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स्वतंत्रता दिवस ( 15 August) पर भाषण, कविता, निबंध, इतिहास, अनमोल वचन, Q&A, Videos

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Independence Day Speech Poem Essay History Quotes in Hindi


15 अगस्त क्या है, तथा 15 अगस्त क्यों मनाया जाता है या 15 अगस्त क्यों मनाते हैं, या फिर मै कहूं कि स्वतंत्रता दिवस कब मनाया जाता है, स्वतंत्रता दिवस कब है या कब होता है, दोनों ही सवाल ही एक दूसरे के जवाब हैं | यानी 15 अगस्त को हमारा स्वतंत्रता दिवस होता है आगे आप इस पोस्ट में जानेंगे कि स्वतंत्रता दिवस कैसे मनाये, या स्वतंत्रता दिवस कैसे मनाते है ये कौन सा स्वतंत्रता दिवस है और क्यों मनाते हैं स्वतंत्रता दिवस या स्वतंत्रता दिवस क्यों मनाया जाता है, इस पोस्ट में हमने स्वतंत्रता दिवस पर निबंध, स्वतंत्रता दिवस का महत्व, स्वतंत्रता दिवस पर कविता, स्वतंत्रता दिवस पर भाषण, स्वतंत्रता दिवस पर गीत, स्वतंत्रता दिवस अनमोल वचन आदि को शामिल किया है |

स्वतंत्रता दिवस (Indian Independence day in Hindi) कब मनाया जाता है ?

  • भारत का स्वतंत्रता दिवस (Independence Day of India) हर वर्ष 15 अगस्त को मनाया जाता है।

स्वतंत्रता दिवस (Indian Independence day in Hindi) 15 अगस्त को ही क्यों मनाया जाता है ?

  • क्योंकि सन् 1947 में इसी दिन भारत के निवासियों ने ब्रिटिश शासन से स्‍वतंत्रता प्राप्त की थी।
  • यह भारत का राष्ट्रीय त्यौहार है।
  • 15 अगस्त 1947 के दिन भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने, दिल्ली में लाल किले के लाहौरी गेट के ऊपर, भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराया था।

15 August 1947 का अखबार (Newspaper)

स्वतंत्रता दिवस ( 15 August) पर भाषण, कविता, निबंध, इतिहास, अनमोल वचन, Q&A, Videos 1

स्वतंत्रता दिवस (Indian Independence day in Hindi) कैसे मनाया जाता है ?

  • प्रतिवर्ष इस दिन भारत के प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से देश को सम्बोधित करते हैं।
  • इस दिन को झंडा फहराने के समारोह, परेड और सांस्कृतिक आयोजनों के साथ पूरे भारत में मनाया जाता है। भारतीय इस दिन अपनी पोशाक, सामान, घरों और वाहनों पर राष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शित कर इस उत्सव को मनाते हैं और परिवार व दोस्तों के साथ देशभक्ति फिल्में देखते हैं, देशभक्ति के गीत सुनते हैं।

स्वतंत्रता दिवस (Indian Independence day in Hindi) का क्या है इतिहास ? संक्षिप्त में 

