अण्ड्मान निकोबार द्वीपसमूह | सामान्य ज्ञान | सभी महत्वपूर्ण तथ्य

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अण्ड्मान निकोबार द्वीपसमूह | सामान्य ज्ञान | सभी महत्वपूर्ण तथ्य

  • स्थापना -1 नवम्बर, 1956
  • क्षेत्रफल -8249 वर्ग किमी
  • लिंगानुपात -878
  • मुख्य भाषा -हिन्दी, निकोबारी, तमिल, बंगला और तेलुगू
  • राजधानी -पोर्ट ब्लेयर
  • जनसंख्या -379944
  • साक्षरता -86.27%
  • जनसंख्या घनत्व -46
  • जिलों की संख्या -3

इतिहास

  • अंग्रेजों द्वारा इस पर अधिकार किया गया । द्वितीय विश्वयुद्ध में जापान द्वारा इस पर अधिकार कर लिया गया।
  • कुछ समय के लिए द्वीप नेताजी सुभाषचन्द्र बोस की आजाद हिन्द फौज के अधीन भी रहा । ब्रिटिश सरकार द्वारा क्रान्तिकारियों को भारत से अलग रखने के लिए इसका प्रयोग किया जाता था ।
  • अत : यह स्थान आन्दोलनकारियों के बीच काला पानी के नाम से जाना जाता था। पोर्ट ब्लेयर में सेल्युलर जेल का निर्माण किया गया था ।

भौगोलिक स्थिति

  • इसके उत्तर मे अण्डमान द्वीपसमूह और दक्षिण मे निकोबार द्वीपसमूह पूर्व में अण्डमान सागर तथा पश्चिम मे बगाल की खाड़ी स्थित है।

जनजातियाँ

  • ग्रेट अण्डमानी. ओगो, जरावा. सेण्टीनली, निकोबारी, शोम्पेन इत्यादि।

पर्यटन स्थल

  • यहाँ पर सेल्युलर जेल. रॉस आइलेण्ड तथा हैवलॉक आइलैण्ड जैसे विशिष्ट स्थल है।
  • अन्य प्रमुख पर्यटन स्थल हैं-मानक विज्ञान संग्रहालय, समुद्री सग्रहालय,जलक्रीडा परिसर. गाँधी पार्क, उत्तरी खाड़ी, वारपर आइलैण्ड. कोर्बिन्स कोव बीच तथा नील आइलैण्ड इत्यादि।

कृषि

  • धान यहाँ की प्रमुख खाद्यान्न फसल है, जो अण्डमान द्वीपसमूह मे उगाई जाती है। निकोबार द्वीपसमूह की मुख्य नकदी फसल नारियल और सुपारी है।
  • यहाँ बहुफसल व्यवस्था के अन्तर्गत मसाले, मिर्च. लीग, जायफल तथा दालचीनी भी उगाए जाते है|

वन

  • इन द्वीपों के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 7171 वर्ग किमी भाग वनों से ढका हुआ है। इन द्वीपी पर लगभग सभी प्रकार के वन जैसे-उष्णकटिबन्धीय आर्द्र सदाबहार वन,उष्णकटिबन्धीय अर्द्ध-सदाबहार वन, आर्द्र पर्णपाती, गिरि शिखिर पर होने वाले तथा तटवर्ती और दलदली वन पाए जाते हैं।
  • अण्डमान-निकोबार में विभिन्न प्रकार की लकडियाँ पाई जाती है। सबसे बहुमूल्य लकडियाँ पाडोक तथा गरजन की है। ये निकोबार में नही मिलतीं।

वन्यजीव

  • इन द्वीपों मे 96 वन्यजीव अभ्यारण्य, नौ राष्ट्रीय पार्क तथा एक जैव सरक्षित क्षेत्र (बायोरिजर्व) है।
  • स्तनपायी अब तक अधिसूचित कुल 55 स्थलीय एव सात समुद्री स्तनपायी प्रजातियो मे से 32 क्षेत्र विशेष मे पाई जाती है।
  • पक्षी इन द्वीपो मे पक्षियो की 246 प्रजातियाँ एव उप-प्रजातियाँ मिलती है जिनमे से 99 प्रजातियाँ एव उप-प्रजातियाँ क्षेत्र विशेष मे पाई जाती है।
  • सरीसृप इस राज्य मे सरीप्रपों की 76 प्रजातियाँ पाई जाती है जिसमें से 24 क्षेत्र विशेष तक सीमित है ।
  • समुद्री जीव इन द्वीपो के समुद्र में मछलियो की 1200 से अधिक प्रजातियाँ, इकाइनो डर्म की 35०, घोघा (मोलस्क) समूह की 1000 तथा अन्य सूक्ष्म प्रजातियाँ पाई जाती है।
  • कशेरुकी प्राणियो मे मुख्यत ड्‌यूगॉग, डॉल्फिन, ह्वेल, खारे पानी के घडियाल, समुद्री कछुए तथा समुद्री सर्प इत्यादि मिलते है।
  • मूँगा एवं प्रवाल अभी तक 61 वर्गो के प्रवालो की 179 प्रजातियो के बारे में जानकारी मिली है। पूर्वी तट पर मुख्यत: झब्बेदार (फ्रिजिग) प्रकार के तथा पश्चिमी तट पर अवरोधी (बैरियर) प्रकार के प्रवाल पाए जाते है।

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