क्या है अर्थशॉट पुरस्कार तथा भारत में किसको मिला?

अर्थशॉट पुरस्कार

  • यह पहला पर्यावरण पुरस्कार, जिसे अर्थशॉट पुरस्कार के नाम से जाना जाता है ।
  • यह पुरस्कार ब्रिटेन के प्रिंस विलियम (ड्यूक ऑफ कैम्ब्रिज) और डेविड एटनबरो द्वारा वर्ष 2020 में लॉन्च किया गया था।
  • वर्ष 2021 से वर्ष 2030 तक यह पुरस्कार प्रत्येक वर्ष प्रिंस विलियम द्वारा पाँच विजेताओं को प्रदान किये जाएंगे।
  • यह पुरस्कार व्यक्तियों, वैज्ञानिकों, कार्यकर्त्ताओं, अर्थशास्त्रियों, सामुदायिक परियोजनाओं, नेताओं, सरकारों, बैंकों, व्यवसायों, शहरों एवं देशों की एक विस्तृत श्रृंखला को प्रदान किया जा सकता है जिन्होंने अर्थशॉट्स के समाधान में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है।
  • इसमे विजेताओं को उनके समाधान के लिए चुना जाता है या जो पर्यावरण की काफी मदद करते हैं। 
  • यह पुरस्कार रॉयल फाउंडेशन, इंग्लैंड द्वारा दिया जाता है। 
  • प्रत्येक अर्थशॉट्स को संयुक्त राष्ट्र के सतत् विकास लक्ष्यों और अन्य अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त उपायों सहित वैज्ञानिक रूप से सहमत लक्ष्यों से रेखांकित किया गया है ताकि पृथ्वी की पुनर्स्थापना में मदद मिल सके।
  • यह पुरस्कार पांच अलग-अलग श्रेणियों में दिया जाता है। 
  • वर्ष 2021 से वर्ष 2030 के बीच प्रत्येक वर्ष दुनिया भर के विभिन्न शहरों में एक पुरस्कार समारोह होगा, जिसमें 15 फाइनलिस्ट में से पाँच विजेताओं (प्रत्येक अर्थशॉट्स के लिये एक) का चयन किया जाएगा।
  • विजेताओं का चयन अर्थशॉट पुरस्कार परिषद द्वारा किया जाता है जो छह महाद्वीपों में फैली एक वैश्विक टीम है।

ये पाँच ‘अर्थशॉट्स’ निम्नलिखित हैं

  • प्रकृति की रक्षा एवं पुनर्स्थापना
  • स्वच्छ वायु
  • महासागरों को पुनर्जीवित करना
  • अपशिष्ट मुक्त दुनिया का निर्माण
  • जलवायु को ठीक करना 

भारतीय विजेता

  • दुनिया भर के सैकड़ों नामांकनों में से 15 फाइनलिस्टों में नामित किया गया है। जिसमें दो फाइनलिस्टों को भारत से चुना गया है।
  • तमिलनाडु की एक 14 वर्षीय स्कूली छात्रा विनीशा उमाशंकर सौर ऊर्जा से चलने वाली आयरनिंग कार्ट परियोजना विकसित की और उन्होंने ‘क्लीन अवर एयर’ कैटेगरी में जगह बनाई
  • दिल्ली के उद्यमी विद्युत मोहन द्वारा कृषि अपशिष्ट पुनर्चक्रण अवधारणा विकसित की और इसे इसकी सस्ती, छोटे पैमाने की, पोर्टेबल तकनीक के लिए “क्लीन अवर एयर कैटेगरी” में नामांकित किया गया है।