क्या है जी-20 समूह तथा ट्रोइका ?

जी-20 समूह

  • G-20 बीस देशों का एक समूह है, जिसका गठन सितंबर 1999 में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय स्थिरता को बनाए रखने के लिहाज़ से किया गया था।
  • G–20 ब्रेटन वुड्स संस्थागत प्रणाली की रूपरेखा के भीतर आने वाले अहम् देशों के बीच अनौपचारिक बातचीत और सहयोग को बढ़ावा देने का काम भी करता है।
  • G20 समूह का स्थायी सचिवालय या मुख्यालय नहीं होता है। 
  • 1997 के पहले एशियाई संकट के बाद दुनिया के कई देशों ने इसकी ज़रूरत महसूस की।
  • G-20 बैठक में सदस्य देशों के प्रमुखों के साथ वित्त मंत्रियों और सेंट्रल बैंक के गवर्नर्स की भी बैठक होती है। इस बैठक में मुख्य रूप से आर्थिक विषयों पर चर्चा होती है।
  • जी-20 में 19 देश और यूरोपियन यूनियन शामिल हैं।
  • एशिया के 7 देश चीन, जापान, भारत, इंडोनेशिया, सऊदी अरब,दक्षिण कोरिया और तुर्की शामिल हैं।
  • उत्तरी अमेरिका से USA, कनाडा और मैक्सिको
  • दक्षिण अमेरिका से ब्राजील आये अर्जेंटीना
  • अफ्रीका से एकमात्र देश दक्षिण अफ्रीका
  • यूरोपीय यूनियन के अलावा जर्मनी, फ्रांस, इटली, रूस, यूनाइटेड किंगडम
  • ऑस्ट्रेलिया।

ट्रोइका

  • ट्रोइका का अर्थ है एक साथ काम करने वाले तीन लोगों का समूह। यह एक अंग्रेजी शब्द है। 
  • G20 का ट्रोइका वर्तमान, अगले और तत्काल अतीत के मेजबान देशों से बना है। 
  • ट्रोइका निरंतरता सुनिश्चित करता है और अध्यक्ष पद का समर्थन प्रदान करता है।
  • G20 स्थायी कर्मचारी या सचिवालय के बिना काम करता है। 
  • वर्तमान अध्यक्ष अस्थायी रूप से सचिवालय की स्थापना करता है। यह सचिवालय बैठकें आयोजित करता है और समूह के कामकाज का समन्वय करता है। इस प्रकार, सचिवालय के साथ मदद करने के लिए ट्रोइका की आवश्यकता है ताकि G20 के कार्यों में निरंतरता बनी रहे।
  • भारत हाल ही में G20 ट्रोइका में शामिल हुआ । G20 ट्रोइका इंडोनेशिया, भारत और इटली से बना है। यानी ट्रोइका वर्तमान अध्यक्ष इंडोनेशिया; पिछले अध्यक्ष इटली और भविष्य के अध्यक्ष भारत से बना है।