  • यूरोपीय व्यापारियों ने 17वीं सदी से ही भारतीय उपमहाद्वीप में पैर जमाना आरम्भ कर दिया था। अपनी सैन्य शक्ति में बढ़ोतरी करते हुए ईस्ट इण्डिया कम्पनी ने 18वीं सदी के अन्त तक स्थानीय राज्यों को अपने वशीभूत करके अपने आप को स्थापित कर लिया था।
  • 1857 के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के बाद भारत सरकार अधिनियम 1858 के अनुसार भारत पर सीधा आधिपत्य ब्रितानी ताज (ब्रिटिश क्राउन) अर्थात ब्रिटेन की राजशाही का हो गया।
  • दशकों बाद नागरिक समाज ने धीरे-धीरे अपना विकास किया और इसके परिणामस्वरूप 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आई० एन० सी०) निर्माण हुआ।
  • 123 प्रथम विश्वयुद्ध के बाद का समय ब्रितानी सुधारों के काल के रूप में जाना जाता है जिसमें मोंटेगू-चेम्सफोर्ड सुधार गिना जाता है लेकिन इसे भी रोलेट एक्ट की तरह दबाने वाले अधिनियम के रूप में देखा जाता है जिसके कारण स्वरुप भारतीय समाज सुधारकों द्वारा स्वशासन का आवाहन किया गया।
  • इसके परिणामस्वरूप महात्मा गांधी के नेतृत्व में असहयोग और सविनय अवज्ञा आंदोलनों तथा राष्ट्रव्यापी अहिंसक आंदोलनों की शुरूआत हो गयी।
  • 1930 के दशक के दौरान ब्रितानी कानूनों में धीरे-धीरे सुधार जारी रहे; परिणामी चुनावों में कांग्रेस ने जीत दर्ज की।
  • अगला दशक काफी राजनीतिक उथल पुथल वाला रहा: द्वितीय विश्व युद्ध में भारत की सहभागिता, कांग्रेस द्वारा असहयोग का अन्तिम फैसला और अखिल भारतीय मुस्लिम लीग द्वारा मुस्लिम राष्ट्रवादका उदय।
  • 1947 में स्वतंत्रता के समय तक राजनीतिक तनाव बढ़ता गया।
  • 15 अगस्‍त 1947 को सुबह 11:00 बजे संघटक सभा ने भारत की स्‍वतंत्रता का समारोह आरंभ किया, जिसमें अधिकारों का हस्‍तांतरण किया गया। जैसे ही मध्‍यरात्रि की घड़ी आई भारत ने अपनी स्‍वतंत्रता हासिल की और एक स्‍वतंत्र राष्‍ट्र बन गया।

स्वतंत्रता से पहले स्वतंत्रता दिवस कब मनाया गया था 

  • 1929 लाहौर सत्र में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज घोषणा की और 26 जनवरी को स्वतंत्रता दिवस के रूप में घोषित किया। कांग्रेस ने भारत के लोगों से सविनय अवज्ञा करने के लिए स्वयं प्रतिज्ञा करने व पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्ति तक समय-समय पर जारी किए गए कांग्रेस के निर्देशों का पालन करने के लिए कहा।

स्वतंत्रता दिवस पर भाषण (Speech on Indepandence Day)

मित्रों, आज हम आज़ादी के पावन महोत्सव को मनाने के लिये एकत्रित हुये हैं। आज हम तिरंगे को और उत्तंग ऊँचाई पर स्वच्छन्दता से फहराने के लिये एकत्रित हुये हैं। आज हम अपने अमर शहीदों की महान शहादत को नमन करने के लिये एकत्रित हुये हैं।

दोस्तों 15 अगस्त 1947 का दिन भारत के लिए एक गोरवशाली दिन हैं सैकड़ो वर्षों से अंग्रेजों की गुलामी से झुझ रहे हिंदुस्तान को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी | इसलिय हर वर्ष इस दिन को आजादी दिवश के रूप मैं मनाया जाता हैं | भारत को एक स्वतंत्र और आजाद भारत बनाने के लिय हमारे महान नेताओं और वीरों ने न जाने कितना कठिन संघर्ष किया कितनी जानें दी उसको हम अपने शब्दों मैं बयाँ नहीं कर सकते | 100 साल की लम्बी लड़ाई लड़ने के बाद हमे आजादी मिली

15 अगस्त 1947 को लाल किले पर भारत के प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने सबसे पहले झंडा फहराया था। उसी जगह पर हरेक साल 15 अगस्त को झंडा फहराने का परंपरा अभी भी कायम है। आज भी दिल्ली के लालकिले में प्रधानमंत्री द्वारा 15 अगस्त को झंडा फहराया जाता है और बहुत सारे सांस्कृतिक कार्यक्रम किए जाते हैं। प्रधानमंत्री उस दिन लोगों को संबोधित भी करते हैं।

इस दिन पूरे भारत में विभिन्न संस्थाओं, स्कूलों, कॉलेजों और अन्य महत्वपूर्ण जगह पर लोग झंडा फहराते हैं। भारत के लोग इस दिन भारत को आजादी दिलाने में शहीद हुए लोगों को याद करते हैं और उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं। 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाने से भारत के लोग देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत हो जाते हैं और वह देश की सेवा के लिए आगे बढ़ते हैं।

स्वतंत्रता दिवस भारत के लोगों में एकता लाने के लिए एक महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। इस त्योहार से लोग देश की उन्नति के लिए और ज्यादा प्रयास करते हैं और इससे भारत के विकास को एक नई ताकत मिलती है।

