क्या है अति तरलता | What is Super-fluidity?

Table of Contents

अति तरलता (Superfluidity) पदार्थ की वह अवस्था है जिसमें पदार्थ ऐसा व्यवहार करता है जैसे वह शून्य श्यानता का द्रव हो। मूलतः यह गुण द्रव हिलियम में पाया गया था किन्तु अति-तरलता का गुण खगोलभौतिकी, उच्च ऊर्जा भौतिकी, तथा क्वाण्टम गुरुत्व के सिद्धान्तों में भी में भी देखने को मिलता है। यह परिघटना बोस-आइंस्टाइन संघनन से सम्बन्धित है। किन्तु सभी बोस-आइंस्टाइन द्राव (condensates) अति तरल नहीं कहे जा सकते है और सभी अति तरल बोस-आइंस्टाइन द्रव नहीं होते।

हिलियम II सतह से ‘रेंगते हुए’ अपना ‘स्तर’ स्वयं ढूंढ़ लेती है। कुछ समय बाद देखेंगे कि चित्र में दिखाये गये दोनों पात्रों में द्रव हिलियम का स्तर एकसमान हो जायेगा।
यह भी पढ़िये-
Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on whatsapp
WhatsApp

Leave a Comment