क्या है तापी गैस पाइपलाइन परियोजना तथा उसका महत्त्व?

तापी गैस पाइपलाइन

  • तापी गैस परियोजना तुर्कमेनिस्तान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और भारत के मध्य की योजना है I
  • तापी गैस पाइपलाइन 1,814 किमी. की प्राकृतिक गैस पाइपलाइन हैI
  • इस परियोजना को ‘पीस पाइपलाइन‘ परियोजना भी कहा जाता है।
  • इस परियोजना द्वारा प्रतिवर्ष 3.2 अरब घन क्यूबिक फीट प्राकृतिक गैस की आपूर्ति चारों देशों में की जा सकती है I
  • इस परियोजना का निर्माण एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) के आर्थिक सहायता के माध्यम किया जा रहा है।
  • यह गैस पाइपलाइन गलकीनाइश (तुर्कमेनिस्तान ) तेल क्षेत्र से प्रारंभ होकर हेरात व कंधार (अफगानिस्तान ) तथा क्वेटा व मुल्तान (पाकिस्तान) से होते हुए भारत के पंजाब प्रान्त तक जायेगी I
  • भारत में पंजाब की सीमा तक इसकी लंबाई लगभग 1700 किलोमीटर की होगी।
  • इस परियोजना को TAPI पाइपलाइन कंपनी द्वारा विकसित किया जा रहा है
  • TAPI पाइपलाइन कंपनी चार अलग-अलग राज्यों के स्वामित्व वाली गैस कंपनियों [ तुर्कमेन्गज (तुर्कमेनिस्तान), अफगान गैस (अफगानिस्तान), अंतर-राज्यीय गैस सेवा (पाकिस्तान) और गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया तथा इंडियन ऑयल (भारत)] का एक संघ है।
  • पाइपलाइन के विकास के लिये चार देशों ने दिसंबर 2010 में अंतर-सरकारी समझौते (IGA) और गैस पाइपलाइन फ्रेमवर्क समझौते (GPFA) पर हस्ताक्षर किये।

महत्त्व

  • यह परियोजना ऊर्जा समस्या से जूझ रहे दक्षिण एशिया के लिये भी पथ-प्रदर्शक साबित होगी।
  • भारत, अफगानिस्तान, पाकिस्तान जैसे देशों की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में इस पाइपलाइन की महत्त्वपूर्ण भूमिका होगी।
  • इस पाइपलाइन द्वारा भारत के बिजली संयंत्रों को गैस की आपूर्ति की जाएगी।
  • यह योजना न सिर्फ ऊर्जा सुरक्षा के आधुनिक ढाँचे का एक हिस्सा है अपितु भविष्य में एशियाई क्षेत्र में आर्थिक एवं सामाजिक स्थिरता का वाहक भी होगी।
  • तापी परियोजना मध्य एशिया में चीन के प्रभाव को भी संतुलित करेगी और भविष्य में रेल तथा सड़क कनेक्टीविटी को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
  • परियोजना में शामिल देशों के मध्य आर्थिक, सामरिक एवं अन्य मुद्दों पर भी सहयोग की संभावनाएं भी बढेंगी।