भारत जल्द ही मध्य प्रदेश के श्योपुर ज़िले के कुनो पालपुर में दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया से लाए गए  चीतों को जंगल में छोड़ेगा। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिन 17 सितंबर को मध्य प्रदेश के साथ देश को एक बड़ी सौगात मिलने वाली है. इस दिन प्रधानमंत्री मोदी मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो राष्ट्रीय अभयारण्य में दक्षिण अफ्रीका से लाए जा रहे चीतों को देश को सौंपेंगे. 70 साल बाद देश में चीते दिखेंगे.

प्रमुख तथ्य

  • देश का अंतिम चित्तीदार चीता वर्ष 1947 में छत्तीसगढ़ में मृत पाया गया था और वर्ष 1952 में इसे देश में विलुप्त घोषित कर दिया गया था।
  • 1952 में भारत में चीता विलुप्त घोषित कर दिया गया था. इसके बाद लंबे वक्त तक इस ओर कोई उम्मीद नहीं दिखाई दी.
  • साल 2009 में चीता पुनर्स्थापना के लिए केंद्र और राज्य सरकार के साथ अंतर्राष्ट्रीय चीता एक्सपर्ट के बीच बातचीत हुई.
  • साल 2010 में वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ने भारत में चीता पुनर्स्थापना के लिए सर्वेक्षण का काम शुरू किया. सर्वेक्षण के लिए देश में जिन 10 स्थानों का अध्ययन किया गया उसमें मध्य प्रदेश के कूनो को सबसे उपयुक्त पाया गया.
  • यह चीतों के अंतर-महाद्वीपीय पुनर्वास की भारत की महत्त्वाकांक्षी योजना की शुरुआत करेगा।
  • दक्षिण अफ्रीका के नामीबिया से कुल 13 चीते कूनो लाए जाने का रास्ता साफ हुआ है. कूनो अभयारण्य के 750 वर्ग किलोमीटर को करीब दो दर्जन चीतों के रहने के लिए उपयुक्त पाया गया है.
  • इसके साथ ही श्योपुर और शिवपुरी जिले का करीब 3 हज़ार किलोमीटर एरिया चीतों के रहने के लिए उपयुक्त है.
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को तीन चीतों के बाड़ों में छोड़ेंगे. इनमें एक बाड़े में एक मादा चीता और एक बाड़े में दो नर चीते छोड़े जाएंगें

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चीते के बारें में

  • बिल्ली के कुल (विडाल) में आने वाला चीता (एसीनोनिक्स जुबेटस) अपनी अदभुत फूर्ती और रफ्तार के लिए पहचाना जाता है।
  • यह एसीनोनिक्स प्रजाति के अंतर्गत रहने वाला एकमात्र जीवित सदस्य है, जो कि अपने पंजों की बनावट के रूपांतरण के कारण पहचाने जाते हैं।
  • इसी कारण, यह इकलौता विडाल वंशी है जिसके पंजे बंद नहीं होते हैं और जिसकी वजह से इसकी पकड़ कमज़ोर रहती है (अतः वृक्षों में नहीं चढ़ सकता है हालांकि अपनी फुर्ती के कारण नीची टहनियों में चला जाता है)।
  • ज़मीन पर रहने वाला ये सबसे तेज़ जानवर है जो एक छोटी सी छलांग में 120 कि॰मी॰ प्रति घंटे तक की गति प्राप्त कर लेता है और 460 मी. तक की दूरी तय कर सकता है और मात्र तीन सेकेंड के अंदर ये अपनी रफ्तार में 103 कि॰मी॰ प्रति घंटे का इज़ाफ़ा कर लेता है, जो अधिकांश सुपरकार की रफ्तार से भी तेज़ है।
  • हालिया अध्ययन से ये साबित हो चुका है कि धरती पर रहने वाला चीता सबसे तेज़ जानवर है।

भारत में अंतिम बार चीता कब देखा गया?

देश का अंतिम चित्तीदार चीता वर्ष 1947 में छत्तीसगढ़ में मृत पाया गया था और वर्ष 1952 में इसे देश में विलुप्त घोषित कर दिया गया था।

भारत में चीता के लिए अनुकूल वातावरण कौन सा नेशनल पार्क है?

साल 2010 में वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ने भारत में चीता पुनर्स्थापना के लिए सर्वेक्षण का काम शुरू किया. सर्वेक्षण के लिए देश में जिन 10 स्थानों का अध्ययन किया गया उसमें मध्य प्रदेश के कूनो को सबसे उपयुक्त पाया गया.