पिंडारियों का दमन

  • 18वीं एवं 19वीं शताब्दी में ये लोग सिर्फ लूट-मार करते थे।
  • पानीपत के तीसरे युद्ध के पश्चात ये लोग मालवा में बस गये तथा सिंधिया, होल्कर एवं निजाम के सहायक सैनिक बन गए।
  • 1794 ई० में सिंधिया ने इन्हें नर्मदा घाटी में एक जागीर भी प्रदान कर दी। जिसका उन्होंने शीघ्र विस्तार किया।
  • 19वीं शताब्दी के आरंभिक वर्षों में चीतू, वासिल मुहम्मद एवं करीम पिंडारियों के प्रमुख नेता थे।
  • पिंडारियों ने अंग्रेजों के अधीन मिरजापुर तथा शाहाबाद जिलों पर 1812 ई० में आक्रमण किया।
  • उन्होंने, 1815 ई० में निजाम के प्रदेश एवं 1816 ई० में उत्तरी सरकारों को लूटा।
  • 1817 ई० में लॉर्ड हेस्टिंग्स (तत्कालीन गवर्नर जेनरल) ने दमनात्मक कार्रवायी आरंभ करवाई।
  • 1824 ई० में पिंडारियों का पूर्णरूपेण सफाया हो गया।