मित्रों, आज़ादी बड़ी ही अमूल्य है। देश की सम्प्रुभता, अखंडता और निज़ता को बनाये रखने के लिये हमारे वीर शहीदों ने अपने जीवन को न्योछावर कर दिया। हमारी पीढ़ी ने आज़ादी की कोई कीमत नही चुकाई है इसलिये हम इसका महत्व नही समझ रहे। हमको अपना नज़रिया बड़ा रखना होगा। हमें देश को आंगे ले जाने के बारे में सोचना होगा। देश को संगठित हो कर मज़बूत बनाना होगा।

धन्य हैं वो वीर शहीद जिन्होंने अपने परिवार और अपने बच्चों की परवाह किये बिना सदा सदा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया |धन्य हैं वो माँ जिसने एसे वीर सपूत को जन्म दिया,धन्य हैं उस देश की धरती जिसकी माटी मैं एसे वीर पैदा हुए |

स्वतंत्रता दिवस पर स्‍वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू का प्रसिद्द भाषण (Jawahar Lal Nehru Speech on Indepandence Day)

  • कई सालों पहले, हमने नियति से एक वादा किया था, और अब समय आ गया है कि हम अपना वादा निभायें, पूरी तरह न सही पर बहुत हद तक तो निभायें।
  • आधी रात के समय, जब दुनिया सो रही होगी, भारत जीवन और स्वतंत्रता के लिए जाग जाएगा। ऐसा क्षण आता है, मगर इतिहास में विरले ही आता है, जब हम पुराने से बाहर निकल नए युग में कदम रखते हैं, जब एक युग समाप्त हो जाता है, जब एक देश की लम्बे समय से दबी हुई आत्मा मुक्त होती है।
  • यह संयोग ही है कि इस पवित्र अवसर पर हम भारत और उसके लोगों की सेवा करने के लिए तथा सबसे बढ़कर मानवता की सेवा करने के लिए समर्पित होने की प्रतिज्ञा कर रहे हैं।
  • आज हम दुर्भाग्य के एक युग को समाप्त कर रहे हैं और भारत पुनः स्वयं को खोज पा रहा है। आज हम जिस उपलब्धि का उत्सव मना रहे हैं, वो केवल एक क़दम है, नए अवसरों के खुलने का।
  • इससे भी बड़ी विजय और उपलब्धियां हमारी प्रतीक्षा कर रही हैं। भारत की सेवा का अर्थ है लाखों-करोड़ों पीड़ितों की सेवा करना। इसका अर्थ है निर्धनता, अज्ञानता, और अवसर की असमानता मिटाना।
  • हमारी पीढ़ी के सबसे महान व्यक्ति की यही इच्छा है कि हर आँख से आंसू मिटे। संभवतः ये हमारे लिए संभव न हो पर जब तक लोगों कि आंखों में आंसू हैं, तब तक हमारा कार्य समाप्त नहीं होगा।
  • आज एक बार फिर वर्षों के संघर्ष के बाद, भारत जागृत और स्वतंत्र है। भविष्य हमें बुला रहा है। हमें कहाँ जाना चाहिए और हमें क्या करना चाहिए, जिससे हम आम आदमी, किसानों और श्रमिकों के लिए स्वतंत्रता और अवसर ला सकें, हम निर्धनता मिटा, एक समृद्ध, लोकतान्त्रिक और प्रगतिशील देश बना सकें।
  • हम ऐसी सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक संस्थाओं को बना सकें जो प्रत्येक स्त्री-पुरुष के लिए जीवन की परिपूर्णता और न्याय सुनिश्चित कर सके? कोई भी देश तब तक महान नहीं बन सकता जब तक उसके लोगों की सोच या कर्म संकीर्ण हैं। — ट्रिस्ट विद डेस्टिनी भाषण के अंश, जवाहरलाल नेहरू

स्वतंत्रता दिवस पर कविता (Poem on Indepandence Day)

हाँ मैं इस देश का वासी हूँ (आँचल वर्मा की कविता)

