मानित भारतीय
4. युद्ध काल में दिये जाने वाले सेना पुरस्कार 4. ऑस्कर पुरस्कार
5. शान्ति काल में दिये जाने वाले सेना पुरस्कार 5. मैन बुकर पुरस्कार
6. राष्‍ट्रीय वीरता पुरस्‍कार | National Bravery Award 6. यूनेस्को शान्ति पुरस्कार
7. सेना पदक | नौसेना पदक | वायुसेना पदक 7. रैमन मग्सेसे पुरस्कार
8. अशोक चक्र (पदक) से सम्मानित व्यक्तियों की सूची 8. ग्लोबल 500 पुरस्कार
9. डॉ. जॉर्ज ग्रियर्सन पुरस्कार 9. पुलित्जर पुरस्कार
10. राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 10. गांधी अन्तराष्ट्रीय शान्ति पुरस्कार
11. दादा साहेब फाल्के पुरस्कार तथा पाने वाले लोगों की सूची 11. इंदिरा गाँधी शांति पुरस्कार
12. साहित्य अकादमी पुरस्कार 12. मिस यूनीवर्स विजेताओं की सूची 1952 से अब तक
13. संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 13. मिस वर्ल्ड विजेताओं की सूची (1951से अब तक)
14. ज्ञानपीठ पुरस्कार 14. ऑस्कर पुरस्कार 2017 के विजेताओं की सूची
15. कालीदास सम्मान 15. ऑस्कर पुरस्कार 2018 के विजेताओं की सूची
16. इंदिरा गाँधी शांति पुरस्कार 16. हॉकी स्टार्स अवार्ड्स, 2017
17. अंतर्राष्ट्रीय गाँधी शांति पुरस्कार 17. ग्रैमी अवॉर्ड्स, 2018
18. व्यास सम्मान से सम्मानित व्यक्तियों के नाम की सूची 1991 से अब तक रक्षा / प्रतिरक्षा (भारत) 
19. केदार सम्मान से सम्मानित व्यक्ति 1. भारतीय सेना
20. मूर्तिदेवी पुरस्कार विजेताओं की सूची (1983 से 2017 तक) 2. भारत की आतंरिक सुरक्षा व्यवस्था
21. सरस्वती सम्मान 3. भारत के प्रमुख सैनिक प्रशिक्षण संस्थान
22. बिहारी पुरस्कार विजेताओं की सूची (1991 से 2017 तक) 4. तीनों सेनाओं के समकक्ष राजादिष्ट पद
23. प्रमुख पुरस्कार एवं सम्मान : एक नजर में 5. भारतीय नौसेना के अध्यक्ष/प्रमुख व उनका कार्यकाल(1947 से अब तक)
24. नोबल पुरस्कार से सम्मानित भारतीय 6. भारतीय वायुसेना के अध्यक्ष/प्रमुख व उनका कार्यकाल (1947 से अब तक)
25. रेमन मैगसेसे पुरस्कार एवं पुरस्कार जीतने वाले भारतीय 7. भारतीय थलसेना के अध्यक्ष/प्रमुख व उनका कार्यकाल(1955 से अब तक)
26. राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार एवं पाने वालों की सूची 8. अशोक चक्र (पदक) से सम्मानित व्यक्तियों की सूची
27. आईफा अवार्ड्स 2017 के विजेताओं सूची 9. रक्षा उपक्रम (शीघ्र ही उपलब्ध)
28. कबीर सम्मान से सम्मानित व्यक्तियों की सूची 10. भारतीय प्रक्षेपास्त्र (शीघ्र ही उपलब्ध)
29. 63वें जियो फिल्मफेयर अवॉर्ड शब्द संक्षेप
30. पद्म भूषण व पद्म श्री 2018 | विजेताओं की सूची 1. 346 महत्वपूर्ण शब्द संक्षेप
साहित्य (भारत) खेल (Sports GK in Hindi)
1. भारतीय लेखकों की प्रसिध्द पुस्तकें 1. ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेल
2. 2017 की 12 प्रसिद्ध भारतीय पुस्तकें एवं उनके लेखक 2. खेलों से सम्बंधित शब्दावली
तकनीक (Technology GK in Hindi) 3. खेल संबंधी प्रमुख कप व ट्रोफ़ियां
1. क्रायोजेनिक प्रौद्योगिकी 4. खेल सम्बंधित संस्थान
2. प्रमुख सौर मिशन – एक नजर में 5. विभिन्न खेलों के मैदानों के नाम
3. क्या है कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी Artificial Intelligence (A.I.) 6. खेल व खिलाडीयों की संख्या
4. ये है आकाशगंगाओं का नया कैटलाग 7. आगे आने वाले वर्षो में खेलों की तिथि
संयुक्त राष्ट्र 8. खिलाड़ियों के उपनाम
1. संयुक्त राष्ट्र से सम्बद्ध प्रमुख संस्थाएं व उनके मुख्यालय 9. आगामी वर्षो में होने वाले खेल
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