स्वतन्त्रता आंदोलन का प्रथम चरण

प्रथम चरण (1885-1905 ई०)

  • इस काल को उदारवादी राष्ट्रीयता का युग भी कहा गया है !
  • कांग्रेस की स्थापना के बाद, अगले 20 वर्षों तक उसको नीति अत्यंत उदार थी। इसे बाद के उग्रपंथी नेताओं ने राजनीतिक भिक्षावृत्ति (Political Mendicancy) कहा।
  • 1888 ई० में दादा भाई नौरोजी ने विलियम डिग्बोई की अध्यक्षता में इंडियन एजेंसी की स्थापना की।
  • दादा भाई नौरोजी, ए० ओ० ह्यूम, एवं वेडरबर्न जैसे नेता कांग्रेस की मांगों का इंगलैंड में प्रचार करने के पक्ष में थे। इस उद्देश्य से लंदन में भारतीय सुधार समिति की स्थापना की।
  • 1889 ई० में कांग्रेस की ब्रिटिश शाखा ब्रिटिश समिति बनी जिसने इंडिया नामक एक मासिक पत्रिका का प्रकाशन आरंभ किया जिसने भारतीय स्थितियों से इंगलैंड के जनमानस को परिचित कराया। 
  • 1890 ई० में कांग्रेस की ओर से प्रचार करने के उद्देश्य से एक प्रतिनिधिमंडल इंगलैंड भेजा गया। 
  • कांग्रेस द्वारा प्रांतीय परिषद एवं इम्पीरियल काउंसिल में कुछ परिवर्तन करने के मांग के फलस्वरूप इंडिया काउंसिल एक्ट 1892ई० पारित हुआ।
  • 18 फरवरी, 1905 को ‘लंदन’ में एक भारतीय श्यामजी कृष्ण वर्मा ने स्वतंत्रता के लिए कार्य करने के उद्देश्य से इंडिया हाउस की स्थापना की।