मध्यकालीन भारत के इतिहास के स्त्रोत – OneLiner Notes in Hindi

  • कौन-सा इस्लामिक विवरण ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है? अबुरिहान मुहम्मद बिन अलबरूनी के ‘तहकीक-ए-हिन्द’ नामक ग्रन्थ में विवरण। 
  • मध्यकालीन भारतीय इतिहास की जानकारी के कौन-से चार प्रमुख स्त्रोत हैं?- ऐतिहासिक अभिलेख, साहित्य, विवेशी विवरण, मुद्रा 
  • मध्यकालीन भारत को कितने खण्डों में विभाजित किया जा सकता है? सल्तनत काल व मुगल काला
  • मध्यकालीन प्रमुख ऐतिहासिक अभिलेख कौन-कौन से हैं?तारीख-ए-फखरूद्दीन, मुबारकशाह, ताज-उल-मआसिर, तबकात-ए-नासिरी, तारीख-ए-फिरोजशाही, तारीख-ए-मुबारकशाही, जफरनामा, वाकयात-ए-मुश्ताकी, तारीख-ए-वाऊवी, तारीख-ए-शेरशाही आदि
  • मुगलकाल की जानकारी के -से अभिलेख प्रमुख हैं? तैमूर, बाबर, जौहर, ख्वादमीर व बायजीद के संस्मरण, गुलबदन बेगम के हुमायूँनामा, अबुल फजल के आइन-ए-अकबरी व अकबरनामा, तबकात-ए-अकबरी, मुंतखाब-उल-तवारीख, तारीख-ए-फरिश्ता, आलमगीरनामा, मासिर-ए-आलमगिरी, मुंतखाब-उल-लुवाब आदि 
  • अलाउद्दीन खिलजी के शासनकाल की जानकारी किस ग्रन्थ से मिलती है? मलिक मुहम्मद जायसी कृत ‘पद्मावत’ से 
  • मध्यकालीन भारत के राजनीतिक विचारों पर कौन-कौन से ग्रन्थ प्रकाश डालते हैं?जियाउद्दीन बरनी कृत ‘फतवा-ए-जहांदारी’ व मुबारक शाह कृत ‘अदाब-उल-मुलूक’|
  • बी. ए. स्मिथ (1843-1920) की किस पुस्तक में पहली बार व्यवस्थित रूप में प्राचीन भारत के इतिहास पर प्रकाश डाला गया? प्राचीन भारत का इतिहास (अर्ली हिस्ट्री ऑफ इंडिया),1904 में
  • अभिलेख विशेषज्ञ डी. आर. भण्डारकर ने किस विषय पर पुस्तक लिखी? अशोक व प्राचीन भारतीय राजनीतिक संस्थाओं पर 
  • किस विद्वान ने प्राचीन भारतीय इतिहास पर पुनर्व्याख्या की?- एच. सी. राय चौधरी (1892-1950) ने
  • किस इतिहासकार ने दक्षिण भारत के इतिहास की ओर ध्यान दिया? के. ए. नीलकण्ठ शास्त्री द्वारा रचित ‘दक्षिण भारत का इतिहास’ ग्रन्थ द्वारा
  • किन सुल्तानों की जानकारी अभिलेखों द्वारा ही प्राप्त की जा सकती है? बंगाल के सुल्तान शम्सुद्दीन फिरोज, अलाउद्दीन फिरोज, निजामशाही शासक बुरहान तृतीय आदि।