लोकसभा के विघटन का विधेयकों पर प्रभाव (Impact on the Bill of Disintegration of the Lok Sabha)

Table of Contents

लोकसभा के विघटन का विधेयकों पर प्रभाव (Impact on the Bill of Disintegration of the Lok Sabha)


  1. वे विधेयक जो समाप्त नहीं होते हैं –
  • राज्यसभा में पेश वे विधेयक जो लोकसभा द्वारा पास नहीं किए गए हैं अतः जो राज्यसभा में लंबित हैं वह समाप्त नहीं होते होंगे | 
  • जिस विधेयक पर दोनों सदनों में असहमति के बाद संयुक्त बैठक की सूचना राष्ट्रपति द्वारा जारी कर दी जाती है, ऐसा विधेयक भी व्यपगत नहीं होता है, संयुक्त बैठक केवल सामान्य विधेयक के मामले में ही होती है |
  • दोनों सदनों द्वारा पास कर राष्ट्रपति की अनुमति के लिए भेजे गए विधेयक |
  • लम्बित आश्वासन भी व्यपगत नहीं |
  • राष्ट्रपति द्वारा पुनर्विचार के लिए भेजे गए विधेयक भी समाप्त नहीं |

2. जो विधेयक समाप्त हो जाते हैं –

  • लोकसभा द्वारा पास एवं राज्यसभा में लंबित |
  • लोकसभा में लंबित /राज्यसभा द्वारा लोकसभा में भेजे गए विधेयक |
  • याचिकाएं (लोकसभा में प्रस्तुत), जो याचिका समिति को सौंपी गई है |
  • लोकसभा में लंबित अन्य सभी कार्य यथा प्रस्तावित संकल्प संशोधन अनुदान मांगे |
  • लोकसभा द्वारा पास किए गए नियम (संवैधानिक) जो राज्यसभा में पारित नहीं किए गए हैं तथा राज्यसभा द्वारा पारित लोकसभा में लंबित नियम |

संविधान समीक्षा आयोग (Constitution review commission)


इसने अपनी 2003 की रिपोर्ट में निर्वाचन संबंधी सुधार के लिए सुझाव दिए जो निम्न है –

  1. यथासंभव श्रुति रहित मतदाता सूची की व्यवस्था की जाए |
  2. बहुउद्देश्यीय पहचान पत्र सभी मतदाताओं के लिए अनिवारी कर दिया जाए |
  3. पुनर्मतदान के लिए निर्वाचन आयोग के पास अंतिम शक्ति हो |
  4. अध्यक्ष संवेदनशील मतदान केंद्रों पर वीडियो या अन्य इलेक्ट्रॉनिक निगरानी यंत्रों का प्रयोग किया जाए |
  5. जिन व्यक्तियों पर किसी न्यायालय द्वारा गंभीर अपराध के अभियोग लगे हुए चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य माने जाएं तथा उन्हें खड़े करने वाले दलों को अवैध अमान्य घोषित किया जाए |
  6. जघन्य अपराधों में दोषी पाए गए व्यक्ति को जीवन भर के लिए निर्वाचन के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाए |
  7. निर्वाचन संबंधी विवादों के लिए विशेष अदालतों का गठन हो |
  8. निर्वाचन व चुनावी खर्च सीमित किया जाए |
  9. प्रत्येक उम्मीदवार के लिए अपनी आयु, संपत्ति का ब्यौरा देना जरूरी हो |
  10. यहां तक राजनीतिक पद ग्रहण करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को प्रत्येक वर्ष ऐसा ब्यौरा देना चाहिए |
  11. जिन उम्मीदवारों को 25% से कम मत मिले मिले हो उनकी जमानत जब्तकर ली जाए|
Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on whatsapp
WhatsApp

1 thought on “लोकसभा के विघटन का विधेयकों पर प्रभाव (Impact on the Bill of Disintegration of the Lok Sabha)”

Leave a Comment