अविश्वास एवं निंदा प्रस्ताव में अंतर (Differences in disbelief and condemnation motion)

अविश्वास एवं निंदा प्रस्ताव में अंतर (Differences in disbelief and condemnation motion)

अविश्वास प्रस्ताव

निंदा प्रस्ताव

1 लोकसभा में इसे स्वीकार करने का कारण बताना आवश्यक नहीं है | लोकसभा में इसे स्वीकारने के कारण बताना अनिवार्य है |
2 यह सिर्फ पूरे मंत्रिपरिषद के विरुद्ध ही लाया जा सकता है | यह किसी एक मंत्री या मंत्रियों के समूह या पूरे मंत्रिपरिषद के विरुद्ध लाया जा सकता है |
3 यह मंत्रिपरिषद में लोकसभा विश्वास के निर्धारण हेतु लाया जाता है | यह मंत्रिपरिषद की कुछ नीतियों या कार्यों के खिलाफ निंदा के लिए लाया जाता है |
4 इसके लोकसभा में पारित हो जाने के बाद मंत्रिपरिषद को त्यागपत्र देना ही पड़ता है | यदि यह लोकसभा में पारित हो जाए तो मंत्रिपरिषद को त्यागपत्र देना आवश्यक नहीं है |

 

Total
0
Shares
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts
Read More

प्रस्ताव (Proposal),संसद में प्रश्न के प्रकार व उनकी संख्या (Types of questions and their number in Parliament)

Table of Contents Hide प्रस्ताव (Proposal)स्थगन प्रस्ताव विश्वास प्रस्ताव निंदा प्रस्ताव अविश्वास प्रस्ताव वैकल्पिक विश्वास मत प्रणाली संसद…
Read More

संवैधानिक विकास व 73वां संविधान संशोधन अधिनियम 1992 (Constitutional Development and 73rd Constitution Amendment Act 1992)

संवैधानिक विकास (Constitutional development) 1989 में राजीव गांधी सरकार ने पंचायतों को संवैधानिक दर्जा दिए जाने के लिए…
हमारा Android App (GuideBook-The Most Powerful Preparation App) डाउनलोड कीजिये !
Download