shabrimala vivad in hindi

तो ये है सबरीमाला विवाद | जानिए सब कुछ | Everything About Sabrimala Controversy in Hindi

क्या है सबरीमाला विवाद – 

सबरीमाला मंदिर केरल में एक बेहद मशहूर मंदिर है जो कि विवादों में इसलिये है, क्यूंकि यहाँ पर 10 साल की बच्ची से लेकर 50 वर्ष की महिला के प्रवेश पर पाबंदी थी | परंतु 28 सितंबर, 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला देते हुए केरल के सबरीमाला मंदिर में हर उम्र की महिलाओं को प्रवेश और पूजा करने की इजाजत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारी संस्कृति में महिला का स्थान आदरणीय है। यहां महिलाओं को देवी की तरह पूजा जाता है और मंदिर में प्रवेश से रोका जा रहा है। यह स्वीकार्य नहीं है। केरल सरकार मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के पक्ष में थी। और सबरीमाला मंदिर का संचालन करने वाला त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड अब कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने की तैयारी में है।

तो भाई विवाद तो यही है कि जहां एक ओर केरल सरकार महिलाओं के अधिकारों के पक्ष में है वहीं दूसरी ओर जो मंदिर का बोर्ड है वो नहीं चाहता कि महिलाएं मंदिर में घुसें |

अब ये जान लीजिये इसकी शुरुआत कैसे हुई ? और पूरा घटनाक्रम क्या है ?

  • 2006 में मंदिर के मुख्य ज्योतिषि परप्पनगडी उन्नीकृष्णन ने कहा था कि मंदिर में स्थापित अयप्पा अपनी ताकत खो रहे हैं और वह इसलिए नाराज हैं क्योंकि मंदिर में किसी युवा महिला ने प्रवेश किया है।
  • इसके बाद ही कन्नड़ ऐक्टर प्रभाकर की पत्नी जयमाला ने दावा किया था कि उन्होंने अयप्पा की मूर्ति को छुआ और उनकी वजह से अयप्पा नाराज हुए। उन्होंने कहा था कि वह प्रायश्चित करना चाहती हैं।
  • अभिनेत्री जयमाला ने दावा किया था कि 1987 में अपने पति के साथ जब वह मंदिर में दर्शन करने गई थीं तो भीड़ की वजह से धक्का लगने के चलते वह गर्भगृह पहुंच गईं और भगवान अयप्पा के चरणों में गिर गईं। जयमाला का कहना था कि वहां पुजारी ने उन्हें फूल भी दिए थे।
  • जयमाला के दावे पर केरल में हंगामा होने के बाद मंदिर में महिलाओं का प्रवेश वर्जित होने के इस मुद्दे पर लोगों का ध्यान गया।
  • 2006 में राज्य के यंग लॉयर्स असोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में इसके खिलाफ याचिका दायर की।
  • इसके बावजूद अगले 10 साल तक महिलाओं के सबरीमाला मंदिर में प्रवेश का मामला लटका रहा।
  • 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने मामला संविधान पीठ को सौंप दिया था और जुलाई, 2018 में पांच जजों की बेंच ने मामले की सुनवाई शुरू की थी।
  • 28 सितंबर, 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला देते हुए केरल के सबरीमाला मंदिर में हर उम्र की महिलाओं को प्रवेश और पूजा करने की इजाजत दे दी |
  • और सबरीमाला मंदिर का संचालन करने वाला त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड अब कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने की तैयारी में है।
Total
0
Shares
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts
Read More

क्या है संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का वीटो पावर?

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद , संयुक्त राष्ट्र (UN) की सबसे महत्त्वपूर्ण इकाई है, जिसका प्राथमिक…
Read More

भारत की प्रमुख जनजातियाँ

Table of Contents Hide राज्य जनजातियां उत्तर प्रदेश उड़ीसा अरुणाचल प्रदेश उत्तरांचलआंध्र प्रदेशअंडमान-निकोबार द्वीप समूहअसम व नागालैंडगुजरातझारखण्डछत्तीसगढ़पंजाबमणिपुरमेघालयतमिलनाडुत्रिपुराकर्नाटककश्मीरकेरलमहाराष्ट्रराजस्थानपश्चिम बंगाल…
हमारा Android App (GuideBook-The Most Powerful Preparation App) डाउनलोड कीजिये !
Download