हाँ मैं इस देश का वासी हूँ, इस माटी का क़र्ज़ चुकाऊंगा
जीने का दम रखता हूँ, तो इस के लिए मरकर भी दिखलाऊंगा ।।
नज़र उठा के देखना, ऐ दुश्मन मेरे देश को
मरूँगा मैं जरूर पर… तुझे मार कर हीं मरूँगा ।।
कसम मुझे इस माटी की, कुछ ऐसा मैं कर जाऊंगा
हाँ मैं इस देश का वासी हूँ, इस माटी का क़र्ज़ चुकाऊंगा ।।
आशिक़ तुझे मिले होंगे बहुत, पर मैं ऐसा कहलाऊंगा
सनम होगा मेरा वतन और मैं दीवाना कहलाऊंगा ।।
माया में फंसकर तो मरता हीं है हर कोई
पर तिरंगे को कफ़न बना कर मैं शहीद कहलाऊंगा ।।
हाँ इस देश का वासी हूँ, इस माटी का क़र्ज़ चुकाऊंगा ।
मेरे हौसले न तोड़ पाओगे तुम, क्योंकि मेरी शहादत हीं अब मेरा धर्म है ।।
सीमा पर डटकर खड़ा हूँ, क्योंकि ये मेरा वतन है
ऐ मेरे देश के नौजवानों अब आंसू न बहाओ तुम ।।
सेनानियों की शाहदत का अब कर्ज चुकाओ तुम
हासिल करो विश्वास तुम, करो देश के दर्द का एहसास तुम ।।
सपना हो हिन्द का सच, दुश्मनों का करो विनाश तुम
उठो तुम भी और मेरे साथ कहो, कुछ ऐसा मैं भी कर जाऊंगा ।।
हाँ इस देश का वासी हूँ, इस माटी का क़र्ज़ चुकाऊंगा
ऐ देश के दुश्मनों ठहर जाओ…. संभल जाओ ।।
मैं इस देश का वासी हूँ, अब चुप नहीं रह जाऊंगा
आंच आई मेरे देश पर तो खून मैं बहा दूंगा ।।
क्योंकि अब बहुत हुआ, अब मैं चुप नहीं रह जाऊंगा
हाँ इस देश का वासी हूँ, इस माटी का क़र्ज़ चुकाऊंगा ।।
खून खौलता है मेरा, जब वतन पर कोई आंच आती है
कतरा कतरा बहा दूंगा, फिर दिल से आवाज आती है ।।
इस माटी का बेटा हूँ मैं, इस माटी में ही मिल जाऊंगा
आँख उठा के देखे कोई, सबको मार गिराऊंगा ।।
भारत का मैं वासी हूँ, अब चुप नहीं रह पाउँगा
अब चुप नहीं रह पाउँगा, अब चुप नहीं रह पाउँगा ।।

स्वतंत्रता दिवस पर अनमोल वचन (Anmol Vachan/Quotes/Slogans on Indepandence Day in Hindi)


