भूगोल भाग 1 (भूगोल से सम्बंधित प्रसिद्ध व्यक्तित्व)(Geography Notes In Hindi)

 विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं (SSC CGL, UPSC, UPPSC ) में  पूछे गये भूगोल के तथ्यों का संग्रह(Geography Facts in Hindi)

  1. यूनानी विद्वान हिकेटियस को भूगोल का पिता कहा जाता है |
  2. कृष्ण छिद्र (Black Hole) सिद्धांत का प्रतिपादन एस चंद्रशेखर ने किया था |
  3. अरस्तु ने सर्वप्रथम पृथ्वी को गोलाकार माना था |
  4. फ्रेडरिक रेडजेल को मानव भूगोल का पिता कहा जाता है |
  5. एडकुण्डे पुस्तक कार्ल रिटर द्वारा रचित है |
  6. सर्वप्रथम एनेक्सी मेंडर ने विश्व का मानचित्र मापक पर बनाया था |
  7. प्रसिद्ध भौगोलिक ग्रंथ किताबुल हिंद के लेखक अलबरूनी हैं |
  8. “मानव भूगोल अस्थायी पृथ्वी एवं चंचल मानव के पारस्परिक परिवर्तनशील सम्बंधों का अध्ध्ययन है” यह कथन कुसैम्पुल का है |
  9. जीवन एवं मृत्यु का भूगोल ब्रिटिश भूगोल वेत्ता सर डडले स्टाम्प की कृति है
  10. हिकेटियस द्वारा सर्वप्रथम लिखित भौगोलिक पुस्तक का नाम “जैसपीरियोडियस” है |
  11. इरेटोइस्थनीज ने सर्वप्रथम निवास योग्य विश्व का मानचित्र बनाया था |
  12. एलियड एवं ओडिसी ग्रंथ जिनमें कि प्राचीन भौगोलिक जानकारीयों का समावेश है, इसके लेखक होमर है |
  13. सभ्यता एवं जलवायु नामक पुस्तक के लेखक एलबर्ट हंटिंगटन हैं |
  14. आकृति विज्ञान के जन्मदाता पेशेल को माना जाता है |
  15. मानव भूगोल को मानव पारिस्थितिकी के रूप में एच एच बैरोज ने परिभाषित किया |
  16. गणितिय भूगोल के प्रारम्भकर्ता थेल्स को माना जाता  हैं |
  17. क्षेत्रिय भूगोल के प्रणेता कार्ल रिटर को माना जाता हैं |
  18. मैट्रोलोजिया नामक पुस्तक की रचना अरस्तु ने की थी |
  19. “भूगोल पृथ्वी को केंद्र को मानकर अध्धययन करने वाला विद्वान है” यह कथन वारेनियस का है |
  20.  भूगोल को एक अलग अध्धययन शास्त्र के रूप में स्थापित करने के श्रेय इरेटोस्थनीज को है |
  21. “भूगोल भूतल का अध्ध्ययन है” यह कथन काण्ट का है |
  22. पर्सपैक्टिव ऑन द नेचर ज्योग्राफी के लेखक हॉर्ट शोर्न हैं |
  23. “स्थलरूप संरचना पृकृम तथा अवस्था का प्रतिफल होता है” यह कथन वाल्टर पैंक का है |
  24. 276 से 194 ई0 पू0 सर्वप्रथम भूगोल शब्द एवं पृथ्वी की परिधि का सही मापन ग्रीक विद्वान इरेटोस्थनीज ने किया था |
  25. “यदि इतिहास कब का वैज्ञानिक अध्ध्ययन प्रस्तुत करता है तो भूगोल कहॉं का वैज्ञानिक एवं तार्किक अध्धययन करता है” यह कथन कार्ल साबर का है
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