गन्ने की फसल की महत्वपूर्ण जानकारी

गन्ना

गन्ने की फसल के लिए तापमान उष्ण और आर्द्र जलवायु के साथ 21-27 डिग्री सेल्सियस के बीच होना चाहिए ।

गन्ने की फसल के लिए वर्षा लगभग 75-100 सेमी.होना चाहिए ।

गन्ने की फसल के लिए  गहरी समृद्ध दोमट मिट्टी होना चाहिए ।

शीर्ष गन्ना उत्पादक राज्य क्रम उत्तर प्रदेश> महाराष्ट्र> कर्नाटक> तमिलनाडु> बिहार

ब्राज़ील के बाद भारत गन्ने का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है।

इसे बलुई दोमट से लेकर चिकनी दोमट मिट्टी तक सभी प्रकार की मिट्टी में उगाया जा सकता है, क्योंकि इसके लिये अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी की आवश्यकता होती है।

इसमें बुवाई से लेकर कटाई तक शारीरिक श्रम की आवश्यकता होती है।

यह चीनी गुड़, खांडसारी और राब का मुख्य स्रोत है।

चीनी उद्योग को समर्थन देने हेतु सरकार की दो पहलें हैं– चीनी उपक्रमों को वित्तीय सहायता देने की योजना (SEFASU) और जैव ईंधन पर राष्ट्रीय नीति गन्ना उत्पादन योजना। 

गन्ने का मूल्य निर्धारण

गन्ने की कीमतें निम्न द्वारा निर्धारित की जाती हैं-

केंद्र सरकार- उचित और लाभकारी मूल्य (FRP)

केंद्र सरकार उचित और लाभकारी मूल्यों की घोषणा करती है जो कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिश पर निर्धारित होते हैं तथा आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (CCEA) द्वारा घोषित किये जाते हैं।

CCEA की अध्यक्षता भारत का प्रधानमंत्री करता है।

FRP गन्ना उद्योग के पुनर्गठन पर रंगराजन समिति की रिपोर्ट पर आधारित है।

राज्य सरकार-राज्य परामर्श मूल्य (SAP)

प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों की सरकारों द्वारा राज्य परामर्श मूल्य (SAP) की घोषणा की जाती है।

SAP आमतौर पर FRP से अधिक होता है।

FRP और MSP के बीच तुलना

FRP वह न्यूनतम मूल्य है जिस पर चीनी मिलों द्वारा किसानों से गन्ना खरीदा जाना है। 

MSP किसी भी फसल के लिये “न्यूनतम मूल्य” है जिसे सरकार किसानों हेतु लाभकारी मानती है और इसलिये “समर्थन” के योग्य है। यह वह कीमत भी है जिस पर सरकारी एजेंसियाँ ​ फसल विशेष की खरीद करती हैं तो भुगतान करती हैं।

नोट: कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय का एक संबद्ध कार्यालय है। यह एक सलाहकार निकाय है जिसकी सिफारिशें सरकार के लिये बाध्यकारी नहीं हैं।