  1. तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा। -सुभाष चंद्र बोस
  2. राख का हर एक कण मेरी गर्मी से गतिमान है। मैं एक ऐसा पागल हूं, जो जेल में भी आज़ाद है। -भगत सिंह
  3. यदि बहरों को सुनना है, तो आवाज़ को बहुत ज़ोरदार होना होगा। जब हमने बम गिराया तो हमारा धेय्य किसी को मारना नहीं था, हमने अंग्रेजी हुकूमत पर बम गिराया था। अंग्रेजों को भारत छोड़ना चाहिए और उसे आज़ाद करना चहिये। -भगत सिंह
  4. हम आज़ादी तभी पाते हैं, जब अपने जीवित रहने के अध‍िकार का पूरा मूल्य चुका देते हैं। -रवींद्र नाथ टैगोर
  5. आज़ादी का मार्ग फूलों की सेज नहीं है। इस पथ पर कांटे बिछे हैं, लेकिन इसके अंत में आज़ादी का पूर्ण विकसित फूल, आने वाले थके यात्री की प्रतीक्षा करता है। -सुभाष चंद्र बोस
  6. स्वतंत्रता हमारा जन्म-सिद्ध अध‍िकार है। -लोकमान्य तिलक
  7. स्वतंत्रता जन्म-सिद्ध हक़ नहीं, कर्म-सिद्ध हक़ है। -विनोबा भावे
  8. स्वतंत्रता का मूल्य निरंतर सावधानी है। -जे.पी. कुरन
  9. स्वतंत्रता की के विजय-नाद एक दिन में नहीं प्राप्त किये जाते, क्योंकि स्वतंत्रता की देवी बड़ी कठिनाई से संतुष्ट और तृप्त होती है। वह भक्तों की कठोर एवं दीर्घकालव्यापी तपस्या चाहती है और परीक्षा लेती है। -सुरेन्द्रनाथ बनर्जी
  10. बम और पिस्तौलों से कोई क्रांति नहीं आती। क्रांति की तलवार विचारों की सान पर तेज की जाती है।- भगत सिंह
  11. उस आजादी का कोई फायदा नहीं है जिसमें गलतियां करने की आजादी न हो।- महात्मा गांधी
  12. मैं आपको हिंसा नहीं सिखा सकता, क्योंकि मैं इसमें खुद विश्वास नहीं रखता। मैं आपको सिर्फ यह सिखा सकता हूं कि कैसे अपने जीवन की कीमत पर भी किसी के सामने सिर झुकाया जाए।- महात्मा गांधी
  13. जब तक आप सामाजिक स्तर पर स्वतंत्रता प्राप्त नहीं कर पाते हैं, तब तक कानून द्वारा दी गई स्वतंत्रता आपके किसी मतलब की नहीं है।- बीआर अंबेडकर
  14. किसी लोकतंत्र में हरेक नागरिक की वैयक्तिकता, कल्याण और खुशी किसी राष्ट्र की खुशी, शांति और समृद्धि के लिए जरूरी होती है।- एपीजे अब्दुल कलाम
  15. भारत के हरेक नागरिक को यह याद रखना चाहिए कि वह एक भारतीय है और उसे इस देश में हरेक अधिकार प्राप्त है लेकिन कुछ निश्चित कर्त्तव्यों के साथ।- सरदार वल्लभभाई पटेल
  16. अगर अब भी तुम्हारा खून नहीं खौलता है, तो इसका मतलब है कि तुम्हारी नसों में पानी बह रहा है। जो मातृभूमि के काम न आ सके, ऐसे यौवन का क्या फायदा। -चंद्रशेखर आजाद
  17. राष्ट्रवाद मानव जाति के उच्चतम आदर्शों सत्यम्, शिवम्, सुन्दरम् से प्रेरित है।- नेताजी सुभाष चंद्र बोस
  18. आपको मानवता पर भरोसा नहीं खोना चाहिए। मानवता एक समुद्र है और अगर समुद्र की कुछ बूंदें मैली हो जाएं, तो समुद्र मैला नहीं हो जाता।- महात्मा गांधी

स्वतंत्रता दिवस पर सवाल जवाब (Question – Answer on Indepandance Day)

प्रश्न: हम हर 15 अगस्त को क्या मनाते हैं?
उत्तर: भारतीय स्वतंत्रता दिवस

प्रश्न: किस देश से भारत को स्वतंत्रता मिली।
उत्तर: ब्रिटेन

प्रश्न: ब्रिटेन ने कितने साल भारत पर शासन किया?
उत्तर: लगभग 200 साल

प्रश्न: भारतीय स्वतंत्रता के लिए भारतीय राष्ट्रीय सेना किसने बनाई?
उत्तर: नेताजी सुभाषचंद्र बोस

प्रश्न: भारत छोड़ो आंदोलन किसने किया?
उत्तर: मोहनदास करमचंद गांधी

प्रश्न: जब तक भारत ताज के डोमिनियन बने रहे?
उत्तर: 26 जनवरी 1950 तक

प्रश्न: ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन के खिलाफ पहला विद्रोह कब हुआ था?
उत्तर: 1857 मेरठ, उत्तर भारत में।

प्रश्न: मंगल पांडे कौन था?
उत्तर: अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी के बंगाल मूल इन्फैंट्री (बीएनआई) की 34 वीं रेजिमेंट में मंगल पांडे एक सिपाही (en.soldier) था। वह 1857 के विद्रोह में मुख्य व्यक्ति थे, जिन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन शुरू किया था।

प्रश्न: भारत का अंतिम सम्राट कौन था?
उत्तर: मुगल सम्राट बहादुर शाह द्वितीय

प्रश्न: अंग्रेजों के साथ लड़ने में झांज़ी की रानी रानी लक्ष्मी बाई कब और कहाँ मारे गए थे?

