अजन्ता, एलोरा के बारे में विशेष जानकारी

अजन्ता गुफा

  • अजन्ता की गुफाएँ महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में बाघोर नदी के किनारे स्थित है।
  • अजंता में कुल 30 गुफाएँ बनी हुई है ।
  • घोड़े की नाल के आकार (अर्द्धवृत्ताकार) की ये गुफाएँ वगुर्ना नदी घाटी के बाएँ छोर पर एक आग्नेय चट्टान को काटकर बनाई गई हैं।
  • अजन्ता की गुफाएँ केवल बौद्ध धर्म से सम्बन्धित है।
  • अजन्ता की गुफा में बुद्ध के पूर्व जन्म की कहानियों को जातक कहानियों के माध्यम से चित्रित किया गया है।
  • गुफाओं की दीवारों तथा छतों पर बनाए गए चित्रों में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण चित्र जातक कथाओं (बुद्ध) से जुड़ा हुआ है।
  • अजन्ता गुफाओं से सातवाहन वंश से लेकर चालुक्य काल तक विकास के प्रमाण प्राप्त होते है।
  • अजंता की गुफा संख्या 9 और 10 में प्राचीनतम चित्रकलाएँ हैं जिनकी समानता अमरावती की मूर्तिकला और सातवाहन काल की मानव आकृतियों की वेशभूषा, आभूषणों तथा जातीय विशेषताओं से है।
  • अजन्ता के चित्रों की महत्त्वपूर्ण खासियत यह है कि समान विषय होने पर भी चित्रों की पुनरावृत्ति नहीं की गयी है।
  • गुफा संख्या 16&17 के चित्र पाँचवी सदी के दौरान बने हैं, इनमें आंध्र और वाकाटक शासकों की चर्चा भी है।
  • 16वीं गुफा में सर्वश्रेष्ठ चित्र मरणासन्न राजकुमारी तथा महात्मा बुद्ध के उपदेश का है।
  • गुफा संख्या 1, 2 और 5 के चित्र पाँचवी सदी से छठी सदी में यानी सबसे बाद में बने।
  • अजन्ता की गुफा न0 16 से मरणासन्न राजकुमारी का चित्र मिलता है।
  • अजन्ता चित्रों को मुख्यतः फ्रेस्को तकनीकी विधियों से बनाया गया है।
  • अजन्ता की गुफा की खोज जॉन स्मिथ व विलियम एसिर्कन ने की थी।

एलोरा गुफा

  • एलोरा की गुफाएँ महाराष्ट्र के औरंगाबाद में स्थित है।
  • इसे मराठी में वेरूललेणी या वेरूल की गुफाएँ कहते हैं जो अजंता की गुफाओं से मात्र 9 किलोमीटर दूर हैं।
  • यह भारत के तीनों प्राचीन धर्मों (हिन्दू, जैन एवं बौद्ध) से जुड़ा हुआ है।
  • धार्मिक चित्रों के साथ-साथ यहाँ प्राकृतिक विषयों एवं लोक जीवन के चित्र भी चित्रित किए गए है।
  • यहाँ की गुफाओं में कैलाश, लंकेश्वर, इंद्र-सभा और गणेश के चित्र दीवारों पर मिलते हैं।
  • एलोरा गुफा में ब्राहमण धर्म के विषय के तहत शिव तथा नटराज, विष्णु के अवतार गरूण पर सवार लक्ष्मी नारायण के चित्र बने है।
  • एलोरा में रोजमर्रा से सम्बन्धित जीवन, आम स्त्री-पुरूषो को भी स्थान प्राप्त है।
  • एलोरा की चित्रकलाओं की सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण लाक्षणिक विशेषताएँ हैं- सिर को असाधारण रूप से मोड़ना, भुजाओं के कोणीय मोड़, गुप्त अंगों का अवतल मोड़, तीखी प्रक्षिप्त नाक और बड़े-बड़े नेत्र।
  • एलोरा की चित्रकला मध्यकालीन विशेषताओं का संकेत भी देती है।
  • एलोरा गुफाओं की संख्या 34 है।
  • एलोरा की गुफा-मंदिर सं. 32 में उड़ती हुई आकृतियों व बादलों का दृश्य अत्यंत सुन्दर है।

अजंता व एलोरा गुफाओ को वर्ष 1983 में यूनेस्को की विश्व विरासत स्थल सूची में शामिल किया गया था।