अभिकेन्द्रीय तथा अपकेंद्रीय बल | आसान भाषा में

विज्ञान के इस भाग से हमेशा ही प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्न बनता है !

अभिकेन्द्रीय बल (Centripetal Force)

  • सबसे पहले समझते हैं फिर परिभाषा पर जाएँगे – मान लीजिये यदि हम किसी चीज़ को डोरी से बांध कर गोल गोल घुमायें, तो हमें डोरी अंदर की तरफ खींचे रहना पड़ता है !
  • अब इसी को दूसरे शब्दों में कहूँ तो उस चीज़ को डोरी से बांध कर घुमाने पर डोरी में जो तनाव महसूस होता है वही जरूरी अभिकेन्द्रीय बल (Centripetal Force) देता है !
  • अब मान लीजिये कि अगर घुमाते घुमाते अगर हम वो डोरी छोड़ दें तो क्या होगा ? वो चीज़ गोल गोल घूमने के बजाय सीधे जाकर कहीं गिरेगी, कारण ये रहा कि जब हमने डोरी छोड़ दी तो डोरी में तनाव तो खत्म हुआ ही साथ ही साथ आवश्यक अभिकेंद्रीय बल भी समाप्त हो गया !
  • सूर्य के चारों तरफ ग्रहों की गति और ग्रहों के चारों तरफ प्राकृतिक और कृत्रिम उपग्रहों की गति के लिए गुरुत्वाकर्षण ही जरूरी अभिकेंद्रीय बल प्रदान करता है
  • किसी मोड़ पर रेल अथवा कार और मोटर के  मुड़ने के समय और सड़क के बीच लगने वाला घर्षण बल आवश्यक अभिकेंद्रीय बल प्रदान करता है

अभिकेंद्रीय बल की प्रतिक्रिया

न्यूटन की गति के तीसरे नियम के अनुसार  प्रत्येक क्रिया के बराबर तथा विपरीत प्रतिक्रिया होती है क्रिया तथा प्रतिक्रिया अलग-अलग वस्तुओं पर कार्य करती हैं वृत्तीय पथ पर गतिमान वस्तु पर कार्य करने वाले अभिकेंद्रीय बल की भी प्रतिक्रिया होती है

 कुछ उदाहरण  देखते हैं

  • मौत के कुएं में कुए की दीवार मोटरसाइकिल पर अंदर की ओर क्रिया बल लगाती है जबकि  इसका प्रतिक्रिया बल मोटरसाइकिल द्वारा  कुए की दीवार पर बाहर की ओर कार्य करता है !
  • पृथ्वी चंद्रमा पर अंदर की ओर अभिकेंद्रीय बल( गुरुत्वाकर्षण) लगाती है जबकि चंद्रमा पृथ्वी पर प्रतिक्रिया बल बाहर की ओर लगाता है !

अभिकेन्द्रीय बल– परिभाषा

  • जब कोई वस्तु किसी वृत्ताकार मार्ग पर चलती है, तो उस पर कोई एक वृत्त के केंद्र पर कार्य करता है, इस बल को अभिकेंद्रीय बल कहते हैं।
  • इस बल के अभाव में वस्तु वृत्ताकार मार्ग पर नहीं चल सकती है। यदि कोई m द्रव्यमान का पिंड v से r त्रिज्या के वृत्तीय मार्ग पर चल रहा है तो उस पर कार्यकारी वृत्त के केंद्र की ओर आवश्यक अभिकेंद्रीय बल f=mv2/r होता है।

अपकेंद्रीय बल (Centrifugal Force)

यहाँ भी पहले हम समझेंगे उसके बाद ही परिभाषा देखेंगे

  • मान लीजिये कि कोई आदमी कार में दरवाजे से चिपका बैठा है और वो कार तेजी से चल रही है, अब मान लो कि कार अचानक से तेज स्पीड से ही किसी मोड पर मुड़ती है तो उस आदमी को क्या महसूस होगा ?
  • उसे महसूस होगा कि जैसे वो कार की विंडो तोड़ कर बाहर गिर जाएगा, और मान लो कि अगर वो गलती से खुली हो तो वो पक्का बाहर गिरेगा !
  • बस यही है अपकेंद्रीय बल, केंद्र से बाहर की ओर लागने वाला !

अपकेन्द्रीय बल  परिभाषा

वह बल होता है जिसके कारण किसी गतिशील वस्तु में, केंद्र से दूर भागने की प्रवृत्ति होती है। यह वो आभासी बल होता है जो अभिकेन्द्रीय बल के समान तथा विपरीत दिशा में कार्य करता है।

Trick

  • अभिकेंद्रीयअभी केंद्र की तरफ बल लग रहा है ! केंद्र की ओर लगने वाला बल
  • अपकेंद्रीय – केंद्र से Up(ऊपर)- यानि केंद्र से बाहर की ओर लगने वाला बल
Total
1
Shares
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts
हमारा Android App (GuideBook-The Most Powerful Preparation App) डाउनलोड कीजिये !
Download