क्या है शंघाई सहयोग संगठन(SCO)

शंघाई सहयोग संगठन(SCO)

  • SCO एक अंतर सरकारी स्थायी अंतर्राष्ट्रीय संगठन है।
  • इसकी स्थापना 15 जून, 2001 को शंघाई में हुई थी।
  • SCO चार्टर वर्ष 2002 में हस्ताक्षरित किया गया था और इसे वर्ष 2003 में लागू किया गया था।
  • यह चार्टर एक संवैधानिक दस्तावेज है जो संगठन के लक्ष्यों व सिद्धांतों आदि के साथ इसकी संरचना तथा प्रमुख गतिविधियों को रेखांकित करता है।
  • यह एक यूरेशियाई राजनीतिक, आर्थिक और सैन्य संगठन है ।
  • SCO का लक्ष्य इस क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखना है।
  • SCO को उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (NATO) के समकक्ष के रूप में भी जाना जाता है
  • रूसी और चीनी SCO की आधिकारिक भाषाएँ हैं।
  • SCO सचिवालय बीजिंग में स्थित है।
  • क्षेत्रीय आतंकवाद विरोधी संरचना (Regional Anti-Terrorist Structure- RATS) की कार्यकारी समिति, ताशकंद में स्थित है।
  • SCO की अध्यक्षता सदस्य देशों द्वारा बारी-बारी से एक वर्ष के लिये की जाती है।

उत्पत्ति

  • वर्ष 2001 में SCO की स्थापना से पूर्व कज़ाकिस्तान, चीन, किर्गिस्तान, रूस और ताजिकिस्तान ‘शंघाई-5’ नामक संगठन के सदस्य थे।
  • वर्ष 1996 में ‘शंघाई-5’ का गठन विसैन्यीकरण वार्ता की श्रृंखलाओं से हुआ था, जो चीन के साथ चार पूर्व सोवियत गणराज्यों ने सीमाओं पर स्थिरता के लिये किया था।
  • वर्ष 2001 में उज़्बेकिस्तान के संगठन में शामिल होने के बाद, शंघाई फाइव का नाम बदलकर शंघाई सहयोग संगठन (SCO) कर दिया गया।
  • वर्ष 2017 में भारत तथा पाकिस्तान को इसके सदस्य का दर्जा मिला।
  • ईरान SCO का नौवाँ और सबसे नया सदस्य है।

सदस्य देश

  • वर्तमान मेंSCO के आठ सदस्य देश- रूस, चीन, भारत, पाकिस्तान और चार केंद्रीय एशियाई देश (कजाकिस्तान, किर्गिज़स्तान, तजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान) शामिल है।

पर्यवेक्षक देश

  • SCO के पर्यवेक्षक देश के रूप में मंगोलिया, ईरान, अफगानिस्तान ओर बेलारूस शामिल है।

वार्ता साझेदार देश

  • अज़रबैजान, आर्मेनिया, कंबोडिया, नेपाल, तुर्की और श्रीलंका इस संगठन के वार्ता साझेदार देश हैं।

SCO के लक्ष्य

  • सदस्य देशों में परस्पर विश्वास तथा सद्भाव को मजबूत करना।
  • राजनैतिक व्यापार एवं अर्थव्यवस्था, अनुसंधान व प्रौद्योगिकी में सहयोग को बढ़ावा देना।
  • शिक्षा, ऊर्जा, परिवहन, पर्यटन, पर्यावरण संक्षरण में सहयोग को बढ़ाना।
  • क्षेत्र में शांति, सुरक्षा व स्थिरता बनाये रखना।

SCO का ढांचा

राष्ट्र प्रमुखों की परिषद

  •  यह SCO का सर्वोच्च निकाय है जो अन्य राष्ट्रों एवं अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ अपनी आंतरिक गतिविधियों के माध्यम से तथा बातचीत कर अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार करती है।

शासन प्रमुखों की परिषद

  • SCO के अंतर्गत आर्थिक क्षेत्रों से संबंधित मुद्दों पर वार्ता कर निर्णय लेती है तथा संगठन के बजट को मंज़ूरी देती है।

विदेश मंत्रियों की परिषद

  • यह दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों से संबंधित मुद्दों पर विचार करती है।

क्षेत्रीय आतंकवाद-रोधी संरचना (RATS)

  • आतंकवाद, अलगाववाद, पृथकतावाद, उग्रवाद तथा चरमपंथ से निपटने के मामले देखता है।इसकी की कार्यकारी समिति, ताशकंद में स्थित है।

शंघाई सहयोग संगठन सचिवालय

  •  यह सूचनात्मक, विश्लेषणात्मक तथा संगठनात्मक सहायता प्रदान करने हेतु बीजिंग में अवस्थित है।