क्या है ट्राइफेड (TRIFED) तथा उसके कार्य?

ट्राइफेड (TRIFED)

  • TRIFED का गठन वर्ष 1987 में जनजातीय कार्य मंत्रालय के तत्त्वावधान में राष्ट्रीय नोडल एजेंसी के रूप में किया गया।
  • इसे बहु-राज्य सहकारी समिति अधिनियम, 1984 (Multi-State Cooperative Societies Act) के तहत पंजीकृत गया था।
  • TRIFED) का विस्तार रूप भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास परिसंघ (Tribal Cooperative Marketing Development Federation of India) है। 
  • TRIFED जनजातीय मामलों के मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत एक राष्ट्रीय स्तर की शीर्ष संस्था है। 
  • TRIFED का अपना प्रधान कार्यालय नई दिल्ली में स्थित है और देश में विभिन्न स्थानों पर स्थित 15 क्षेत्रीय कार्यालयों का एक नेटवर्क है।
  • इसका उद्देश्य लघु वनोत्पादों तथा अधिशेष कृषि उत्पादों के व्यापार को संस्थागत रूप से एकत्रित / संवर्धित करके देश के आदिवासियों के सामाजिक-आर्थिक विकास में सहायता करना है।

प्रमुख कार्य

  • यह आदिवासियों की कार्य-प्रणालियों को ज्ञान और उपकरणों के माध्यम से व्यवस्थित और वैज्ञानिक तरीके से बेहतर बनाता है
  • यह आदिवासियों के विपणन दृष्टिकोण को विकसित करने में उनकी सहायता करता है।
  • TRIFED, संधारणीय बाजार का सृजन करने और सेवा प्रदाता दोनों की दोहरी भूमिका निभाता है।
  • यह जागरूकता तथा स्वयं सहायता समूहों के गठन के माध्यम से आदिवासियों की क्षमता निर्माण के लिए सक्रिय रूप से कार्यरत है।
  • संगठन, आदिवासियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में इनके उत्पादों के विपणन के लिए अवसरों की खोज तथा अवसरों के निर्माण करने में सहायता करता है।