प्रश्न: जब भारत सरकार अधिनियम भारत में पारित किया गया था?
उत्तर: भारत सरकार अधिनियम 1858

प्रश्न: सबसे पहले स्वराज को किसने गले लगाया?
उत्तर: बाल गंगाधर तिलक

प्रश्न: जब बंगाल का विभाजन हुआ?
उत्तर: 1905

प्रश्न: जब महात्मा गांधी का जन्म हुआ था?
उत्तर: 2 अक्टूबर 1869

प्रश्न: भारत आने से पहले महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका में क्या कर रहे थे?
उत्तर: एक प्रवासी वकील के रूप में अहिंसक नागरिक अवज्ञा को नियोजित किया गया।

प्रश्न: सत्याग्रह किसने शुरू किया?
उत्तर: महात्मा गांधी

प्रश्न: सत्याग्रह क्या है?
उत्तर: सत्याग्रह व्यापक समग्र श्रेणी के भीतर एक विशेष दर्शन और अभ्यास है जिसे आम तौर पर अहिंसक प्रतिरोध या नागरिक प्रतिरोध के रूप में जाना जाता है। [विकिपीडिया से]

प्रश्न: गांधी को महात्मा का खिताब किसने दिया?
उत्तर: रवींद्रनाथ टैगोर

प्रश्न: राष्ट्र का जनक कौन है?
उत्तर: महात्मा गांधी

प्रश्न: राष्ट्र का जनक कौन है?
उत्तर: महात्मा गांधी

प्रश्न: जहां जालियावाला बाग नरसंहार हुआ था?
उत्तर: अमृतसर

प्रश्न: जब जल्लीयानवाला बाग नरसंहार हुआ?
उत्तर: 13 अप्रैल, 1919

प्रश्न: जलियाँ वाला बाग नरसंहार का आदेश किसने किया?
उत्तर: ब्रिगेडियर-जनरल रेजिनाल्ड डायर

प्रश्न: जब भारत में पहला असहयोग आंदोलन शुरू हुआ?
उत्तर: सितंबर 1 9 20

प्रश्न: जब नमक मार्च और नागरिक अवज्ञा शुरू हुई?
उत्तर: 11 मार्च और 6 अप्रैल 1 9 30

प्रश्न: नमक मार्च और नागरिक अवज्ञा किसने शुरू की?
उत्तर: गांधी

प्रश्न: जब भारत छोड़ो आंदोलन शुरू किया गया था?
उत्तर: अगस्त 1 9 42

प्रश्न: सुभाष चंद्र बोस कौन थे?
उत्तर: सुभाष चंद्र बोस एक भारतीय क्रांतिकारी थे जिन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटेन और पश्चिमी शक्तियों के खिलाफ एक भारतीय राष्ट्रीय राजनीतिक और सैन्य बल का नेतृत्व किया था।

प्रश्न: किसके मशहूर आदर्श वाक्य थे: “मुझे खून दो और मैं आपको स्वतंत्रता दूंगा”?
उत्तर: सुभाष चंद्र बोस

प्रश्न: आजाद हिंद फौज किसने बनाया?
उत्तर: सुभाष चंद्र बोस

प्रश्न: जब भारत को आजादी मिली?
उत्तर: 15 अगस्त 1947

प्रश्न: भारत का अंतिम गवर्नर जनरल कौन था?
उत्तर: सी राजगोपालाचारी

प्रश्न: जब भारत गणराज्य को आधिकारिक तौर पर घोषित किया गया था?
उत्तर: 26 जनवरी 1950

प्रश्न: भारत का पहला राष्ट्रपति कौन थे?
उत्तर: डॉ राजेंद्र प्रसाद

प्रश्न: भगत सिंह कौन थे?
उत्तर: भगत सिंह एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्हें भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के सबसे प्रभावशाली क्रांतिकारियों में से एक माना जाता था।

प्रश्न: राजा राम मोहन रॉय कौन थे?
उत्तर: राजा राम मोहन रॉय एक भारतीय धार्मिक, सामाजिक और शैक्षणिक सुधारक थे जिन्होंने परंपरागत हिंदू संस्कृति को चुनौती दी और ब्रिटिश शासन के तहत भारतीय समाज के लिए प्रगति की रेखाओं का संकेत दिया।

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