क्या है राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो(NCRB) और उसके कार्य?

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो(NCRB)

  • NCRB की स्थापना केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्गत वर्ष 1986 में की गई थी।
  • NCRB का उद्देश्य भारतीय पुलिस में कानून व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिये पुलिस तंत्र को सूचना प्रौद्योगिकी समाधान और आपराधिक गुप्त सूचनाएँ प्रदान करके समर्थ बनाना है।
  • राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की स्थापना टंडन समिति, राष्ट्रीय पुलिस कमीशन (1977-1981) तथा गृह-मंत्रालय के टास्क फोर्स की सिफ़ारिश के आधार पर स्थापित किया गया था।
  • NCRB की स्थापना अपराध और अपराधियों की सूचना के संग्रह एवं रख-रखाव के रूप में कार्य करने हेतु गई थी जिससे कि अपराध को अपराधियों से जोड़ने में सहायता मिल सके।
  • NCRB देश भर में अपराध के वार्षिक व्यापक आँकड़े (‘भारत में अपराध’ रिपोर्ट) एकत्रित करता है।
  • वर्ष 1953 से प्रकाशित होने के बाद यह रिपोर्ट देश भर में कानून और व्यवस्था की स्थिति को समझने में एक महत्त्वपूर्ण उपकरण के रूप में कार्य करती है।

कार्य

  • वर्ष 2009 में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो को अपराध एवं अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम (सीसीटीएनएस) परियोजना की मॉनिटरिंग, समन्वय तथा कार्यान्वयन की ज़िम्मेदारी सौंपी गई। इससे पुलिस कर्मी सीसीटीएनएस डेटाबेस से अपराधी / संदिग्ध की तलाश कर सकते हैं।
  • ब्यूरो को यौन अपराधियों के राष्ट्रीय डाटाबेस (एनडीएसओ) की देख-रेख तथा इसे नियमित रूप से राज्यों/संघ प्रदेशों से साझा करने की ज़िम्मेदारी भी सौंपी गई है।
  • ‘ऑनलाइन साइबर अपराध सूचना पोर्टल’ की तकनीकी एवं परिचालन प्रक्रिया की देख-रेख के लिए भी ब्यूरो को नामित किया गया है जिसके माध्यम से कोई भी नागरिक बच्चों से संबन्धित अश्लील बातें, बलात्संग, सामूहिक बलात्संग की शिकायत दर्ज कर सकता है एवं साक्ष्य के तौर पर विडियो क्लिप अपलोड कर सकता है।
  • ब्यूरो ने साइबरक्राइम जांच तथा अभियोजन में विभिन्न हितधारकों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण पोर्टल साईट्रेन की भी शुरूवात की है।
  • ब्‍यूरो जाली मुद्रा की सूचना एवं प्रबंधन प्रणाली (FICN) तथा आतंकवाद पर इंटीग्रेटेड मॉनिटरिंग एप्लीकेशन का भी रखरखाव करता है।
  • ब्‍यूरो ‘क्राइम इन इंडिया’, दुर्घटनात्‍मक मृत्यु तथा आत्महत्या’ एवं ‘जेल सांख्यिकी’ जैसी सूचनाओं का संकलन तथा प्रकाशन भी करता है।
  • ब्यूरो दिल्ली एवं कोलकाता स्थित प्रशिक्षण केन्द्रों तथा हैदराबाद, गांधीनगर, लखनऊ तथा कोलकाता स्थित चार क्षेत्रीय पुलिस कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्रों के माध्यम से सूचना प्रौद्योगिकी, सीसीटीएनएस, फिंगरप्रिंट, नेटवर्क सुरक्षा तथा डिजिटल फोरेंसिक के क्षेत्र में क्षमता विकसित करने में भी विभिन्न राज्यों की सहायता करता है।